नई दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी यानी नागरिक न्याय मंच का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। इस प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर पाबंदियां लगाईं और कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया। राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और ऐसा लग रहा था मानो पूरा इलाका किसी छावनी में बदल गया हो। इस कार्रवाई के बाद से ही देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
इसी बीच लोकप्रिय यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ध्रुव राठी का इस पूरे मामले पर बड़ा बयान सामने आया है। ध्रुव राठी ने अपने संदेश में कहा है कि इस मुश्किल वक्त में सभी भारतीयों को एक साथ आना चाहिए और अपनी आवाज उठानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और उनके समर्थकों के साथ-साथ आलोचक भी आमने-सामने आ गए हैं। इस बीच अभिनेता मुकेश खन्ना ने भी ध्रुव राठी और अभिजीत दीपके की तीखी आलोचना की है।
संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रतिक्रिया और पुलिस कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम ने केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। संयुक्त राष्ट्र संघ यानी यूएन ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई और नेताओं की हिरासत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यूएन के अधिकारियों का मानना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना और अपनी बात रखना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। इस तरह से बड़े पैमाने पर नेताओं को हिरासत में लेना और पाबंदियां लगाना चिंता का विषय बनता जा रहा है।
दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों के पास आवश्यक अनुमति नहीं थी और वे संवेदनशील इलाकों की तरफ बढ़ रहे थे। सुरक्षा बलों ने किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर यह कार्रवाई की है। इसके बावजूद विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों द्वारा पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
दिग्गज नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक सरगर्मी
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी दिल्ली को छावनी या किले में तब्दील किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। शशि थरूर ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह से विरोध प्रदर्शनों को दबाना और नेताओं को गिरफ्तार करना गलत परंपरा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करे और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तुरंत रिहा करे। इस बयान के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
अभिनेता मुकेश खन्ना ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए ध्रुव राठी और अन्य लोगों पर तीखा हमला बोला है। मुकेश खन्ना का कहना है कि इस तरह के बयानों से देश में माहौल खराब होता है और युवाओं को भटकाया जाता है। उन्होंने कानून का सम्मान करने की बात कही और पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया। सिनेमा जगत और सोशल मीडिया के इन बयानों से यह मुद्दा अब और अधिक जटिल हो गया है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और आगे की राह
द फ्रीलान्स की टीम ने जब जमीन पर जाकर स्थिति का जायजा लिया तो पाया कि दिल्ली के कई हिस्सों में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा बलों की तैनाती अब भी भारी मात्रा में है ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सके। आम जनता इस पूरे विवाद को लेकर बंटी हुई नजर आ रही है। एक वर्ग जहां इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मान रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी मान रहा है।
आने वाले दिनों में इस मामले के तूल पकड़ने की पूरी संभावना है क्योंकि विपक्षी दल इसे एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। सीजेपी के नेता और कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कह रहे हैं। ध्रुव राठी और अन्य हस्तियों के बयानों ने इस आग में घी का काम किया है। हमारी टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखेगी और हर नया अपडेट आप तक सबसे पहले पहुंचाएगी।








