बोझिल बॉलीवुड से हटकर कुछ नया देखने की चाहत
आज के समय में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने दर्शकों के मनोरंजन के दायरे को काफी बड़ा कर दिया है। घर बैठे दुनिया भर का बेहतरीन कंटेंट एक क्लिक पर उपलब्ध है। अगर आप भी बॉलीवुड की एक जैसी घिसी-पिटी कहानियों और मसाला फिल्मों को देखकर बोर हो चुके हैं, तो अब वक्त आ गया है कि अपनी वॉचलिस्ट को थोड़ा अपडेट किया जाए। साउथ इंडियन सिनेमा इन दिनों अपनी दमदार कहानियों, बेहतरीन निर्देशन और रोंगटे खड़े कर देने वाले एक्शन सीन्स के लिए जाना जाता है। साउथ की फिल्में सिर्फ बड़े पर्दे पर ही नहीं, बल्कि ओटीटी पर भी धूम मचा रही हैं।
खास तौर पर अगर आप हिंदी भाषी दर्शक हैं और दक्षिण भारतीय फिल्मों का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो लोकप्रिय स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ZEE5 पर कई शानदार फिल्में हिंदी डबिंग के साथ मौजूद हैं। इन फिल्मों की खासियत यह है कि इनमें केवल मारधाड़ ही नहीं, बल्कि समाज से जुड़े गंभीर मुद्दे, सस्पेंस, थ्रिलर और पारिवारिक ड्रामा भी बखूबी देखने को मिलता है। आज हम आपको ऐसी ही आठ बेहतरीन साउथ फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप आज ही अपनी वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
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मास्टर: प्रोफेसर और शातिर गैंगस्टर की भिड़ंत
साउथ सिनेमा के सुपरस्टार्स की बात हो और एक्शन का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। इस लिस्ट में सबसे पहला नाम लोकेश कनगराज द्वारा निर्देशित फिल्म का आता है, जो एक बेहतरीन एक्शन क्राइम थ्रिलर ड्रामा है। इस फिल्म की कहानी एक ऐसे शराबी प्रोफेसर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे मजबूरी में या यूं कहें कि एक नई शुरुआत के तहत जुवेनाइल स्कूल में बच्चों को पढ़ाने का काम मिलता है।
स्कूल में पहुंचने के बाद प्रोफेसर को धीरे-धीरे इस बात का अहसास होता है कि शहर का एक खतरनाक और शातिर गैंगस्टर मासूम बच्चों का इस्तेमाल अपने आपराधिक साम्राज्य को चलाने के लिए कर रहा है। इसके बाद शुरू होती है प्रोफेसर और उस कुख्यात गैंगस्टर के बीच एक जबरदस्त चूहे-बिल्ली की दौड़। फिल्म का स्क्रीनप्ले और धमाकेदार एक्शन दर्शकों को बांधकर रखता है।
गीता गोविंदम: प्यार, तकरार और कॉमेडी का तड़का
अगर आप एक्शन और थ्रिलर के बीच कुछ हल्का-फुल्का और रोमांटिक देखना चाहते हैं, तो तेलुगु भाषा की यह रोमांटिक कॉमेडी फिल्म आपके लिए एकदम सही विकल्प है। इस फिल्म की कहानी मुख्य रूप से विजय और गीता के इर्द-गिर्द बुनी गई है। कहानी में मोड़ तब आता है जब विजय को गीता से पहली नजर में प्यार हो जाता है, लेकिन गीता की सोच इसके बिल्कुल विपरीत होती है।
गीता को शुरुआत में लगता है कि विजय एक बेहद गैर-जिम्मेदार और लापरवाह किस्म का लड़का है। दोनों के बीच की नोकझोक, खट्टी-मीठी तकरार और परिस्थितियों के कारण पैदा होने वाली हास्य की स्थितियां दर्शकों को खूब हंसाती हैं। इस फिल्म का निर्देशन परशुराम ने किया है, और इसकी सादगी दर्शकों के दिलों को छू लेती है।
न्याय की जंग: जब अदालत में उठी अमानवीयता के खिलाफ आवाज
सिनेमा हमेशा से समाज का आईना रहा है और कई बार फिल्में ऐसी होती हैं जो हमारी न्याय व्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। यह एक पावरफुल एक्शन कोर्टरूम ड्रामा फिल्म है, जिसकी कहानी जानकी नामक एक साधारण लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है। जानकी अपने जीवन में एक बेहद अमानवीय और दर्दनाक घटना का शिकार हो जाती है, जो उसे अंदर से तोड़ देती है।
इस मुश्किल समय में जानकी की मुलाकात डेविड एबेल डोनोवन से होती है। इसके बाद दोनों मिलकर देश की अदालत और पूरी न्याय-व्यवस्था को खुली चुनौती देते हैं। यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे एक आम इंसान सिस्टम के खिलाफ खड़े होकर इंसाफ की गुहार लगा सकता है।
जासूसी का शौक और अनियंत्रित हालात का रोमांच
मलयालम सिनेमा अपनी बेहतरीन कहानियों और रियलिस्टिक अभिनय के लिए जाना जाता है। इस सूची में एक मजेदार एक्शन कॉमेडी फिल्म भी शामिल है, जो मनोरंजन का पूरा डोज देती है। अपनी बचपन की दोस्त का दिल जीतने और उसे इंप्रेस करने के चक्कर में टोनी जोस अपने पिता की डिटेक्टिव एजेंसी ज्वाइन कर लेता है। टोनी को लगता है कि जासूसी का काम बहुत आसान होगा।
लेकिन, टोनी का जीवन तब पूरी तरह बदल जाता है जब उसका पहला ही केस बहुत जल्द उसके नियंत्रण से पूरी तरह बाहर चला जाता है। इसके बाद जो हास्यास्पद और हैरान करने वाली घटनाएं घटती हैं, वे दर्शकों को अंत तक बांधे रखती हैं।
बाइकर्स गैंग और कॉप ड्रामा का खतरनाक खेल
क्राइम और पुलिस इन्वेस्टिगेटर फिल्मों के शौकीनों के लिए यह एक्शन क्राइम कॉप ड्रामा फिल्म एक बेहतरीन ट्रीट है। एक शांत शहर में अचानक बाइकर्स का एक ऐसा गैंग सक्रिय हो जाता है, जो शहर में खुलेआम चोरी, लूटपाट और मर्डर जैसी गंभीर घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस के लिए सिरदर्द बन जाता है।
इस खतरनाक बाइकर गैंग को रोकने और शहर में कानून व्यवस्था बहाल करने की जिम्मेदारी एक तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी अर्जुन को सौंपी जाती है। निर्देशक एच. विनोथ ने इस फिल्म में गति, रोमांच और पुलिस की कार्यप्रणाली को बहुत ही बेहतरीन तरीके से पर्दे पर उतारा है।
गुमनाम: सीरियल किलर और सब-इंस्पेक्टर की लुका-छिपी
तेलुगु भाषा की प्रसिद्ध फिल्म 'राक्षसुडु' का हिंदी संस्करण 'गुमनाम' नाम से उपलब्ध है। यह एक ऐसी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर है जो रोंगटे खड़े कर देती है। फिल्म की कहानी सब-इंस्पेक्टर अर्जुन के इर्द-गिर्द घूमती है। शहर में एक शातिर सीरियल किलर सक्रिय है जो लगातार छोटी लड़कियों को अपना निशाना बना रहा है और बेरहमी से उनकी हत्या कर रहा है।
सब-इंस्पेक्टर अर्जुन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस अदृश्य और चालाक सीरियल किलर को बेनकाब कर सलाखों के पीछे डालने की है। निर्देशक रमेश वर्मा ने इस फिल्म में रहस्य और रोमांच का ऐसा जाल बुना है कि दर्शक आखिरी फ्रेम तक अपनी सीट से हिल नहीं पाएंगे।
डरावनी रातें और आत्मा का खौफनाक बदला
अगर आपको हॉरर फिल्में पसंद हैं, जो डर के साथ-साथ रहस्य भी पैदा करें, तो तमिल भाषा की यह हॉरर थ्रिलर फिल्म आपके लिए ही बनी है। फिल्म की कहानी तीन ऐसे युवकों के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक महिला की निर्मम हत्या कर देते हैं और उसके शव को सुनसान जगह पर दफना देते हैं ताकि किसी को पता न चले।
लेकिन कुदरत का नियम अलग है। उन लड़कों से अपने साथ हुए अन्याय और मौत का बदला लेने के लिए उस बेकसूर औरत की आत्मा वापस लौटती है। निर्देशक मोहम्मद इसाक ने इस हॉरर फिल्म में डरावने दृश्यों के साथ-साथ एक मजबूत बदला लेने की कहानी को पिरोया है।
म्यूजिक टीचर की न्याय की लड़ाई और क्राइम थ्रिलर
कन्नड़ सिनेमा की यह क्राइम थ्रिलर फिल्म समाज की एक कड़वी सच्चाई को सामने लाती है। कहानी एक सीधी-साधी म्यूजिक टीचर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी तब नर्क बन जाती है जब उसका गैंगरेप जैसी घिनौनी घटना का शिकार होना पड़ता है।
घटना के बाद वह टीचर टूटती नहीं है, बल्कि अपने साथ हुए इस जघन्य अपराध के खिलाफ अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ती है। अपराधियों के साथ-साथ रूढ़िवादी समाज से लड़ने की चुनौती भी उस टीचर के सामने होती है। निर्देशक दयाल पद्मनाभन की यह फिल्म गहराई से सोचने पर मजबूर करती है।
"सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज के विभिन्न पहलुओं और इंसानी जज्बातों को आईना दिखाने का सबसे सशक्त माध्यम है। साउथ की इन फिल्मों में कहानी का जो दम है, वही इन्हें खास बनाता है।"— फिल्म समीक्षक
तो देर किस बात की? इस वीकेंड अगर आप कुछ नया और दमदार देखने का मन बना रहे हैं, तो ZEE5 पर इन फिल्मों का आनंद लें और अपने मनोरंजन के अनुभव को दोगुना करें।



