विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/क्राइम/पाकिस्तान में आटे का भयानक संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपए पर पहुंचा, एक रोटी के दाम भी उछले
क्राइमपढ़ने में समय: 4 मिनट

पाकिस्तान में आटे का भयानक संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपए पर पहुंचा, एक रोटी के दाम भी उछले

पाकिस्तान में गंभीर आर्थिक बदहाली और महंगाई के बीच आम जनता को दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए हैं। देश में 20 किलो आटे का बैग अब 3300 रुपए तक बिक रहा है, जबकि होटल और ढाबों पर एक रोटी की कीमत 20 रुपए से बढ़कर सीधे 30 रुपए हो गई है। आम आदमी की थाली से दाल-रोटी गायब होती जा रही है और सरकार इस संकट से निपटने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
✍️
क्राइम एवं लीगल डेस्क, द फ्रीलांस
कानून व न्यायपालिका ब्यूरो•9 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•47
🌐Read in English →
शेयर करें:
पाकिस्तान में आटे का भयानक संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपए पर पहुंचा, एक रोटी के दाम भी उछले
📷 पाकिस्तान में आटे का भयानक संकट: 20 किलो का बैग 3300 रुपए पर पहुंचा, एक रोटी के दाम भी उछले — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • पाकिस्तान में गंभीर आर्थिक बदहाली और महंगाई के बीच आम जनता को दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए हैं। देश में 20 किलो आटे का बैग अब 3300 रुपए तक बिक रहा है, जबकि होटल और ढाबों पर एक रोटी की कीमत 20 रुपए से बढ़कर सीधे 30 रुपए हो गई है। आम आदमी की थाली से दाल-रोटी गायब होती जा रही है और सरकार इस संकट से निपटने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

पाकिस्तान में गंभीर आर्थिक बदहाली और आसमान छूती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। देश में खाने-पीने की बुनियादी चीजों के दाम लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहे हैं। सबसे बुरा हाल आटे का है जिसके बिना किसी भी पाकिस्तानी परिवार का चूल्हा नहीं जल सकता। हालात यह हैं कि बाजार में 20 किलो आटे का थैला अब 3300 रुपए की भारी कीमत पर बिक रहा है। इतनी महंगी कीमत चुकाना गरीब और मध्यम वर्ग के बस की बात बिल्कुल नहीं रह गई है।

महंगाई की इस मार का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। जो लोग पहले अपने परिवार के लिए आसानी से आटा खरीद लेते थे, वे अब एक-एक बोरी के लिए मोहताज हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि खाने के पैकेट पाने के लिए सरकारी ट्रकों के पीछे लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर आटे की बोरियों को लूटने जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं। प्रशासन व्यवस्था संभालने में पूरी तरह लाचार नजर आ रहा है और जमाखोरों के हौसले बुलंद हैं।

ढाबों और होटलों में महंगी हुई एक-एक रोटी

घर का चूल्हा जलना तो दूर, अब बाहर होटल या ढाबे पर खाना खाना भी आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है। आटे के दाम बढ़ने का सीधा असर रेस्टोरेंट और ढाबा मालिकों पर पड़ा है। पहले जो रोटी बाजार में 15 से 20 रुपए में आसानी से मिल जाती थी, उसकी कीमत अब बढ़कर 30 रुपए प्रति पीस हो गई है। दिहाड़ी मजदूर और कम कमाने वाले लोग अब एक वक्त का पेट भरने के लिए भी कई बार सोचते हैं। परिवार का गुजारा चलाना लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं बचा है।

कराची, लाहौर और पेशावर जैसे बड़े शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक एक जैसी ही दर्दनाक तस्वीर देखने को मिल रही है। गेहूं की कमी और सरकारी गोदामों के खाली होने के कारण यह संकट दिनोंदिन गहराता जा रहा है। सरकार की तरफ से जो सब्सिडी वाला आटा बांटा जाता है, वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। आम जनता इस बात से बेहद नाराज है कि सरकार उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह असफल रही है। राजनेताओं के बड़े-बड़े दावों के उलट जमीन पर हालात बेहद खराब हैं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

आर्थिक बदहाली और बढ़ती बेरोजगारी ने बढ़ाई मुश्किलें

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस समय इतिहास के सबसे दौर से गुजर रही है। विदेशी मुद्रा भंडार खाली होने की कगार पर है और जरूरी चीजों का आयात करना बेहद मुश्किल हो गया है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मिलने वाले कर्ज और शर्तों के बीच आम जनतािस पिसती जा रही है। डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने से ढुलाई का खर्च भी बढ़ चुका है, जिसका असर हर खाने की चीज पर साफ दिखाई दे रहा है। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और लोगों की आय के साधन सीमित होते जा रहे हैं।

जमीनी स्तर पर हमारी पड़ताल बताती है कि आने वाले दिनों में यह संकट और अधिक भयानक रूप ले सकता है। यदि समय रहते सप्लाई चेन को ठीक नहीं किया गया और जमाखोरों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात नियंत्रण से पूरी तरह बाहर हो जाएंगे। आम नागरिकों का गुस्सा अब सड़कों पर फूटने लगा है क्योंकि उनके सामने अपने बच्चों का पेट भरने की सबसे बड़ी समस्या खड़ी है। पाकिस्तान के हुक्मरानों के लिए यह समय सिर्फ सियासी बयानबाजी का नहीं, बल्कि युद्धस्तर पर राहत पहुंचाने का है।

आम जनता का टूटा सब्र और भविष्य की अनिश्चितता

द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के आम नागरिक अब अपने भविष्य को लेकर बेहद डरे हुए हैं। महंगाई की इस आंधी में हर वर्ग का व्यक्ति खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। सरकार के तमाम वादे और राहत पैकेज कागजों तक ही सीमित रह गए हैं, जबकि धरातल पर लोग दाने-दाने को मोहताज हैं। देश की इस गंभीर स्थिति ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाला वक्त और भी ज्यादा विनाशकारी साबित होगा।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

साल्टलेक स्टेडियम में मोहन बागान का जलवा, ईस्ट बंगाल को हराकर 22वीं बार जीती आईएफए शील्ड

साल्टलेक स्टेडियम में मोहन बागान का जलवा, ईस्ट बंगाल को हराकर 22वीं बार जीती आईएफए शील्ड

वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' विवाद में एकता कपूर को राहत, हैदराबाद पुलिस ने खारिज की शिकायत

वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' विवाद में एकता कपूर को राहत, हैदराबाद पुलिस ने खारिज की शिकायत

नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर फार्म हाउस पर रखा गया, परिवार और फैंस ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर फार्म हाउस पर रखा गया, परिवार और फैंस ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' मामला: हैदराबाद पुलिस ने एकता कपूर की सीरीज पर दर्ज शिकायत को किया खारिज

वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' मामला: हैदराबाद पुलिस ने एकता कपूर की सीरीज पर दर्ज शिकायत को किया खारिज

घर की तलाश और जरूरत: नाना पाटेकर के ठिकानों से लेकर होम लोन और नौकरियों तक फैली देश की आज की हकीकत

घर की तलाश और जरूरत: नाना पाटेकर के ठिकानों से लेकर होम लोन और नौकरियों तक फैली देश की आज की हकीकत

घर की तलाश और जरूरत: नाना पाटेकर के ठिकानों से लेकर होम लोन और होमगार्ड भर्ती तक की जमीनी पड़ताल

घर की तलाश और जरूरत: नाना पाटेकर के ठिकानों से लेकर होम लोन और होमगार्ड भर्ती तक की जमीनी पड़ताल

न्यूनतम मजदूरी से लेकर यूपीआई और खेल जगत तक कई मोर्चों पर हुए बड़े बदलाव

न्यूनतम मजदूरी से लेकर यूपीआई और खेल जगत तक कई मोर्चों पर हुए बड़े बदलाव

वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' विवाद पर हैदराबाद पुलिस का बड़ा फैसला, दर्ज शिकायत खारिज

वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' विवाद पर हैदराबाद पुलिस का बड़ा फैसला, दर्ज शिकायत खारिज

✍️

क्राइम एवं लीगल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

कानून, न्यायपालिका, नागरिक अधिकार व जनसुरक्षा टीम

द फ्रीलांस की क्राइम और लीगल डेस्क अदालती फैसलों, सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेशों, कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा के मामलों की बिना किसी पूर्वाग्रह के तथ्यपरक रिपोर्टिंग करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘पाकिस्तान संकट’ व क्राइम से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

साल्टलेक स्टेडियम में मोहन बागान का जलवा, ईस्ट बंगाल को हराकर 22वीं बार जीती आईएफए शील्डCRIME

साल्टलेक स्टेडियम में मोहन बागान का जलवा, ईस्ट बंगाल को हराकर 22वीं बार जीती आईएफए शील्ड

9 अक्टू॰51
वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' विवाद में एकता कपूर को राहत, हैदराबाद पुलिस ने खारिज की शिकायतCRIME

वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' विवाद में एकता कपूर को राहत, हैदराबाद पुलिस ने खारिज की शिकायत

9 अक्टू॰34
नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर फार्म हाउस पर रखा गया, परिवार और फैंस ने नम आंखों से दी अंतिम विदाईCRIME

नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर फार्म हाउस पर रखा गया, परिवार और फैंस ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

9 अक्टू॰39
वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' मामला: हैदराबाद पुलिस ने एकता कपूर की सीरीज पर दर्ज शिकायत को किया खारिजCRIME

वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' मामला: हैदराबाद पुलिस ने एकता कपूर की सीरीज पर दर्ज शिकायत को किया खारिज

9 अक्टू॰24
घर की तलाश और जरूरत: नाना पाटेकर के ठिकानों से लेकर होम लोन और नौकरियों तक फैली देश की आज की हकीकतCRIME

घर की तलाश और जरूरत: नाना पाटेकर के ठिकानों से लेकर होम लोन और नौकरियों तक फैली देश की आज की हकीकत

9 अक्टू॰38
घर की तलाश और जरूरत: नाना पाटेकर के ठिकानों से लेकर होम लोन और होमगार्ड भर्ती तक की जमीनी पड़तालCRIME

घर की तलाश और जरूरत: नाना पाटेकर के ठिकानों से लेकर होम लोन और होमगार्ड भर्ती तक की जमीनी पड़ताल

9 अक्टू॰39
न्यूनतम मजदूरी से लेकर यूपीआई और खेल जगत तक कई मोर्चों पर हुए बड़े बदलावCRIME

न्यूनतम मजदूरी से लेकर यूपीआई और खेल जगत तक कई मोर्चों पर हुए बड़े बदलाव

9 अक्टू॰34
वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' विवाद पर हैदराबाद पुलिस का बड़ा फैसला, दर्ज शिकायत खारिजCRIME

वेब सीरीज 'एक्सएक्सएक्स' विवाद पर हैदराबाद पुलिस का बड़ा फैसला, दर्ज शिकायत खारिज

9 अक्टू॰36
विज्ञापन • ADVERTISEMENT