नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज है। डिजिटल मीडिया की दुनिया के चर्चित चेहरे ध्रुव राठी हाल ही में अपनी रिहाई के बाद सीधे चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। सामने आते ही उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया है कि उनका भविष्य में राजनीति में आने का कोई भी इरादा नहीं है। उन्होंने देश के सामने मौजूद गंभीर और जरूरी मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों से आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने की अपील की है। उनकी इस बात ने राजनीतिक गलियारों में नए सिरे से चर्चा छेड़ दी है कि क्या विपक्ष को अब एकजुट होकर अपनी आवाज को और मजबूत करना चाहिए।
इसी कड़ी में ध्रुव राठी ने वरिष्ठ वकील और सांसद कपिल सिब्बल से भी मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हुए कहा कि आज देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को किसी एक दल या व्यक्ति का मामला नहीं समझा जाना चाहिए। उनका मानना है कि जब तक सभी विपक्षी दल और संगठन मिलकर एक मजबूत और साझा रणनीति नहीं बनाएंगे, तब तक जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरना मुश्किल होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए यह बहुत जरूरी है कि सभी दल अपनी छोटी-मोटी राजनीति को छोड़कर बड़े मुद्दों पर एक साथ आएं।
संसद मार्च से पहले इंडिया गठबंधन की नई रणनीति
दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन भी अपनी अगली बड़ी राजनीतिक रणनीति बनाने में जुटा हुआ है। संसद की ओर मार्च करने से पहले राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं के साथ एक अहम हाई-टी बैठक की। इस बैठक में इस बात पर गहराई से चर्चा हुई कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को सड़कों पर कैसे और प्रभावी ढंग से उतारा जाए। नेताओं ने यह भी मंथन किया कि जनता के बीच जाकर बेरोजगारी, महंगाई और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग जैसे मुद्दों को किस तरह से और ज्यादा आक्रामक तरीके से उठाया जाना चाहिए।
विपक्ष के इस संभावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। सुरक्षा व्यवस्था को इतना कड़ा कर दिया गया है कि मार्च के रास्ते में पड़ने वाले कम से कम छह प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के गेट एहतियात के तौर पर बंद कर दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था। हालांकि, विपक्षी नेताओं का साफ कहना है कि सरकार इन पाबंदियों के जरिए उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का हौसला बढ़ाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी को भी डरने की कोई जरूरत नहीं है, जनता की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।
पत्रकारों पर पुलिस बर्बरता के गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और बहुत बड़ा विवाद सामने आ गया है, जिसने मीडिया जगत में हलचल मचा दी है। दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को कवर करने पहुंचे बीस से ज्यादा पत्रकारों ने पुलिस पर गंभीर बर्बरता के आरोप लगाए हैं। पत्रकारों का कहना है कि जब वे अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभा रहे थे और निष्पक्ष रिपोर्टिंग कर रहे थे, तब पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, उनके कैमरे छीने और उन्हें बलपूर्वक खदेड़ा। प्रेस क्लब और कई मीडिया संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला करार दिया है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जमीनी स्तर पर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि एक तरफ जहां विपक्ष सरकार को घेरने की हरसंभव कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। आम जनता इस पूरे घटनाक्रम को बहुत गौर से देख रही है क्योंकि इन राजनीतिक गतिविधियों का सीधा असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है। ध्रुव राठी के बयानों और विपक्ष की बढ़ती सरगर्मी के बाद आने वाले दिनों में राजनीतिक पारा और अधिक चढ़ने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच जनता और प्रशासन आमने-सामने
राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती ने आम नागरिकों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। जगह-जगह ट्रैफिक डायवर्ट किए जाने के कारण लोगों को दफ्तर आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों का कहना है कि आए दिन होने वाले इन विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक उठापटक से उनके व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। एक तरफ जहां राजनीतिक दल अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की बात कर रहे हैं, वहीं आम आदमी महंगाई और सुरक्षा पाबंदियों के दो पाटों के बीच पिसने को मजबूर दिखाई दे रहा है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और पल-पल की जमीनी सच्चाई आप तक पहुंचाती रहेगी।





