नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — अभिनेता विजय देवरकोंडा की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रणबाली' का टाइटल और टीज़र सामने आते ही सिनेमा जगत में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस फिल्म में विजय के साथ रश्मिका मंदाना भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगी, जिसे लेकर फैंस में भारी उत्साह है। फिल्म का टीजर सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर इसके एक्शन दृश्यों और कहानी को लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं। निर्देशक और निर्माताओं ने इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी गोपनीयता बरती थी, लेकिन अब जैसे ही झलक सामने आई है, लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।
सामने आए टीजर और ट्रेलर में विजय देवरकोंडा का बिल्कुल अलग और आक्रामक रूप दिखाई दे रहा है। कहानी अंग्रेजी शासन के दौर और उस समय के जुल्मों पर आधारित प्रतीत होती है, जहां नायक अन्याय के खिलाफ खड़ा होता है। कुछ दृश्यों में हिंसा और क्रूरता का स्तर इतना ज्यादा है कि दर्शकों ने सोशल मीडिया पर इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों का कहना है कि यह दृश्य बहुत डरावने हैं और उन्हें देखने के दौरान आंखें बंद करनी पड़ सकती हैं, वहीं एक्शन प्रेमियों को यह स्टाइल काफी पसंद आ रहा है।
विजय देवरकोंडा का फूटा गुस्सा और विरोधियों को जवाब
फिल्म की घोषणा और टीजर रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे लेकर नकारात्मक टिप्पणियां शुरू कर दी थीं। कुछ तुलनाएं अन्य फिल्मों जैसे 'जेलर 2' और क्षेत्रीय सिनेमा के प्रोजेक्ट्स से भी की जाने लगीं, जिसके बाद अभिनेता विजय देवरकोंडा का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आलोचकों को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि उनकी फिल्म को बिना वजह निशाना बनाया जा रहा है। अभिनेता का यह बयान तुरंत वायरल हो गया और उनके समर्थकों ने उनका खुलकर समर्थन करना शुरू कर दिया।
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस तरह की तीखी बहसें अक्सर फिल्मों के पक्ष में काम करती हैं और दर्शकों की उत्सुकता को बढ़ा देती हैं। जब किसी बड़े प्रोजेक्ट पर सवाल उठते हैं, तो थिएटर्स में उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ने की संभावना और अधिक हो जाती है। मेकर्स का भी यही सोचना है कि फिल्म जब सिनेमाघरों में उतरेगी, तो लोग खुद आकर असली कहानी देख पाएंगे। फिलहाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'रणबाली' के रिव्यू और ट्रेलर को लेकर बहस थमने का नाम नहीं ले रही है।
सिनेमाघरों से लेकर ओटीटी तक चर्चाओं का बाजार गर्म
आने वाले हफ्तों में कई बड़े थिएटर्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर नई फिल्मों की बाढ़ आने वाली है, जिसमें 'रणबाली' का नाम सबसे आगे चल रहा है। त्योहारी सीजन और छुट्टियों के दिनों को ध्यान में रखते हुए मेकर्स अपनी फिल्मों को दर्शकों तक पहुंचाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। सिनेमा प्रेमियों के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक कमाल दिखा पाएगी या नहीं। विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की जोड़ी पहले भी पर्दे पर पसंद की गई है, इसलिए इस फिल्म से उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं।
जमीनी स्तर पर बात करें तो सिंगल स्क्रीन थिएटर्स से लेकर मल्टीप्लेक्स तक के मालिक इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि दर्शक एक्शन फिल्मों को देखने के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकलेंगे। अंग्रेजी हुकूमत के समय की पृष्ठभूमि और विजय का रौद्र रूप टिकट खिड़की पर भीड़ खींचने के लिए काफी माना जा रहा है। हालांकि, फिल्म रिलीज होने के बाद ही असली तस्वीर साफ हो पाएगी कि समीक्षक इसे क्या रेटिंग देते हैं।
दर्शकों की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति
आम दर्शकों के बीच इस बात को लेकर उत्सुकता है कि फिल्म की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि कितनी प्रामाणिक होगी। निर्देशक ने ऐतिहासिक तथ्यों के साथ कितनी रचनात्मक छूट ली है, यह बात फिल्म रिलीज होने के बाद ही पूरी तरह सामने आएगी। सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड्स और समीक्षाओं के बीच निर्माताओं ने अपनी मार्केटिंग रणनीति को और तेज कर दिया है ताकि हर वर्ग के दर्शक तक फिल्म की पहुंच बनाई जा सके।
'द फ्रीलान्स' की इस ग्राउंड पड़ताल में यह बात सामने आई है कि विवाद और चर्चाएं किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के लिए प्रचार का काम करती हैं। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे फिल्म की रिलीज की तारीख पास आएगी, इस पर चर्चाएं और अधिक गर्म होने की पूरी उम्मीद है। दर्शक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि थिएटर्स में जब यह फिल्म उतरेगी, तो पर्दे पर उनका अनुभव कैसा रहता है।






