नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय शेयर बाजार में इस समय मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआइ के एक बड़े फैसले के बाद बाजार में अचानक से बिकवाली हावी हो गई। इसका असर यह हुआ कि सेंसेक्स दो सौ अंक से ज्यादा लुढ़क गया और निफ्टी भी बाईस हजार पांच सौ पचास के अहम स्तर के नीचे फिसल गया। इस उठापटक के बीच बाजार में कुछ ऐसे मौके भी सामने आ रहे हैं जो निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। इन्हीं में एक ऐसा शेयर भी शामिल है जो अपने सामान्य बाजार भाव से लगभग छब्बीस प्रतिशत तक सस्ते दाम पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
बाजार के जानकारों और ब्रोकरेज फर्मों की रिपोर्ट के मुताबिक, इस शेयर में आई हालिया गिरावट के बाद इसका मूल्यांकन काफी आकर्षक हो गया है। आमतौर पर जब बाजार में कमजोरी आती है तो कई बेहतरीन कंपनियों के शेयर भी औने-पौने दामों पर मिलने लगते हैं। इस विशेष शेयर के मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। तकनीकी और फंडामेंटल विश्लेषण करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी के बुनियादी आंकड़े मजबूत हैं, लेकिन बाजार के सेंटीमेंट और बाहरी दबाव के कारण इसके भाव में यह भारी गिरावट दर्ज की गई है। कल जब शेयर बाजार की घंटी बजेगी, तो खुदरा निवेशकों से लेकर बड़े फंड हाउसों की नजर इसी स्टॉक पर टिकी होगी।
मुनाफा घटने के बावजूद शेयरों में क्यों आ रही है तेजी
हाल के दिनों में हमने यह भी देखा है कि कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से थोड़े कमजोर रहे हैं। उदाहरण के लिए, एक्सिस बैंक जैसे बड़े वित्तीय संस्थान का मुनाफा पिछले एक साल में छब्बीस प्रतिशत तक घट गया था। इसके बावजूद, बैंक के शेयर चार प्रतिशत तक उछल गए। इसकी मुख्य वजह यह थी कि निवेशकों ने सिर्फ मुनाफे के आंकड़ों को देखने के बजाय कंपनी की परिसंपत्ति की गुणवत्ता, लोन की रिकवरी और भविष्य के कारोबार को लेकर प्रबंधन के भरोसेमंद बयानों पर ज्यादा भरोसा दिखाया। यही वजह है कि बाजार में किसी शेयर की चाल सिर्फ उसके एक तिमाही के मुनाफे पर तय नहीं होती, बल्कि उसके दूसरे कई पैमानों पर भी निर्भर करती है।
वर्तमान में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील जैसे दिग्गज शेयरों पर भी बाजार के जानकारों की पैनी नजर बनी हुई है। इन तमाम बड़े शेयरों में रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव से छोटे निवेशकों के लिए कमाई के नए रास्ते खुलते हैं। स्विगी जैसे नए जमाने के तकनीकी शेयरों के लाइव भाव पर भी इस समय तकनीकी निवेशकों की फौज जुटी हुई है। हालांकि, जो शेयर 26 प्रतिशत तक डिस्काउंट पर मिल रहा है, उसकी कहानी थोड़ी अलग है। उसमें वैल्यू बाइंग यानी कम कीमत पर मजबूत शेयर खरीदने का मौका ढूंढा जा रहा है।
निवेशकों को पैसा लगाने से पहले किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल और वित्तीय विशेषज्ञों की सलाह यह कहती है कि किसी भी शेयर में आँख मूंदकर पैसा नहीं लगाना चाहिए। भले ही कोई स्टॉक बाजार भाव से छब्बीस प्रतिशत सस्ता मिल रहा हो, लेकिन आपको यह जरूर देखना चाहिए कि कंपनी पर कर्ज कितना है। इसके अलावा, कंपनी का प्रमोटर होल्डिंग पैटर्न कैसा है और उसका पिछला ट्रैक रिकॉर्ड बाजार में कैसा रहा है। सिर्फ सस्ता देखकर खरीदारी करने से कई बार निवेशकों को लंबी अवधि के लिए फंसना पड़ सकता है। इसलिए हड़बड़ी दिखाने के बजाय अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।
कल सुबह जब बाजार खुलेगा, तो इस सस्ते शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। अगर आप भी इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं, तो बाजार खुलने के पहले घंटे में होने वाले वॉल्यूम यानी शेयरों के लेन-देन की मात्रा पर बारीक नजर रखें। आरबीआइ की नीतियों और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेतों का असर भी इस शेयर की चाल पर साफ दिखाई देगा। हमारी टीम कल बाजार खुलने के बाद इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखेगी और हर ताजा अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।






