नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने सऊदी अरब पर हुए हमलों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के विभिन्न ठिकानों और एयरपोर्ट पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों में आम नागरिकों की सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। भारत सरकार ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और साफ शब्दों में इन हमलों की निंदा की है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सऊदी अरब के एक एयरपोर्ट पर हुए हालिया हूती हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई है। इसके अलावा कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में है और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है। इस घटना के बाद से खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया भारत का कड़ा रुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को इस तरह निशाना बनाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा शांति और स्थिरता की वकालत की है। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कई समझौते और संधियां अपनी शुरुआती परीक्षाओं से गुजर रही हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के हमलों से पूरे क्षेत्र में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। हाल ही में हुए विभिन्न समझौतों और क्षेत्रीय सुरक्षा पैक्ट की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठने लगे हैं। खासकर पाकिस्तानी सेना और अन्य क्षेत्रीय ताकतों की भूमिका पर भी तीखी बहस छिड़ गई है कि संकट के समय कौन किसके साथ खड़ा है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के पोर्ट्स पर हो रहे हमलों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
क्षेत्रीय कूटनीति और मक्का पैक्ट पर मंडराता संकट
इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इन हमलों को लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने सऊदी अरब और मक्का के पास हुए हमलों को घिनौना कृत्य करार दिया है। हालांकि, कूटनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि इस संकट की घड़ी में क्षेत्रीय देश किस हद तक व्यावहारिक सहयोग दे पा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि नए सुरक्षा समझौते अपनी पहली ही बड़ी परीक्षा में भारी दबाव में नजर आ रहे हैं।
जमीनी स्तर पर हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। सऊदी और अमीरात प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने में जुटा हुआ है। मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। भारत सरकार भी वहां की स्थानीय स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है ताकि समय रहते अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और आगे की स्थिति
द फ्रीलान्स की टीम लगातार विदेश मंत्रालय और कूटनीतिक सूत्रों से संपर्क में है। अधिकारियों का कहना है कि खाड़ी देशों में हमारे लाखों नागरिक काम करते हैं। उनकी सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय जल्द ही एक एडवाइजरी जारी कर सकता है जिसमें वहां रह रहे भारतीयों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी जा सकती है।






