मॉस्को/द फ्रीलान्स ब्यूरो — रूस की प्रमुख तकनीक और इंटरनेट कंपनी यांडेक्स के सामने इस समय एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कंपनी के महत्वपूर्ण डेटा सेंटर्स पर पिछले चार दिनों में लगातार कई ड्रोन हमले हुए हैं। इन हमलों ने रूस के डिजिटल ढांचे को हिला कर रख दिया है। यांडेक्स देश का सबसे बड़ा सर्च इंजन और डिजिटल सेवा प्रदाता है। इसके सर्वर ठप होने से आम नागरिकों की रोजमर्रा की ऑनलाइन गतिविधियां बुरी तरह रुक गई हैं।
सुरक्षा सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में रूस के अलग-अलग हिस्सों में स्थित यांडेक्स के कम से कम तीन बड़े डेटा सेंटर्स को निशाना बनाया गया है। इन अचानक हुए हमलों के बाद कंपनी के तकनीकी इंजीनियरों में हड़कंप मच गया है। हमलों की वजह से डेटा हब के भीतर बिजली की आपूर्ति और कूलिंग सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है। सर्वर सुरक्षित रखने के लिए तुरंत आपातकालीन कदम उठाने पड़े हैं।
व्लादिमीर डेटा सेंटर को करना पड़ा पूरी तरह बंद
इस सिलसिलेवार हमलों के बाद यांडेक्स प्रबंधन ने व्लादिमीर शहर में स्थित अपने प्रमुख डेटा सेंटर को पूरी तरह बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी का कहना है कि कर्मचारियों की सुरक्षा और सर्वर में मौजूद डेटा को बचाने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। व्लादिमीर का यह डेटा सेंटर कंपनी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स और क्लाउड सेवाओं को संभालता था। इसके बंद होने से रूस के कई इलाकों में यांडेक्स की ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।
स्थानीय तकनीकी जानकारों का मानना है कि इस तरह के हमलों से रूस की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग रहा है। यांडेक्स के सर्वर बंद होने से न केवल सर्च इंजन प्रभावित हुआ है, बल्कि कैब बुकिंग, ऑनलाइन पेमेंट और फूड डिलीवरी जैसी सेवाएं भी लड़खड़ा गई हैं। कंपनी के इंजीनियर युद्ध स्तर पर डेटा को सुरक्षित दूसरे सर्वर पर ट्रांसफर करने की कोशिश में जुटे हैं। हालांकि, स्थिति सामान्य होने में अभी कई दिन और लग सकते हैं।
डेटिंग ऐप यूजर्स और आम नागरिकों की बढ़ी मुश्किलें
इन लगातार हमलों का सबसे बुरा असर यांडेक्स के प्लेटफॉर्म से जुड़े आम यूजर्स पर पड़ा है। कंपनी के मालिकाना हक वाले लोकप्रिय डेटिंग ऐप्स और सोशल नेटवर्किंग फीचर्स के सर्वर डाउन होने से हजारों यूजर्स परेशान हैं। लोग अपनी प्रोफाइल्स तक नहीं पहुंच पा रहे हैं और मैसेज भेजने में भी दिक्कत आ रही है। वीकेंड के समय सेवाएं बाधित होने से सोशल मीडिया पर भी यूजर्स का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है।
दूसरी ओर, वित्तीय बाजारों में इस घटना का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी शेयरों और शेयर बाजार के सूचकांकों पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर जल्द ही इन हमलों को नहीं रोका गया, तो रूस के आईटी सेक्टर को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी।








