भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने त्योहारी सीजन से ठीक पहले लोन लेने वाले आम लोगों को बड़ा झटका दिया है। करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद केंद्रीय बैंक ने नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट (Repo Rate Hike) में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर दी है। इस इजाफे के बाद अब रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया है। इस फैसले के बाद से होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन के महंगे होने की पूरी संभावना है, जिससे आम आदमी के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ेगा।
अलग-अलग लोन अमाउंट पर कितनी बढ़ेगी EMI?
आरबीआई के इस कदम के बाद उधारकर्ताओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी ईएमआई (EMI) पर इसका कितना असर पड़ेगा। आइए जानते हैं विभिन्न लोन राशियों के हिसाब से गणित:
- 20 लाख रुपये का लोन: यदि किसी ने 20 साल के लिए 7.5% की ब्याज दर पर 20 लाख का लोन लिया है, तो उसकी मौजूदा ईएमआई 16,112 रुपये है। ब्याज दर बढ़कर 7.75% होने पर यह 16,419 रुपये हो जाएगी, यानी हर महीने 307 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।
- 30 लाख रुपये का लोन: 7.50% की दर से 20 साल के लिए 30 लाख के लोन पर वर्तमान ईएमआई 24,168 रुपये है, जो बढ़कर 24,628 रुपये हो जाएगी। इसमें प्रति माह 460 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
- 50 लाख रुपये का लोन: 50 लाख के होम लोन पर 7.5% ब्याज के हिसाब से 40,280 रुपये मासिक किस्त चुकानी पड़ रही थी, जो अब 7.75% होने पर 41,047 रुपये हो जाएगी यानी हर महीने 767 रुपये अधिक देने होंगे।
विशेषज्ञों की राय और बाजार पर असर
बेसिक होम लोन के सीईओ अतुल मोंगा का मानना है कि इस मामूली बढ़ोतरी से होमबायर्स की मांग पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, खासकर लंबी अवधि की आवासीय मांग मजबूत बनी रहेगी। वहीं, नारेडको के अध्यक्ष प्रवीन जैन का कहना है कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए यह कदम जरूरी था और मजबूत त्योहारी मांग के चलते रियल एस्टेट बाजार पर इसका असर सीमित ही रहेगा। हालांकि, छोटे उद्यमियों और सूक्ष्म उद्योगों के लिए कार्यशील पूंजी का बोझ बढ़ सकता है, जिसके लिए विशेषज्ञ ब्याज सब्सिडी या अन्य राहत की मांग कर रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या रिपोर्टों पर आधारित इस वित्तीय जानकारी की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि करता है। लोन की सटीक दरों के लिए अपने संबंधित बैंक से संपर्क करें। डेटा साभार: RBI एवं वित्तीय विश्लेषक।
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