द फ्रीलान्स ब्यूरो — राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता अभिनेता धनुष ने अपने अभिनय के दम पर भारतीय सिनेमा जगत में एक बहुत बड़ा मुकाम हासिल किया है। एक साधारण अभिनेता के रूप में अपना सफर शुरू करने वाले धनुष आज देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अपनी कला का लोहा मनवा चुके हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी आने वाली बहुप्रतीक्षित फिल्म 'डीएनएस' का पहला शूटिंग शेड्यूल पूरा कर लिया है, जिसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश के तिरुमला मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। उनकी यह सादगी और काम के प्रति समर्पण हमेशा से उनके फैंस को बहुत पसंद आता रहा है।
धनुष के अभिनय सफर की बात करें तो उन्हें फिल्म 'असुरन' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। इस फिल्म में उनके द्वारा निभाया गया शिवसामी का किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। जब उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला था, तब अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक बहुत ही भावुक पोस्ट लिखकर अपनी खुशी जाहिर की थी। उन्होंने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने चाहने वालों और उन तमाम निर्देशकों को दिया जिन्होंने उनकी प्रतिभा पर भरोसा जताया। उनकी यह फिल्म आईएमडीबी की टॉप लिस्ट में भी बहुत ऊपर शुमार है।
साउथ सिनेमा से लेकर ग्लोबल मंच तक का सफर
धनुष ने अपने फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक बेहतरीन फिल्मों में काम किया है जिनमें 'पुधु पेट्टई', 'असुरन', 'रण बाधना' और कई अन्य ब्लॉकबस्टर फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों में उनके अलग-अलग तेवर और किरदारों की गहराई ने उन्हें दक्षिण भारत तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उन्हें एक ग्लोबल सुपरस्टार बना दिया। नेटफ्लिक्स की हॉलीवुड फिल्म 'द ग्रे मैन' में काम करके उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेर सकते हैं। हॉलीवुड के बड़े कलाकारों के साथ काम करने के बाद भी उनकी जड़ें हमेशा अपनी मिट्टी से जुड़ी रही हैं।
उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि वे हर बार एक नया प्रयोग करते हैं। चाहे वह एक्शन हो, ड्रामा हो या फिर रोमांस, धनुष हर विधा में खुद को एकदम सटीक साबित करते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और सिनेमा के जानकारों के अनुसार उनकी फिल्मों की पटकथा हमेशा आम आदमी के संघर्ष और उसकी उम्मीदों के इर्द-गिर्द घूमती है। यही वजह है कि जब वे पर्दे पर आते हैं तो दर्शक खुद को उनके किरदारों से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। 'असुरन' और 'पुधु पेट्टई' जैसी फिल्मों ने उन्हें तमिल सिनेमा का 'कैप्टन' बना दिया है जो अपनी टीम को हमेशा आगे लेकर चलते हैं।
फिल्मी परफेक्शन और आने वाले प्रोजेक्ट्स की तैयारी
अपनी दमदार एक्टिंग के साथ-साथ धनुष निर्देशन के क्षेत्र में भी हाथ आजमा चुके हैं और उनकी निर्देशित फिल्मों को भी दर्शकों ने खूब प्यार दिया है। लगातार कड़ी मेहनत करना और हर नए प्रोजेक्ट में कुछ अलग करने की जिद ही उन्हें आज के दौर का सबसे व्यस्त और लोकप्रिय सितारा बनाती है। फिल्म 'डीएनएस' की शूटिंग पूरी होने के बाद उनके फैंस की उत्सुकता और अधिक बढ़ गई है क्योंकि हर कोई यह देखना चाहता है कि इस बार वे पर्दे पर क्या नया लेकर आ रहे हैं। उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर तो कमाल करती ही हैं, साथ ही वे क्रिटिक्स की कसौटी पर भी खरी उतरती हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि धनुष का यह सफर आने वाली पीढ़ी के कई कलाकारों के लिए एक बड़ी मिसाल है। बिना किसी फिल्मी खानदान की पृष्ठभूमि के केवल अपने हुनर और पक्के इरादे के बल पर इंडस्ट्री के शिखर तक पहुंचना आसान नहीं होता है। लेकिन धनुष ने यह साबित कर दिया है कि अगर आपके भीतर लगन है तो आप किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं। सिनेमा प्रेमियों की निगाहें अब उनकी आने वाली फिल्मों पर टिकी हैं जो निश्चित रूप से मनोरंजन की दुनिया में नए रिकॉर्ड बनाएंगी।
दर्शकों का प्यार और स्टारडम का नया पैमाना
आज के समय में जब दर्शकों की पसंद बहुत तेजी से बदल रही है, ऐसे में धनुष ने अपनी फिल्मों के चयन से यह दिखा दिया है कि दमदार कहानी ही सबसे बड़ा हीरो होती है। वे अक्सर ऐसी भूमिकाएं चुनते हैं जो समाज के किसी न किसी हिस्से की सच्चाई को बयां करती हैं। तिरुमला यात्रा के दौरान भी उनके फैंस की भारी भीड़ उनके प्रति उनके अथाह प्रेम को साफ दर्शाती है। वे जमीन से जुड़े कलाकार हैं और यही बात उन्हें बाकी सितारों से बिल्कुल अलग खड़ा करती है।






