नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर हजारों युवा सड़क पर उतरे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की पूरी कोशिश की। धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज के बीच कई छात्र घायल भी हुए हैं। माहौल उस वक्त बेहद भावुक हो गया जब पीड़ित छात्रों ने राहुल गांधी से मुलाकात की। एक युवा छात्रा ने राहुल गांधी को अपनी आपबीती सुनाई। छात्रा ने कहा कि उसने पुलिस से कहा था कि जितना मारना है मार लो, हम पीछे नहीं हटेंगे। उसकी यह बात सुनकर राहुल गांधी भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए।
जंतर-मंतर पर छात्रों का यह प्रदर्शन पिछले कई दिनों से सुलग रहा था। देश भर के अलग-अलग राज्यों से छात्र दिल्ली पहुंचे थे। छात्रों का कहना है कि उनकी परीक्षाएं समय पर नहीं होती हैं। पेपर लीक और घोटालों ने युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। जब छात्र अपनी मांग लेकर शांति से मार्च निकाल रहे थे, तब पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी झड़प शुरू हो गई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। कई छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर अलग-अलग थानों में ले जाया गया।
लाठी के सामने बांसुरी बजाकर दिया शांति का संदेश
इस पूरे हंगामे के बीच एक बेहद अनोखी तस्वीर भी सामने आई। जब पुलिस लाठियां भांज रही थी, तब एक युवा छात्र सड़क पर बैठ गया। उसने अपने हाथ में बांसुरी उठाई और 'वैष्णव जन तो' की धुन बजाने लगा। गांधीवादी तरीके से विरोध जताने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। चारों तरफ मची अफरातफरी के बीच बांसुरी की मधुर आवाज ने सबका ध्यान खींचा। प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि वे कोई दंगाई या अपराधी नहीं हैं। वे केवल अपने हक और रोजगार की मांग कर रहे हैं। हिंसा के बदले गांधी के भजन से जवाब देने के इस तरीके की चारों तरफ चर्चा हो रही है।
इसी दौरान सोशल मीडिया पर सक्रिय युवा कार्यकर्ता अभिजीत दीपके को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अभिजीत छात्रों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करा रहे थे। पुलिस ने बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद छात्रों का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया। छात्रों ने संसद मार्ग थाने के बाहर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। युवाओं का आरोप है कि पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आवाज दबाने का काम कर रही है। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि इलाके में धारा 144 लागू थी और प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी।
मल्लिकार्जुन खरगे बोले- जनता की समस्याएं ही हमारा मुख्य एजेंडा
छात्रों के इस भारी विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का भी बड़ा बयान सामने आया है। खरगे ने कहा कि युवाओं और आम जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता की समस्याएं ही विपक्ष का सबसे बड़ा एजेंडा हैं। खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं की बेरोजगारी पर बात करने से बच रही है। जब छात्र सवाल पूछते हैं, तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी ताकत से सड़क से लेकर संसद तक छात्रों के साथ खड़ा रहेगा। युवाओं के हक की लड़ाई किसी भी कीमत पर रुकने नहीं दी जाएगी।
राहुल गांधी ने भी पीड़ित छात्र-छात्राओं से लंबी बातचीत की। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी लड़ाई में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह साथ है। राहुल ने कहा कि आज देश का युवा भारी संकट के दौर से गुजर रहा है। डिग्रियां हाथ में होने के बाद भी नौजवान दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। पेपर लीक के कारण सालों की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो जाती है। राहुल ने सवाल उठाया कि शांति से अपनी मांग रख रहे छात्रों पर बल प्रयोग क्यों किया गया। उन्होंने घायल छात्रों के इलाज की व्यवस्था कराने के निर्देश भी अपने कार्यकर्ताओं को दिए।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और आगे की रणनीति
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल में सामने आया कि जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कई लेयर के लोहे के बैरिकेड्स लगाए गए हैं। रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस के जवान भारी संख्या में तैनात हैं। मेट्रो स्टेशनों पर भी अतिरिक्त जांच की जा रही है। किसी भी बड़े समूह को संसद की तरफ बढ़ने की इजाजत नहीं दी जा रही है। कई रास्तों पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है, जिससे मध्य दिल्ली में लंबा जाम लग गया।
प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि वे झुकने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने पूरे देश के विश्वविद्यालयों में एकजुट होकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा। युवाओं का कहना है कि लाठी और जेल से उनके हौसले कमजोर नहीं होंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छात्र आंदोलन आने वाले दिनों में सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।









