नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस ने अपनी दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है और इसके शुद्ध मुनाफे में 15 प्रतिशत की बड़ी उछाल देखने को मिली है। बाजार के जानकारों और निवेशकों की नजरें लंबे समय से इन आंकड़ों पर टिकी हुई थीं। नतीजों के आने से पहले ही कंपनी के शेयरों में बढ़त का रुख दिखाई दे रहा था। इस ताजा रिपोर्ट के सामने आने के बाद निवेशकों में काफी उत्साह का माहौल बना हुआ है।
कंपनी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस तिमाही में टीसीएस की कुल कमाई 73,188 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले काफी मजबूत स्थिति को दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर आईटी सेक्टर में छाई सुस्ती के बीच टाटा की इस प्रमुख कंपनी ने शानदार वापसी की है। ग्राहकों से मिलने वाले नए ऑर्डर और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग ने कंपनी के राजस्व को बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है।
निवेशकों के लिए डिविडेंड का बड़ा ऐलान
कंपनी के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों को बड़ा तोहफा देते हुए डिविडेंड देने का फैसला किया है। पात्र निवेशकों को प्रति शेयर 12 रुपये का डिविडेंड दिया जाएगा। इसके लिए कंपनी ने रिकॉर्ड डेट भी तय कर दी है जिसके तहत तय समय सीमा तक शेयर रखने वाले निवेशकों को इसका लाभ मिलेगा। शेयर बाजार में इस घोषणा का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है क्योंकि निवेशकों को हमेशा से लाभांश का इंतजार रहता है।
मुनाफे में 15 प्रतिशत की यह वृद्धि विश्लेषकों के अनुमानों से भी बेहतर साबित हुई है। मार्जिन के मोर्चे पर भी कंपनी ने अपनी स्थिति को मजबूत बनाए रखा है। वैश्विक मंदी की आशंकाओं को दरकिनार करते हुए भारतीय आईटी बाजार में टीसीएस का यह प्रदर्शन क्षेत्र की अन्य कंपनियों के लिए एक बड़ा बेंचमार्क बन गया है। खर्चों पर नियंत्रण और ऑपरेशनल दक्षता के कारण कंपनी अपना मुनाफा बढ़ाने में सफल रही है।
शेयर बाजार पर नतीजों का असर और आगे की चाल
नतीजे सामने आने के बाद दलाल स्ट्रीट पर टीसीएस के शेयरों में खरीदारी का दौर तेज हो गया है। कारोबार के दौरान शेयर की कीमतों में लगातार बढ़त दर्ज की जा रही है। ट्रेडर्स और लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह तिमाही रिपोर्ट बेहद राहत भरी रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी कंपनी का प्रदर्शन इसी तरह मजबूत बना रह सकता है क्योंकि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के प्रोजेक्ट्स लगातार आ रहे हैं।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल से यह साफ होता है कि भारतीय आईटी कंपनियां अब वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने में पूरी तरह सक्षम हो चुकी हैं। टीसीएस के इन नतीजों ने पूरे सेक्टर में एक नई ऊर्जा फूंक दी है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि बाकी अन्य तकनीकी कंपनियां इस तिमाही में कैसा प्रदर्शन करती हैं, लेकिन फिलहाल टाटा समूह की इस कंपनी ने बाजार में अपनी मजबूत पकड़ का अहساس करा दिया है।







