नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की नई पीरियड ड्रामा फिल्म 'रणबाली' इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म के रिलीज होते ही सिनेमाघरों के बाहर और सोशल मीडिया पर दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली। लेकिन यह भीड़ उत्साह से ज्यादा गुस्से और निराशा में बदल गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फिल्म के पब्लिक रिव्यूज लगातार सामने आ रहे हैं। आम दर्शकों से लेकर फिल्म प्रेमियों तक ने इस प्रोजेक्ट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
फिल्म के रिलीज से पहले मेकर्स ने इसका दमदार टीजर जारी किया था। टीजर में विजय देवरकोंडा एक योद्धा के रूप में नजर आए थे। उनके इस लुक को फैंस ने काफी पसंद भी किया था। इसके अलावा दोनों कलाकारों की उदयपुर में हुई शाही शादी के बाद यह उनकी पहली बड़ी फिल्म थी। इसलिए फैंस की उम्मीदें आसमान पर थीं। लेकिन जब पर्दा उठा और लोगों ने फिल्म देखना शुरू किया, तो उनका उत्साह जल्द ही निराशा में बदल गया। थिएटर्स से बाहर आ रहे दर्शकों ने कैमरे पर खुलकर अपनी भड़ास निकाली है।
सिनेमाघरों में दर्शकों का फूटा गुस्सा
थिएटर से बाहर आने वाले कई दर्शकों ने कैमरे पर साफ कहा कि यह फिल्म किसी टॉर्चर से कम नहीं है। सोशल मीडिया पर 'टॉर्चर है रणबाली' जैसे ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहे हैं। दर्शकों का कहना है कि फिल्म की कहानी में कोई दम नहीं है। इसके अलावा फिल्म की रफ्तार इतनी धीमी है कि दर्शक बोर हो जाते हैं। विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना जैसे बड़े कलाकारों के होने के बावजूद फिल्म स्क्रीन पर अपना जादू नहीं चला पाई। फैंस का कहना है कि उन्होंने फिल्म से बहुत उम्मीदें लगाई थीं, लेकिन उनका पैसा और समय दोनों बर्बाद हो गया।
फिल्म की कहानी और इसकी पटकथा पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। समीक्षकों और दर्शकों का मानना है कि ऐतिहासिक या पीरियड ड्रामा फिल्मों के लिए मजबूत रिसर्च की जरूरत होती है। लेकिन 'रणबाली' इस मोर्चे पर पूरी तरह फेल साबित हुई है। फिल्म के डायलॉग्स भी बहुत प्रभावी नहीं बन पाए। विजय देवरकोंडा के एक्शन सीन्स को छोड़कर बाकी पूरी फिल्म दर्शकों को थका देने वाली लगती है। रश्मिका मंदाना की एक्टिंग अच्छी होने के बावजूद उन्हें स्क्रीन पर ठीक से भुनाया नहीं गया है।
निजी जीवन की चर्चा के बीच बॉक्स ऑफिस पर झटका
यह फिल्म इसलिए भी खास चर्चा में थी क्योंकि कुछ समय पहले ही इस स्टार जोड़ी ने शाही अंदाज में शादी की थी। शादी के बाद से ही फैंस इनकी ऑन-स्क्रीन कैमेस्ट्री देखने के लिए बेताब थे। लेकिन लगता है कि असल जिंदगी की यह जोड़ी पर्दे पर अपना पुराना जादू दोहराने में असफल रही है। सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। लोग फिल्म देखने के अपने फैसले पर पछतावा जता रहे हैं। कई यूजर्स ने तो यहां तक लिख दिया कि उन्होंने फिल्म देखकर अपना माथा ही पकड़ लिया।
व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि शुरुआती वीकेंड के बाद इस फिल्म के लिए बॉक्स ऑफिस पर टिके रहना बहुत कठिन होगा। माउथ पब्लिसिटी यानी मुंह से फैलने वाली बात इस फिल्म के खिलाफ जा रही है। लोग एक-दूसरे को फिल्म न देखने की सलाह दे रहे हैं। आने वाले दिनों में अगर मेकर्स ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह औंधे मुंह गिर सकती है। द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि फिल्म के मेकर्स और कलाकारों की तरफ से अभी तक इस पब्लिक रिएक्शन पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आगे की राह और इंडस्ट्री पर असर
फिल्म का इस तरह से खारिज होना दक्षिण भारतीय और हिंदी सिनेमा दोनों के लिए एक बड़ा सबक है। सिर्फ बड़े सितारों के नाम और भव्य सेट पर पैसा पानी की तरह बहा देने से कोई फिल्म सुपरहिट नहीं बन सकती। दर्शकों को अब एक मजबूत और कसी हुई कहानी चाहिए। 'रणबाली' का यह हाल इस बात का ताजा उदाहरण है कि दर्शक अब खराब कंटेंट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हैं। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म अपनी लागत का कितना हिस्सा वापस निकाल पाती है।





