द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह कारोबार की शुरुआत होते ही बड़ा भूचाल आ गया। निवेशकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और प्रमुख सूचकांक धड़ाम हो गए। सेंसेक्स में 1500 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस अचानक आई गिरावट से निवेशकों के मन में डर का माहौल बन गया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि हफ्ते के शुरुआती कारोबार में ही इतनी बड़ी बिकवाली ने सबको हैरान कर दिया है।
बाजार में मची इस तबाही की वजह से निवेशकों को बहुत बड़ा झटका लगा है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, एक झटके में निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार मूल्य तेजी से नीचे आ गया है। जिन निवेशकों ने हाल ही में अच्छे शेयरों में पैसा लगाया था, उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाजार की इस हालत को देखकर छोटे और मध्यम निवेशक सबसे ज्यादा डरे हुए हैं।
सेंसेक्स में भारी गिरावट के पीछे ये चार बड़े कारण
बाजार विशेषज्ञों और हमारे ग्राउंड इनपुट के मुताबिक, इस अचानक आई मंदी के पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारण काम कर रहे हैं। पहला बड़ा कारण वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत हैं। अमेरिका और यूरोपीय बाजारों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बिकवाली चल रही है। दूसरा बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार पैसा निकालना है। विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित ठिकानों की तरफ भाग रहे हैं।
तीसरा बड़ा कारण देश के भीतर कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक न आना है। कई बड़ी कंपनियों का मुनाफा कम हुआ है जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। चौथा और अहम कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर बढ़ती महंगाई का दबाव है। इन चारों वजहों ने मिलकर बाजार की कमर तोड़ दी है और बिकवाली का ऐसा दौर शुरू हुआ कि सेंसेक्स संभल नहीं पाया।
निवेशकों के डूबे 9 लाख करोड़ रुपये, आगे क्या करें?
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बाद हर तरफ यही चर्चा हो रही है कि अब आगे क्या होगा। जानकारों का कहना है कि बाजार में इस तरह के उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन घबराकर अपने शेयर सस्ते दामों पर बेचना समझदारी नहीं है। जिन लोगों ने लंबी अवधि के लिए निवेश किया है, उन्हें फिलहाल शांति बनाए रखनी चाहिए। बाजार के जानकारों की सलाह है कि इस गिरावट में केवल मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयर ही देखने चाहिए।
द फ्रीलान्स की टीम ने दलाल स्ट्रीट के कुछ स्थानीय कारोबारियों और ब्रोकर से भी बात की। उनका मानना है कि जब तक वैश्विक बाजार शांत नहीं होते और विदेशी निवेशक दोबारा खरीदारी शुरू नहीं करते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों को अपनी गाढ़ी कमाई का निवेश करने से पहले बाजार के रुख को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय खबरों और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।











