वृंदावन: देश के प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गुरु संत प्रेमानंद महाराज के इर्द-गिर्द इन दिनों विवादों और अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। 'द फ्रीलान्स' की टीम ने जब मथुरा के वृंदावन स्थित केली कुंज और यमुना विहार कुंज का ग्राउंड दौरा किया, तो वहां का माहौल बदला हुआ नजर आया। हाल ही में एक शिष्य की संदिग्ध मौत और एक अन्य युवक के लापता होने के दावों ने इस आध्यात्मिक केंद्र की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केली कुंज और यमुना विहार में बदले हालात
सूत्रों और स्थानीय पड़ताल से यह बात सामने आई है कि अप्रिय घटनाओं और बढ़ते विवादों के बाद आश्रम प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। केली कुंज में दीक्षा की प्रक्रिया को फिलहाल बंद कर दिया गया है, वहीं यमुना विहार कुंज में आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगा दी गई है। आश्रम के भीतर आंतरिक व्यवस्थाओं में अचानक किए गए इन बदलावों ने भक्तों और स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
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दीपक लोधी की मौत का सच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
विवादों के केंद्र में संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी (रसिक दुलारी) की मौत का मामला सबसे गंभीर है। मेडिकल ट्रीटमेंट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने सनसनी फैला दी है। रिपोर्ट में प्राइवेट पार्ट काटे जाने और गिरने जैसे बिंदुओं पर जो खुलासे हुए हैं, उसने पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने पहेली खड़ी कर दी है। परिवार ने इस पूरी घटना के पीछे किसी गहरी साजिश या लापरवाही की आशंका जताई है, जिसके बाद से आश्रम प्रबंधन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
एक और भक्त के लापता होने से गरमाया माहौल
दीपक लोधी की मौत का गम अभी कम भी नहीं हुआ था कि एक अन्य परिवार ने सामने आकर सनसनीखेज आरोप लगा दिए हैं। लापता युवक के पिता ने मीडिया और प्रशासनिक मंचों पर गुहार लगाते हुए कहा है कि उनका बेटा पिछले तीन महीने से गायब है। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि उनका बेटा सुरक्षित नहीं मिला, तो वे परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे। इस तरह की चेतावनियों ने स्थानीय प्रशासन की भी नींद उड़ा दी है।
शोबिज की दुनिया से संन्यास और अन्य चर्चाएं
इन तमाम गंभीर मामलों के इतर, प्रेमानंद महाराज से जुड़ी अन्य खबरें भी सोशल मीडिया और मुख्यधारा की सुर्खियों में बनी हुई हैं। एक तरफ जहां आश्रम के भीतर सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शोबिज की दुनिया छोड़कर महाराज के शरण में आने वाले हरि सेवकों और उनके जीवन में आए बदलावों की चर्चाएं भी कम नहीं हैं। इसके अलावा, धार्मिक और सामाजिक जीवन से जुड़े दैनिक संशयों का समाधान करने वाले महाराज के प्रवचन भी लगातार वायरल हो रहे हैं।
भविष्य का असर और हमारी पड़ताल
'द फ्रीलान्स' की इस ग्राउंड रिपोर्ट का निष्कर्ष यही है कि देश-विदेश में लाखों अनुयायियों वाले इन आश्रमों में आंतरिक पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता अब और अधिक बढ़ गई है। पुलिस प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है, लेकिन शिष्यों की सुरक्षा और प्रबंधन की कार्यशैली पर उठे सवालों का संतोषजनक जवाब मिलना अभी बाकी है।








