नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारत के सर्राफा बाजार में इस समय सोने और चांदी की कीमतों को लेकर बड़ी हलचल मची हुई है। सात अक्टूबर को बाजार खुलते ही सोने और चांदी के दामों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। पिछले कुछ दिनों से जारी हल्की गिरावट के बाद अचानक आई इस तेजी ने आम खरीदारों और निवेशकों दोनों को चौंका दिया है। देश के प्रमुख शहरों में आभूषण बाजार के आंकड़े बताते हैं कि कीमती धातुओं की यह चमक अब आम आदमी की पहुंच से लगातार दूर होती जा रही है।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और बाजार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक दिन में चांदी के दाम हजारों रुपये बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। वहीं दूसरी तरफ दस ग्राम सोने की कीमत में भी बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और त्योहारों के सीजन की मांग के कारण सोने और चांदी के भाव में यह अचानक तेजी आई है।
चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, कीमतें पहुंची आसमान पर
बाजार से मिल रही जानकारी के अनुसार, चांदी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। कुछ ही घंटों के भीतर चांदी के दाम में आठ हजार रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है जिससे यह सीधे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। जानकारों का कहना है कि औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की बढ़ती चमक के कारण इसकी कीमतों में यह उछाल आया है। सर्राफा कारोबारियों का यह भी मानना है कि आने वाले दिनों में मांग और बढ़ने पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
चांदी के साथ-साथ सोने के खरीदारों को भी बड़ा झटका लगा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार नौ दिनों तक आई गिरावट के बाद अचानक सोने के दाम में ढाई हजार रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई है। बाजार में अब चौबीस कैरेट सोने की कीमत एक लाख नौ हजार रुपये के पार निकल चुकी है। कुछ रिपोर्टों में दस ग्राम सोने का भाव एक लाख सत्तावन हजार रुपये तक पहुंचने की बात भी कही जा रही है जिससे बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
त्योहारी सीजन में खरीदारों की बढ़ी मुश्किलें
अक्टूबर का महीना भारत में त्योहारों की शुरुआत का माना जाता है और इस दौरान सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। लेकिन इन कीमती धातुओं के आसमान छूते दामों ने आम परिवारों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। शादियों के सीजन के लिए गहने खरीदने वाले लोग अब बाजार में जाकर सिर्फ भाव पूछकर वापस लौटने को मजबूर हैं। छोटे और मझोले सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि इस बार कीमतों में लगातार हो रहे बदलाव के कारण ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों के बाजारों में भी सोने और चांदी की खरीद-फरोख्त पर असर पड़ा है। ग्राहक अब पुराने गहनों को बदलकर नए आभूषण बनवाने को प्राथमिकता दे रहे हैं या फिर हल्के वजन के सामान की मांग कर रहे हैं। बाजार के जानकारों का सुझाव है कि ग्राहकों को खरीदारी से पहले अलग-अलग डीलर्स के रेट की तुलना जरूर करनी चाहिए ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।
बाजार विशेषज्ञों की राय और आगे का अनुमान
आर्थिक मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में डॉलर की स्थिति और ब्याज दरों में बदलाव का सीधा असर भारत के सर्राफा बाजार पर पड़ रहा है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं और जमकर खरीदारी करते हैं। यही कारण है कि घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं।
द फ्रीलान्स की इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले हफ्तों में भी सोने-चांदी के दामों में बड़ा उतार-चढ़ाव जारी रहने की पूरी संभावना है। प्रशासन और उपभोक्ता मामलों के जानकारों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली बाजार दरों के आधार पर ही कोई भी वित्तीय निर्णय लें।




