नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के सर्राफा बाजार से आज आम आदमी और निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सोने और चांदी की कीमतों में आज जोरदार गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खरीदारों को कुछ राहत मिली है। आज कारोबार की शुरुआत में ही सोने का भाव एक हजार रुपए से अधिक लुढ़क गया है। इस गिरावट के बाद 24 कैरेट सोने का भाव घटकर 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर हो रहे उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर कम होती मांग के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
बाजार से मिले आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आज 24 कैरेट सोने की कीमत में पूरे 1,005 रुपए की कमी आई है। इस भारी गिरावट के बाद से सर्राफा बाजार में हलचल तेज हो गई है। जानकारों का कहना है कि शादियों के सीजन के बाद बाजार में अचानक से खरीदारी धीमी पड़ गई है। जब बाजार में मांग कम होती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव गिरते हैं, तो उसका सीधा असर घरेलू बाजारों पर भी देखने को मिलता है। यही वजह है कि आज व्यापारियों ने भी सतर्क रुख अपनाया हुआ है।
चांदी की चमक भी हुई फीकी, दाम में आई गिरावट
केवल सोना ही नहीं, बल्कि सफेद धातु यानी चांदी के खरीदारों के लिए भी आज का दिन नरमी लेकर आया है। आज के कारोबार में चांदी के दाम 235 रुपए प्रति किलोग्राम तक गिर गए हैं। औद्योगिक मांग में सुस्ती और अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजारों में बिकवाली के दबाव के कारण चांदी की कीमतों में यह फिसलन आई है। स्थानीय बाजार के व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी था, लेकिन आज की इस गिरावट ने एक बार फिर निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी के दाम वैश्विक अर्थव्यवस्था की चाल पर पूरी तरह निर्भर करेंगे। अमेरिका और चीन जैसे बड़े देशों के आर्थिक आंकड़ों का असर सीधे तौर पर बुलियन मार्केट पर पड़ता है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश बन गया है जिसके पास भारी मात्रा में स्वर्ण भंडार मौजूद है। चीन के पास इस समय करीब 2410 टन सोना है, जो भारत के कुल स्वर्ण भंडार से लगभग तीन गुना ज्यादा है। अमेरिका इस सूची में अभी भी नंबर एक पायदान पर बना हुआ है।
निवेशकों और आम ग्राहकों के लिए आगे क्या है रास्ता
सोने और चांदी के दामों में आई इस अचानक गिरावट के बाद छोटे निवेशकों में असमंजस की स्थिति बन गई है। जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते थे, वे इस गिरावट को एक अच्छे मौके के रूप में देख रहे हैं। वहीं, जो लोग पहले से ऊंचे दामों पर सोना खरीद चुके हैं, वे बाजार के दोबारा संभलने का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि ग्राहकों को बाजार की हर छोटी हलचल को देखकर घबराना नहीं चाहिए और अपनी वित्तीय योजना के हिसाब से ही कदम उठाना चाहिए।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि स्थानीय सर्राफा बाजारों में अभी ग्राहकों की आवाजाही थोड़ी कम है। दुकानदार उम्मीद कर रहे हैं कि कीमतें कुछ और दिन कम रहीं तो त्योहारी या आगामी सीजन की खरीदारी समय से पहले शुरू हो सकती है। फिलहाल, ग्राहकों के लिए यह जरूरी है कि वे खरीदारी करते समय शुद्धता के मानकों और पक्के बिल का पूरा ध्यान रखें ताकि किसी भी प्रकार के नुकसान से बचा जा सके।








