नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के सबसे बड़े कारोबारियों की सूची में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। ताजा हुरून रिच लिस्ट 2025 के आंकड़े सामने आ चुके हैं जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने देश के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज फिर से अपने नाम कर लिया है। इस बार उनकी कुल संपत्ति 9.55 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। इस आंकड़े के साथ ही उन्होंने गौतम अडानी को पीछे छोड़ दिया है जो पिछले कुछ समय से इस दौड़ में सबसे आगे चल रहे थे।
देश के उद्योग जगत में यह बदलाव पिछले कुछ महीनों के कारोबारी उतार-चढ़ाव और कंपनियों के प्रदर्शन के बाद आया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलीकॉम, रिटेल और एनर्जी सेक्टर के कारोबार ने एक बार फिर मजबूत पकड़ बनाई है। निवेशकों का भरोसा कंपनी पर लगातार बना हुआ है जिससे मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति में यह बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुकाबला और भी ज्यादा दिलचस्प होने वाला है क्योंकि दोनों ही दिग्गज कारोबारी नए सेक्टरों में तेजी से पैर पसार रहे हैं।
मुकेश अंबानी की संपत्ति में उछाल की मुख्य वजहें
रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में फैला हुआ है। कंपनी का जियो प्लेटफॉर्म्स अब देश का सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर बन चुका है जिसके करोड़ों ग्राहक हैं। इसके अलावा रिलायंस रिटेल का नेटवर्क देश के हर छोटे-बड़े शहर में तेजी से फैल रहा है। हाल के दिनों में ग्रीन एनर्जी और नई तकनीक के क्षेत्र में किए गए निवेश ने भी कंपनी के शेयरों को मजबूत किया है। इन तमाम व्यावसायिक रणनीतियों के चलते मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति में यह भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
दूसरी ओर, गौतम अडानी और उनके समूह की कंपनियों ने भी पिछले कुछ सालों में बुनियादी ढांचे और बंदरगाहों के क्षेत्र में भारी काम किया है। हालांकि वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव और अलग-अलग सेक्टरों की बदलती चाल के कारण हुरून की इस ताजा सूची में अंबानी ने एक बार फिर पहला स्थान हासिल कर लिया है। दोनों कारोबारियों के बीच देश के सबसे अमीर व्यक्ति बनने की यह रेस काफी समय से देश और दुनिया के निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
फोर्ब्स और हुरून सूचियों में भारतीय अरबपतियों का दबदबा
फोर्ब्स और हुरून जैसी वैश्विक एजेंसियां हर साल दुनिया भर के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट जारी करती हैं। इन सूचियों में भारतीय उद्योगपतियों का नाम लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है जो देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था की ओर इशारा करता है। जानकारों का कहना है कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से नए अरबपति भी तेजी से उभर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय बाजार की चाल देश के इन शीर्ष कारोबारियों की संपत्ति को किस दिशा में ले जाती है।
आम जनता और शेयर बाजार के निवेशकों की नजरें हमेशा इन आंकड़ों पर टिकी रहती हैं क्योंकि इनसे देश की आर्थिक सेहत का अंदाजा लगाया जाता है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है और आगे भी बाजार से जुड़े हर बड़े अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।









