नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के सबसे अमीर उद्योगपतियों की सूची में एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है। ताजा हुरून रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने देश के नंबर एक अमीर शख्स का ताज वापस पा लिया है। उनके पास कुल 9.55 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम संपत्ति दर्ज की गई है। इस आंकड़े के सामने आने के बाद उद्योग जगत में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
ताजा सूची में मुकेश अंबानी ने उद्योगपति गौतम अडानी को पीछे छोड़ दिया है। पिछले कुछ समय से दोनों दिग्गजों के बीच देश के सबसे अमीर व्यक्ति बनने की होड़ लगातार बनी हुई थी। बाजार की चाल, कंपनियों के शेयरों के दाम और नए व्यापारिक निवेशों के आधार पर यह आंकड़े तैयार किए गए हैं। रिलायंस समूह के बढ़ते कारोबार और मजबूत वित्तीय स्थिति ने इस बार अंबानी को फिर से शीर्ष पर पहुंचा दिया है。
मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति और रिलायंस का बढ़ता दायरा
हुरून की इस नई रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति बढ़कर 9.55 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार ऑयल-टू-टेलीकॉम सेक्टर से लेकर रीटेल और ग्रीन एनर्जी तक फैला हुआ है। कंपनी का हर सेक्टर लगातार मुनाफे में आगे बढ़ रहा है। जियो के बढ़ते ग्राहक और रीटेल बाजार में कंपनी का दबदबा इस संपत्ति में बढ़ोतरी का मुख्य कारण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुकेश अंबानी की दूरदर्शी सोच और सही समय पर सही क्षेत्रों में निवेश करने की कला ने उन्हें हमेशा आगे रखा है। रिलायंस ने पिछले कुछ सालों में डिजिटल सेवाओं और हरित ऊर्जा पर बहुत काम किया है। इन नए प्रोजेक्ट्स से कंपनी की वैल्यू बाजार में और ज्यादा मजबूत हुई है। यही वजह है कि मंदी के दौर में भी उनकी संपत्ति में लगातार इजाफा दर्ज किया गया है।
गौतम अडानी के साथ चल रही थी कड़ी टक्कर
भारत के शीर्ष दो सबसे अमीर लोगों की इस दौड़ में गौतम अडानी दूसरे स्थान पर हैं। पिछले साल अडानी समूह के शेयरों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक रिपोर्टों के कारण उनकी संपत्ति पर असर पड़ा था। हालांकि, अडानी ग्रुप ने भी तेजी से वापसी की है और वे देश के दूसरे सबसे अमीर उद्योगपति बने हुए हैं। दोनों उद्योगपतियों की कुल संपत्ति में काफ़ी कम अंतर है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुकाबला और भी रोचक होने की उम्मीद है।
आम जनता और शेयर बाजार के निवेशकों की नजरें इन बड़ी कंपनियों के हर कदम पर टिकी रहती हैं। भारत की अर्थव्यवस्था में इन दोनों औद्योगिक घरानों का योगदान बहुत बड़ा है। लाखों लोगों को रोजगार देने के साथ-साथ ये कंपनियां देश के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत कर रही हैं। हुरून की यह सूची देश के आर्थिक विकास और बड़े कारोबारियों की ताकत को साफ तौर पर दिखाती है।
फोर्ब्स और हुरून की सूचियों पर बाजार की पैनी नजर
दुनियाभर में अमीरों की सूची जारी करने वाली एजेंसियों जैसे फोर्ब्स और हुरून के आंकड़ों का गहरा असर शेयर बाजार पर पड़ता है। जब देश के सबसे बड़े कारोबारी की हैसियत ऊपर-नीचे होती है, तो निवेशकों का उत्साह भी बदलता है। मुकेश अंबानी का फिर से नंबर एक बनना रिलायंस के शेयरधारकों के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक सहारा साबित हो रहा है।
द फ्रीलान्स की इस खास पड़ताल से साफ है कि आने वाले समय में रिलायंस और अडानी समूह के बीच यह मुकाबला और कड़ा होने वाला है। ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दोनों ही कंपनियां भारी निवेश कर रही हैं। कौन सी कंपनी आने वाले सालों में बाजी मारेगी, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल मुकेश अंबानी ने देश के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज अपने नाम कर लिया है।




