इस्लामाबाद/ग्राउंड ब्यूरो — पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए- यानी पीटीआई ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। पार्टी नेताओं ने खुले तौर पर चेतावनी दी है कि अगर इमरान खान को जल्द रिहाई नहीं मिली तो वे इस्लामाबाद को घेर लेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने देश की राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है और सड़कों पर तनाव साफ देखा जा सकता है।
बीते कुछ दिनों से पाकिस्तान की मीडिया में इमरान खान की सेहत को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ रही थीं। उनकी मौत तक का दावा किया गया था, जिसके बाद देश भर में पार्टी समर्थकों में भारी गुस्सा फैल गया था। हालांकि, बाद में पाकिस्तानी पत्रकारों ने खुद सामने आकर उस दावे को झूठा बताया। लेकिन इसके बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। पीटीआई साफ कह रही है कि उन्हें तुरंत इमरान खान से मिलने दिया जाए, नहीं तो जनता सड़कों पर उतरकर बड़ा प्रदर्शन करेगी।
अस्पताल से अचानक जेल वापसी पर बड़ा विवाद
इमरान खान की तबियत बिगड़ने पर उन्हें कुछ समय के लिए अस्पताल ले जाया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि उन्हें बिना पूरा इलाज दिए ही कुछ ही घंटों के भीतर फिर से वापस जेल भेज दिया गया। इस मामले पर सरकार और न्यायपालिका आमने-सामने आ गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद उन्हें अस्पताल में न रखने पर अब सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ही चुनौती देने की तैयारी कर रही है। इस पेंच की वजह से कानूनी लड़ाई और ज्यादा लंबी होती जा रही है।
दूसरी तरफ, पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी के नेताओं के साथ हो रही ज्यादतियां भी रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में एक फिल्मी अंदाज में इमरान खान की पार्टी के एक बड़े नेता का अपहरण किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे कुछ अज्ञात लोग जबरन एक नेता को गाड़ी में डालकर ले जा रहे हैं। इस घटना ने विपक्षी नेताओं की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
इस्लामाबाद घेरने की डेडलाइन और आगे की रणनीति
इन तमाम घटनाओं के बीच पीटीआई ने सरकार को सीधी चेतावनी दे डाली है। पार्टी नेताओं का दावा है कि अगर सरकार ने अपनी जिद नहीं छोड़ी तो वे महज 30 मिनट के नोटिस पर इस्लामाबाद को चारों तरफ से घेर लेंगे। इस अल्टीमेटम के बाद प्रशासन ने राजधानी में धारा 144 लागू कर दी है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हर आने-जाने वाली गाड़ी की सघन तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी बड़े हंगामे को समय रहते रोका जा सके।
आम जनता इस पूरे राजनीतिक ड्रामे से खासी परेशान हो चुकी है। एक तरफ महंगाई और बेरोजगारी की मार है, तो दूसरी तरफ नेताओं की इस रस्साकशी ने आम आदमी का जीवन मुश्किल कर दिया है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि देश की यह अस्थिरता कब खत्म होगी। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है और यह देखने की कोशिश कर रही है कि आने वाले घंटों में इमरान खान की पार्टी क्या अगला कदम उठाती है।
कानूनी पेंच और अदालती फैसलों की खींचतान
पाकिस्तान की अदालतों में भी इमरान खान से जुड़े मामलों की लंबी फेहरिस्त चल रही है। सरकार और न्यायपालिका के बीच चल रही इस रसाकसी में अदालती आदेशों का पालन होना मुश्किल होता जा रहा है। वकीलों का कहना है कि सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है और अदालतों के फैसलों को भी दरकिनार कर रही है। ऐसे में देश का कानून और संविधान दोनों खतरे में नजर आ रहे हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं का यह भी आरोप है कि इमरान खान को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि वे टूट जाएं। लेकिन पीटीआई का नेतृत्व बार-बार यह दोहरा रहा है कि उनके हौसले अब भी बुलंद हैं। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले कुछ दिन पाकिस्तान की राजनीति के लिए बहुत निर्णायक साबित होने वाले हैं। इस्लामाबाद की सड़कों पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।








