बेंगलुरु से ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट — कर्नाटक में मौसम ने अचानक बिल्कुल मानसून जैसा रूप ले लिया है। मार्च और अप्रैल की चिलचिलाती गर्मी के बीच अचानक हुई भारी बारिश ने पूरे राज्य को हैरान कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मौसम के इस यू-टर्न से किसानों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि कटी हुई फसलें खुले में रखी हुई हैं। राज्य के अंदरूनी जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे लोगों को अचानक से ठंड का अहसास होने लगा है।
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक के कुछ अंदरूनी जिलों में न्यूनतम तापमान गिरकर 6.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इतनी कम ठंड इस मौसम में आम तौर पर नहीं देखी जाती है। सुबह और रात के समय ठंडी हवाएं चल रही हैं और घना कोहरा भी देखा जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में किसानों का कहना है कि अचानक आई इस ठंड और बारिश से उनकी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग ने किसानों को अपनी फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है और प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है।
बेंगलुरु की सड़कों पर जलभराव और लोगों का गुस्सा
देश की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर में पहली ही अच्छी बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। शहर की प्रमुख सड़कें और चौराहे पानी में डूब गए हैं, जिससे भारी ट्रैफिक जाम लग गया है। कई अंडरपास में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने शहर के बुनियादी ढांचे पर तीखे सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि सिर्फ एक दिन की बारिश ने महानगर पालिका के सभी इंतजामों की सच्चाई सामने ला दी है।
बेंगलुरु के एक स्थानीय स्टेडियम में भी पानी भर जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। खेलप्रेमियों और आम नागरिकों ने नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ा रोष जताया है। लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जरा सी बारिश में ही शहर तैरने लगता है। जलभराव के कारण ऑफिस जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा। प्रशासन अब युद्धस्तर पर पानी निकालने के पंप लगाकर स्थिति को संभालने में जुटा है।
मौसम विभाग का येलो अलर्ट और वज्रपात की चेतावनी
बेंगलुरु समेत कर्नाटक के कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक गरज के साथ छींटे पड़ने और तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आसमान में लगातार बादल छाए रहने और दक्षिण भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह बदलाव आया है। विभाग ने लोगों को खुले मैदानों में न जाने और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है। पिछले कुछ दिनों में आकाशीय बिजली गिरने से कुछ लोगों के हताहत होने की भी खबरें सामने आई हैं।
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव दलों को भी मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। जनता उम्मीद कर रही है कि मौसम की इस मार से जल्द राहत मिलेगी, लेकिन फिलहाल अगले कुछ दिनों तक तापमान में गिरावट और बारिश का यह दौर जारी रहने की पूरी उम्मीद है।



