नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के इन नतीजों का इंतजार लंबे समय से शेयर बाजार के बड़े निवेशकों और विश्लेषकों को था। तिमाही परिणामों के घोषित होने से पहले ही निवेशकों का उत्साह बाजार में साफ तौर पर दिखाई दे रहा था। टीसीएस के शेयरों में पिछले कुछ सत्रों में अच्छी खासी तेजी दर्ज की गई थी और भाव में करीब तीन प्रतिशत तक की उछाल आई थी। बाजार के जानकारों का मानना था कि कंपनी इस बार भी अपने मजबूत प्रदर्शन से निवेशकों को निराश नहीं करेगी।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन तिमाही में टीसीएस का कुल कंसोलिडेटेड मुनाफा बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी के मुनाफे में लगभग चार प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि कुछ बाजार विश्लेषकों का अनुमान था कि मुनाफा 14,020 करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है, लेकिन फिर भी यह आंकड़ा कंपनी की मजबूत स्थिति को ही दर्शाता है। अगर सालाना आधार पर देखें तो मुनाफे में 15 प्रतिशत तक की बढ़त का अनुमान लगाया गया है, जिससे टाटा समूह की इस दिग्गज आईटी कंपनी की साख बाजार में और मजबूत हुई है।
मुनाफे के साथ निवेशकों को मिला डिविडेंड का तोहफा
तिमाही नतीजों के ऐलान के साथ ही कंपनी ने अपने शेयरधारकों को बड़ा तोहफा देने का भी फैसला किया है। टीसीएस के बोर्ड ने निवेशकों के लिए प्रति शेयर 12 रुपये के डिविडेंड यानी लाभांश का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद से शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा कंपनी के प्रति और अधिक मजबूत हो गया है। त्योहारी सीजन के ठीक पहले आए इस डिविडेंड ऐलान को निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि उनका मुख्य फोकस लगातार अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देना और शेयरधारकों को उचित रिटर्न उपलब्ध कराना है।
कंपनी की कुल आय यानी रेवेन्यू में भी पिछली तिमाही की तुलना में सुधार देखने को मिला है। पिछले महीने के 72,275 करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार कंसोलिडेटेड आय बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये हो गई है। बाजार के जानकारों का अनुमान था कि आय करीब 73,173 करोड़ रुपये रह सकती है, और कंपनी ने इस अनुमान को लगभग छू लिया है। वैश्विक स्तर पर आईटी सेक्टर में छाई अनिश्चितता के बावजूद टीसीएस ने अपनी कमाई की रफ्तार को बनाए रखा है, जिसे एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों की मार्जिन पर टिकी थीं नजरें
नतीजे आने से पहले तमाम वित्तीय विशेषज्ञों और ब्रोकरेज फर्मों की नजरें मुख्य रूप से टीसीएस के ऑपरेटिंग मार्जिन पर टिकी हुई थीं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती और अमेरिका-यूरोप के बाजारों में खर्च घटने की खबरों के बीच आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, टीसीएस ने अपनी चुस्त कार्यप्रणाली और लागत प्रबंधन के जरिए इन चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी का यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में देश के पूरे आईटी सेक्टर के लिए एक सकारात्मक दिशा तय कर सकता है।
देश के सबसे बड़े कॉरपोरेट घरानों में शुमार टाटा ग्रुप की इस कंपनी के परिणाम आने वाले हफ्तों में बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। खुदरा निवेशकों से लेकर बड़े फंड हाउस तक सभी अब इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि आने वाली तिमाहियों में आईटी सेक्टर की मांग कैसी रहेगी। फिलहाल टीसीएस के इन नतीजों ने बाजार के मायूस माहौल में एक नई ऊर्जा फूंक दी है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे भी बाजार से जुड़ी हर जरूरी अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।
दिवाली से पहले आईटी शेयरों में हलचल तेज
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही भारतीय शेयर बाजार में हलचल काफी तेज हो गई है। टीसीएस के इन नतीजों के बाद अन्य प्रमुख आईटी कंपनियों जैसे इंफोसिस और विप्रो के शेयरों पर भी निवेशकों की नजरें टिक गई हैं। माना जा रहा है कि टीसीएस के अच्छे नतीजों का असर बाकी कंपनियों के प्रदर्शन पर भी सकारात्मक रूप से पड़ेगा। बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में आईटी शेयरों में खरीदारी का दौर और तेज हो सकता है। निवेशक अब इन कंपनियों की अगली रणनीतियों और नए अनुबंधों पर अपनी नजरें गड़ाए बैठे हैं।






