नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — खेल के मैदान से लेकर शेयर बाजार तक इन दिनों 'ईपीएल' और आईपीएल से जुड़े नाम लगातार चर्चा में बने हुए हैं। गूगल ट्रेंड्स पर अचानक आए इस उछाल के पीछे क्रिकेट जगत की बड़ी हलचल और बाजार के जानकारों की नई सलाह मुख्य वजह हैं। एक तरफ जहां आगामी आईपीएल सत्र से पहले टीमों ने अपने कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव करने शुरू कर दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ वित्तीय बाजारों में कंपनियों के शेयरों पर भी निवेशकों की पैनी नजर है।
खेल के गलियारों से मिल रही रिपोर्ट के मुताबिक आगामी आईपीएल नीलामी से पहले पंजाब किंग्स के खेमे में बड़ा फेरबदल हुआ है। टीम के कोचिंग स्टाफ से दो बड़े कोचों के अलग होने की खबर सामने आई है। इस बदलाव के बाद टीम प्रबंधन नए सिरे से अपनी रणनीति तैयार कर रहा है ताकि आगामी सत्र में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। फ्रेंचाइजी क्रिकेट की यह दुनिया हमेशा से ही अनिश्चितताओं से भरी रही है जहां हर छोटे-बड़े फैसले का सीधा असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ता है।
शेयर बाजार में ईपीएल लिमिटेड की मांग क्यों बढ़ी?
खेल के इतर वित्तीय बाजार में भी ईपीएल लिमिटेड नाम की कंपनी को लेकर निवेशकों में उत्सुकता देखी जा रही है। बाजार के जाने-माने विश्लेषकों ने निवेशकों को इस कंपनी के शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी है। जानकारों का मानना है कि मौजूदा बाजार हालातों में यह शेयर निवेशकों को अच्छा मुनाफा दिला सकता है। यही वजह है कि सोशल मीडिया और वित्तीय मंचों पर इस शेयर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दूसरी ओर क्रिकेट के मैदान से जुड़ी अन्य खबरों में खिलाड़ियों की मेहनत और घरेलू लीग के प्रदर्शन की भी खूब चर्चा है। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को लेकर चयनकर्ताओं पर भी दबाव साफ नजर आ रहा है। खिलाड़ी लंबे समय से टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनके घरेलू प्रदर्शन को नजरअंदाज करना अब चयनकर्ताओं के लिए भी आसान नहीं रहा है।
अंतरराष्ट्रीय टी-20 लीग और आईपीएल का मुकाबला
क्रिकेट के वैश्विक पटल पर एक बार फिर से टी-20 लीग के कार्यक्रमों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पाकिस्तान सुपर लीग और आईपीएल के आयोजनों के समय को लेकर अक्सर तारीखों के टकराव की खबरें सामने आती हैं। खेल प्रेमियों और प्रशासकों के बीच यह हमेशा से चिंता का विषय रहा है कि दो बड़े टूर्नामेंट एक ही समय पर होने से खिलाड़ियों की उपलब्धता और दर्शकों की संख्या पर क्या असर पड़ेगा। इस बार भी कार्यक्रम को लेकर नए कयास लगाए जा रहे हैं।
इन तमाम खेल गतिविधियों के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी और गैरकानूनी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में लगातार छापेमारी कर रहा है और फरार आरोपियों को दबोचने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। हाल ही में हुई कुछ गिरफ्तारियां यह साबित करती हैं कि कानून की नजर ऐसे अवैध नेटवर्क पर पूरी तरह से बनी हुई है।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल और निष्कर्ष
हमारी मैदानी पड़ताल बताती है कि गूगल ट्रेंड्स पर 'ईपीएल' का यह ट्रेंड दरअसल खेल और वित्त दोनों दुनिया के मिले-जुले रुझानों का नतीजा है। एक तरफ जहां क्रिकेट प्रेमी आईपीएल की आगामी तैयारियों और खिलाड़ियों के संघर्ष पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं निवेशक बाजार की चाल को समझने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में खेल और कारोबार दोनों ही मोर्चों पर कई अहम फैसले देखने को मिल सकते हैं, जिन पर हमारी पैनी नजर बनी रहेगी।






