सूरत: 'द फ्रीलान्स' की ऑन-द-ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन टीम जब सूरत के उस खौफनाक घर के बाहर पहुंची, तो स्थानीय लोगों के चेहरों पर खौफ और हैरानी साफ झलक रही थी। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि जिस घर में सब कुछ सामान्य लग रहा था, उसके भीतर चार साल से मौत का ऐसा काला राज दफन था। यह मामला किसी फिल्मी थ्रिलर जैसा लग रहा है, लेकिन हकीकत में यह मानवीय रिश्तों के पतन और क्रूरता की पराकाष्ठा है, जहां एक पति-पत्नी ने अपनों का ही खून बहा दिया।
चार साल तक अंधेरे में रहा प्रशासन और परिवार
जांच के शुरुआती दौर में यह बात सामने आई कि हत्याएं आज से लगभग चार साल पहले की गई थीं। आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से इस कत्ल को अंजाम दिया और किसी को भनक तक नहीं लगने दी। हैरानी की बात यह है कि घर के भीतर और आंगन में शवों को ठिकाने लगाया गया, जिसमें से एक शव को घर के आंगन में ही दफना दिया गया था। इतने लंबे समय तक गायब रहने के बावजूद इन महिलाओं के बारे में किसी ने कोई बड़ी शंका नहीं जताई, जिसका फायदा आरोपियों ने उठाया।
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तीन पीढ़ियों का अंत: सास, नानी और बहन बनीं शिकार
हमारी फील्ड रिपोर्ट और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सनसनीखेज वारदात में शिकार होने वाली महिलाएं कोई और नहीं बल्कि परिवार की ही सदस्य थीं। आरोपियों ने अपनी ही सास, नानी और बहन को मौत के घाट उतार दिया। एक ही परिवार की तीन महिलाओं का इस तरह गायब हो जाना और फिर कंकाल के रूप में मिलना, समाज में फैली संवेदनहीनता और पारिवारिक टूटन की ओर एक गंभीर इशारा करता है।
घर के आंगन से मिले कंकाल, पुलिस की पूछताछ जारी
जैसे ही पुलिस को इस राज की भनक लगी, फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर धावा बोला गया। घर की खुदाई की गई तो वहां से मानव कंकाल बरामद हुए। पुलिस इस समय पति-पत्नी दोनों से गहन पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस खौफनाक कृत्य के पीछे आखिर असल मकसद क्या था - क्या यह संपत्ति का विवाद था, या फिर पारिवारिक कलश का कोई खूनी परिणाम? मामले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
आपराधिक मानसिकता और भविष्य की चेतावनी
द फ्रीलान्स का यह मानना है कि इस तरह की घटनाएं हमारे समाज के उस अंधेरे कोने को बेनकाब करती हैं जहाँ अपराध बोध खत्म हो चुका है। चार साल तक जुर्म को छुपाए रखना यह साबित करता है कि अपराधी कानून और समाज दोनों से कितने बेखौफ हो चुके थे। पुलिस अब डीएनए टेस्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले।







