नई दिल्ली से ग्राउंड रिपोर्ट — भारत और इजरायल की दोस्ती की चर्चा आज पूरी दुनिया में होती है। पिछले करीब तीस सालों से दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों की एक ऐसी मजबूत नींव रखी गई है जो आज देश की सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच बन चुकी है। जब भी देश की सुरक्षा पर कोई आंच आती है, इजरायली तकनीक भारतीय सेना के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी नजर आती है। इस गहरी दोस्ती और मजबूत भरोसे ने पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों और पश्चिम एशिया में हमास जैसे संगठनों की रातों की नींद उड़ा रखी है।
रक्षा जानकारों की मानें तो दोनों देशों के बीच का यह कूटनीतिक और सामरिक खेल किसी एक दिन में शुरू नहीं हुआ था। नब्बे के दशक के शुरुआती दौर में जब भारत को आतंकवाद से निपटने और अपनी सीमाओं को महफूज रखने के लिए आधुनिक हथियारों की सख्त जरूरत थी, तब इजरायल ने एक सच्चे दोस्त की तरह बिना किसी शर्त के मदद का हाथ बढ़ाया था। आज स्थिति यह है कि भारत इजरायल के हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार है और इजरायल के लिए भारत उसका सबसे भरोसेमंद सामरिक साथी है।
हेरोन और हार्पी ड्रोन: आसमान से रखते हैं दुश्मन पर पैनी नजर
इस रक्षा गठजोड़ का सबसे बड़ा और खतरनाक हथियार मानवरहित विमान यानी ड्रोन हैं। भारतीय सेना के पास मौजूद हेरोन और सर्चर ड्रोन आसमान से ही दुश्मन की हर एक हरकत पर पैनी नजर रखते हैं। ये ड्रोन दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों में छिपे आतंकवादियों के ठिकानों का सटीक पता लगाते हैं। इसके अलावा सुसाइड ड्रोन कहे जाने वाले हार्पी और हारोप ड्रोन सीधे दुश्मन के रडार और ठिकानों पर कहर बनकर टूटते हैं। इन्हें एक बार लॉन्च करने के बाद दुश्मन के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचता है।
सीमा पार बैठे आतंकियों के लिए इन ड्रोनों की गड़गड़ाहट मौत का पैगाम लेकर आती है। चाहे लद्दाख की बर्फीली चोटियां हों या फिर जम्मू-कश्मीर का घना जंगल, ये उड़ने वाले प्रहरी चौबीसों घंटे देश की हिफाजत में जुटे रहते हैं। सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मानते हैं कि इन मानवरहित विमानों के आने से हमारी खुफिया जानकारी जुटाने की ताकत कई गुना बढ़ गई है। दुश्मन को यह पता भी नहीं चल पाता कि आसमान में मंडराता कौन सा यंत्र उसकी पल-पल की खबर दिल्ली तक पहुंचा रहा है।
स्पाइक मिसाइल और बराक-8: जमीन से हवा तक अचूक सुरक्षा
इस सूची में दूसरा बड़ा नाम स्पाइक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का है जिसे टैंकों का काल माना जाता है। यह मिसाइल दागने के बाद अपने टारगेट का पीछा खुद करती है और दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों को पल भर में राख बना देती है। वहीं तीसरी बड़ी ताकत बराक-8 मिसाइल प्रणाली है जिसे भारत और इजरायल ने मिलकर तैयार किया है। यह मिसाइल हवा में ही दुश्मन के किसी भी लड़ाकू विमान या मिसाइल को आसमान में ही नेस्तनाबूद करने की अचूक क्षमता रखती है।
चौथा और पांचवां सबसे बड़ा हथियार भारतीय सैनिकों के हाथों में दिखने वाली आधुनिक टैवोर और एक्स-95 असॉल्ट राइफलें हैं। आतंकवादियों के खिलाफ आमने-सामने की मुठभेड़ में ये राइफलें हमारे जवानों का सबसे बड़ा हथियार साबित होती हैं। इनकी मारक क्षमता और तेजी से गोलियां दागने की कला ने घाटी में आतंकवाद की कमर तोड़ दी है। तीन दशकों से चल रहा यह रक्षा सहयोग आज भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है।







