अजमेर सेंट्रल जेल से जुड़ा एक बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। जेल की व्यवस्था चलाने वाली महिला जेलर खुद ही नियमों को ताक पर रख बैठी थीं। आरोप है कि महिला जेलर दिव्या चौधरी जेल में बंद कैदियों को अपने घर ले जाती थीं। वहां उन कैदियों से घर की सफाई और अन्य घरेलू काम करवाए जाते थे। इस गंभीर लापरवाही और पद के दुरुपयोग की बात सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला जेलर को निलंबित कर दिया था और उनकी तलाश की जा रही थी। आखिरकार पुलिस ने उन्हें कोटा से दबोच लिया है और अब उनसे पूछताछ की जा रही है।
यह पूरा मामला तब खुला जब जेल परिसर के भीतर से ही नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिलने लगीं। जेल नियमावली के अनुसार किसी भी सजायाफ्ता या विचाराधीन कैदी को जेल के बाहर ले जाकर इस तरह निजी काम करवाना पूरी तरह से गैरकानूनी है। लेकिन महिला जेलर ने अपने रसूख और पद का इस्तेमाल करते हुए नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वे दो कैदियों को अपने आवास पर रखती थीं और उनसे लगातार घरेलू काम करवाती थीं। जब इस बात की भनक उच्च अधिकारियों को लगी, तो विभाग ने मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद गाज गिरनी तय थी।
महिला जेलर दिव्या चौधरी कोटा से गिरफ्तार
प्रशासनिक स्तर पर प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद महिला जेलर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बाद से ही दिव्या चौधरी भूमिगत हो गई थीं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अजमेर पुलिस की एक विशेष टीम लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि वे कोटा में छिपी हुई हैं। इसके बाद पुलिस ने कोटा में दबिश दी और आरोपी महिला जेलर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अजमेर लाया जा रहा है जहां उनसे इस पूरे मामले में गहराई से पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि इस खेल में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
जेल प्रशासन और पुलिस विभाग के लिए यह घटना बेहद शर्मनाक मानी जा रही है। एक जिम्मेदार पद पर बैठकर कानून की रक्षा करने की बजाय खुद कानून तोड़ने का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों के दुरुपयोग को लेकर अब कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या महिला जेलर अकेले ही इस काम को अंजाम देती थीं या इसमें जेल के कुछ अन्य सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों की भी मिलीभगत थी? पुलिस अब इस एंगल से भी अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। पकड़े गए कैदियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि उन्हें कब-कब और कैसे जेल से बाहर ले जाया जाता था।
जेल के नियमों की उड़ाई गईं धज्जियां
राजस्थान की जेलों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। लेकिन अजमेर सेंट्रल जेल की इस घटना ने सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। आम नागरिकों और मानवाधिकार संगठनों में भी इस बात को लेकर काफी रोष है कि कैसे जेल के भीतर बंद कैदियों का इस्तेमाल निजी नौकरों की तरह किया जा सकता है। जानकारों का मानना है कि इस मामले में सिर्फ निलंबन और गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि एक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए। इससे यह पता चलेगा कि क्या इस तरह की हरकतें लंबे समय से चल रही थीं या यह कोई पहला मामला था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी महिला जेलर को अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड की मांग की जाएगी ताकि पूछताछ में सारे राज बाहर आ सकें।
इस पूरी कार्रवाई के बाद अजमेर सेंट्रल जेल के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया है। किसी ने यह नहीं सोचा था कि एक महिला जेलर इस तरह के गंभीर आरोपों में घिर जाएंगी और उन्हें अपनी नौकरी के साथ-साथ गिरफ्तारी का भी सामना करना पड़ेगा। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस बात की मांग कर रहे हैं कि जेल प्रशासन को पूरी तरह से दुरुस्त किया जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि कोई भी अधिकारी अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल न कर सके। पुलिस और प्रशासन की यह संयुक्त कार्रवाई अब पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन चुकी है।
आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच का दायरा
अब जबकि मुख्य आरोपी महिला जेलर को गिरफ्तार कर लिया गया है, तो पुलिस का पूरा ध्यान इस बात पर है कि साक्ष्यों को मजबूत किया जाए। कैदियों के बयान, जेल के आवक-जावक रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके। कानून के जानकारों का कहना है कि पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी के खिलाफ सख्त धाराएं लगाई जा सकती हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है, क्योंकि जांच का दायरा अब धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।



