नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट का जो दौर चल रहा था, उसपर आज अचानक ब्रेक लग गया है। बाजार खुलते ही निवेशकों में जोश देखा गया और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1100 अंकों से ज्यादा की छलांग लगा गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। पिछले कई सत्रों से लगातार टूट रहे बाजार में इस अचानक आई तूफानी तेजी ने निवेशकों और बाजार के जानकारों को चौंका दिया है। बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है जब वैश्विक स्तर पर भी मिले-जुले संकेत मिल रहे थे।
कारोबार की शुरुआत के साथ ही दिग्गज शेयरों में खरीदारी का ऐसा दौर शुरू हुआ कि देखते ही देखते बाजार हरे निशान में बहुत ऊपर पहुंच गया। इस पूरी तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ आईटी यानी सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर का रहा है। टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो जैसे बड़े आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली है। पिछले कुछ हफ्तों से आईटी शेयरों पर दबाव बना हुआ था, लेकिन आज के सत्र में निवेशकों ने इन शेयरों पर जमकर दांव लगाया है। इसके अलावा बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के शेयरों में भी अच्छी खासी लिवाली दर्ज की गई है, जिससे सूचकांक को और मजबूती मिली है।
आईटी सेक्टर की कंपनियों में क्यों लौटी बहार?
बाजार के जानकारों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर कम होती चिंताओं के कारण आईटी शेयरों में यह नया जोश आया है। अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों के मजबूत प्रदर्शन का असर आज दलाल स्ट्रीट पर साफ तौर पर दिखाई दिया। भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका और यूरोप से आने वाले नए सौदों को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जिसका सीधा फायदा तकनीकी कंपनियों के शेयरों को मिल रहा है।
एक तरफ जहां आईटी और बैंकिंग शेयरों ने बाजार को नई ऊंचाई पर पहुंचाया, वहीं दूसरी तरफ मेटल सेक्टर में आज भारी बिकवाली और फिसलन देखने को मिली। हिंडाल्को, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक और नेशनल एल्युमिनियम जैसे बड़े मेटल शेयरों में पांच प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और चीन से मांग कमजोर रहने की खबरों के कारण मेटल सेक्टर के निवेशकों को आज नुकसान उठाना पड़ा है। बाजार जानकारों का कहना है कि मेटल शेयरों में यह मुनाफावसूली तेज रैली के बाद स्वाभाविक थी।
क्रिप्टो बाजार में भी हलचल तेज
सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, बल्कि क्रिप्टो करेंसी बाजार में भी इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी बिटक्वाइन ने 91 हजार डॉलर के आंकड़े को पार कर लिया है। पिछले कुछ घंटों में ही क्रिप्टो बाजार में बड़े पैमाने पर पोजीशन बदली हैं और शॉर्ट्स लिक्विडेट होने के आंकड़े सामने आए हैं। वित्तीय बाजारों में इस समय अनिश्चितता और तेजी का मिला-जुला माहौल बना हुआ है, जिसमें निवेशक हर छोटे-बड़े बदलाव पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार में आई यह तूफानी तेजी कितनी टिकेगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वैश्विक आर्थिक आंकड़े आने वाले दिनों में कैसे रहते हैं। खुदरा निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की इस तेजी में अंधी दौड़ लगाने के बजाय चुनिंदा और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही पैसा लगाएं। फिलहाल बाजार का सेंटिमेंट सुधरा जरूर है, लेकिन उतार-चढ़ाव का यह दौर अभी कुछ और दिन जारी रह सकता है।
निवेशकों के लिए आगे की क्या है रणनीति?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा हालात में निवेशकों को अपनी पूंजी का प्रबंधन बहुत सावधानी से करना चाहिए। जिन लोगों ने निचले स्तर पर खरीदारी की थी, वे अब मुनाफावसूली के बारे में सोच रहे हैं। वहीं नए निवेशकों को लंबी अवधि के नजरिए से ही निवेश करना समझदारी होगी। ब्रोकरेज हाउस लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि चुनिंदा शेयरों में ही दांव लगाएं क्योंकि बाजार में किसी भी समय करेक्शन आ सकता है।





