नई दिल्ली के आसमान पर इस समय सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है और सड़कों पर खाकी वर्दी का पहरा है। सौरव दास और आशुतोष रांका की हालिया गिरफ्तारी के विरोध में आहूत सीजेपी मार्च को लेकर राजधानी में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाल लिया है। दिल्ली के कई प्रमुख रास्तों और चौराहों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि शहर की शांति व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित रहे।
गिरफ्तारी के इस मामले के बाद से ही विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है जिसे वे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसी विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने का फैसला किया है। मार्च वाले मार्ग और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए।
राजधानी की सीमाओं पर कड़ा पहरा और भारी बैरिकेडिंग
दिल्ली की सीमाओं पर आने-जाने वाले हर वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है जिससे लंबा जाम भी लग रहा है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या मार्च की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जगह-जगह लोहे के भारी बैरिकेड्स और कंक्रीट की दीवारें खड़ी कर दी गई हैं। खुफिया एजेंसियों को भी पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत मुख्य नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाई जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद मैदानी इलाकों का दौरा किया है। ड्रोन कैमरों की मदद से भीड़भाड़ वाले इलाकों और मार्च के संभावित रूट पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस का मुख्य जोर इस बात पर है कि आम जनता को कम से कम परेशानी हो और कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाए। शहर के मेट्रो स्टेशनों के निकास द्वारों पर भी सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं ताकि कोई भी अनचाहा तत्व शहर में प्रवेश न कर सके।
सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक तकनीक से हो रही है चप्पे-चप्पे की निगरानी
इस पूरे सुरक्षा बंदोबस्त में आधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनसे सीधे पुलिस मुख्यालय के मॉनिटरिंग रूम में फीड जा रही है। फेशियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर और अन्य डिजिटल टूल्स की मदद से संदिग्ध चेहरों की पहचान करने का काम भी तेजी से चल रहा है। पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों को भी प्रशासन की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। कई इलाकों में बाजार सामान्य रूप से खुले हैं लेकिन लोगों के मन में एहतियात को लेकर थोड़ी चिंता साफ दिखाई दे रही है। सार्वजनिक परिवहन और यातायात व्यवस्था पर भी इस सुरक्षा घेरे का सीधा असर पड़ा है। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नया अपडेट सामने आएगा, पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाया जाएगा।




