नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारत के सर्राफा बाजार में इस समय हलचल काफी तेज है और सोने-चांदी के दाम लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले कीमतों में आया यह जबरदस्त उछाल आम लोगों और खरीदारों के लिए बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजार के रुख और स्थानीय मांग में अचानक तेजी आने की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में यह बड़ा बदलाव दर्ज किया गया है। बाजार में आई इस अचानक तेजी के बाद सर्राफा बाजारों में खरीदारों की भीड़ भी कम होने लगी है क्योंकि ऊंचे दामों ने आम आदमी के बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में सबसे बड़ा फेरबदल देखने को मिला है जहां चांदी का भाव उछलकर रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया है। इसके साथ ही 10 ग्राम सोने के दाम में भी हजारों रुपये की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है जिससे निवेशकों में तो खुशी का माहौल है लेकिन शादी-ब्याह और त्योहारों के लिए खरीदारी करने वाले आम परिवार खासे परेशान नजर आ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों में बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक स्तर पर मची उथल-पुथल के कारण कीमतों में जो मामूली नरमी आई थी, वह अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है और बाजार फिर से एक नए और ऊंचे दौर की तरफ बढ़ चला है।
त्योहारी सीजन से पहले क्यों महंगे हुए सोना और चांदी?
बाजार विशेषज्ञों से बातचीत में यह बात सामने आई है कि सोने और चांदी की कीमतों में इस भारी उछाल के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं। पहला कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की मांग का अचानक बढ़ जाना है, जिससे दुनियाभर के बाजारों में कीमतें ऊपर की तरफ भाग रही हैं। दूसरा बड़ा कारण घरेलू स्तर पर त्योहारी सीजन की आहट है, जिसके चलते आम लोग सोने और चांदी के गहने खरीदने के लिए बड़ी संख्या में दुकानों का रुख कर रहे हैं। मांग और आपूर्ति के इस असंतुलन ने कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है और खुदरा व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि यही रुख रहा तो दाम और भी ज्यादा बढ़ सकते हैं।
तीसरा और सबसे अहम कारण मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और वैश्विक निवेशकों का शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित माने जाने वाले सोने-चांदी में निवेश करना है। जब भी शेयर बाजार में अनिश्चितता का माहौल बनता है, बड़े निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते हैं और भारी मात्रा में पैसा इस धातु में झोंक देते हैं। यही वजह है कि छोटे और खुदरा खरीदार इस भारी-भरकम तेजी के आगे लाचार नजर आ रहे हैं और वे केवल बाजार के भाव देखने तक सीमित रह गए हैं।
खरीदारी करने से पहले इन बातों का रखना होगा खास ध्यान
सर्राफा कारोबार से जुड़े जानकारों और विशेषज्ञों की यह सलाह है कि यदि आप इन दिनों सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो बहुत ही सावधानी बरतने की जरूरत है। बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है और किसी भी दिन कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, इसलिए कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अपने बजट और बाजार की चाल पर गहरी नजर जरूर रखें। इसके अलावा, हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें ताकि आपको शुद्धता को लेकर किसी भी तरह की धोखाधड़ी का सामना न करना पड़े और आपके पैसे पूरी तरह सुरक्षित रहें।
आम जनता का मानना है कि जिस रफ्तार से सोने और चांदी के दाम बढ़ रहे हैं, उससे मध्यम वर्ग के लिए पारंपरिक मौकों पर आभूषण खरीदना लगभग असंभव सा होता जा रहा है। सरकार और आर्थिक विश्लेषक भी इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि त्योहारी सीजन के दौरान यह महंगाई ग्राहकों की जेब पर कितना भारी पड़ती है। फिलहाल बाजार में हर कोई यही कयास लगा रहा है कि आने वाले हफ्तों में सोने के दाम किस नए शिखर को छूएंगे या फिर इसमें कोई राहत भरी गिरावट देखने को मिलेगी।
भविष्य में क्या रह सकती है सोने और चांदी की चाल?
आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि आने वाले महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर ही सोने और चांदी की अगली चाल निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होता है या ब्याज दरों में कोई बड़ा बदलाव आता है, तो कीमतों में कुछ ठहराव आ सकता है। लेकिन जब तक त्योहारी और शादी का सीजन पूरी तरह परवान नहीं चढ़ जाता, तब तक कीमतों में किसी बड़ी राहत की उम्मीद करना बेमानी होगा। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए रखेगी और बाजार के हर नए अपडेट से आपको समय पर अवगत कराती रहेगी।



