नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में मेहमान टीम ने शानदार वापसी करते हुए मैच 24 रनों से अपने नाम कर लिया है। मुकाबले की शुरुआत में भारतीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी और लक्ष्य का पीछा बेहद आसानी से कर रही थी। लेकिन वेस्टइंडीज के गेंदबाज कीमो पॉल ने मैदान पर उतरते ही मैच का पूरा रुख ही बदल दिया। उनकी धारदार गेंदबाजी के आगे भारतीय बल्लेबाज टिक नहीं सके और एक के बाद एक आउट होते चले गए। इस जीत के साथ ही वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की इस टी-20 सीरीज में जोरदार बराबरी कर ली है और मुकाबला अब बेहद रोमांचक हो गया है।
मैच के दौरान वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने पहले खेलते हुए स्कोरबोर्ड पर एक बड़ा टोटल खड़ा किया था। इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम ने तेज शुरुआत की और लक्ष्य की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए। ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम आसानी से इस मुकाबले को जीतकर सीरीज अपने नाम कर लेगी। हालांकि, खेल के मध्य ओवरों में कीमो पॉल ने अपनी गेंदबाजी का ऐसा जादू चलाया कि भारतीय पारी लड़खड़ा गई। पॉल ने एक के बाद एक पांच भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इस तरह का घातक प्रदर्शन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके करियर का दूसरा पांच विकेट हॉल बन गया है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
कीमो पॉल की घातक गेंदबाजी से पलटा मैच
कीमो पॉल ने अपनी शानदार गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने दबाव के क्षणों में सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की जिसका भारतीय बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं था। इस मैच में उन्होंने अपने कोटे के ओवरों में बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए पांच महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट में पांच विकेट लेना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। पॉल के इस दमदार प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि वे वेस्टइंडीज टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक हैं। उनकी इस गेंदबाजी के दम पर ही वेस्टइंडीज की टीम मैच को बचाने और जीतने में सफल रही।
इस मुकाबले में वेस्टइंडीज की तरफ से शाई होप और कीमो पॉल दोनों का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। एक तरफ जहां बल्लेबाजी में टीम के अन्य खिलाड़ियों ने उपयोगी योगदान दिया, वहीं दूसरी तरफ गेंदबाजी में पॉल ने अकेले दम पर मैच का पासा पलट दिया। भारत की तरफ से लक्ष्य का पीछा करते हुए टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाने की कोशिश की गई, लेकिन अंत में वे लक्ष्य से दूर रह गए। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में बेहद अनुशासन दिखाया और भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर रन नहीं बनाने दिए। इस हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन को अपनी कमियों पर गहराई से विचार करने की जरूरत है।
सीरीज का आखिरी मुकाबला अब बना फाइनल
चार मैचों के बाद अब सीरीज दो-दो की बराबरी पर आ खड़ी हुई है, जिससे खेल प्रेमियों का उत्साह और अधिक बढ़ गया है। दोनों टीमों के बीच अब पांचवां और आखिरी टी-20 मुकाबला किसी फाइनल मैच से कम नहीं होगा। जो भी टीम आखिरी मैच जीतेगी, ट्रॉफी पर उसका कब्जा होगा। भारतीय टीम इस हार को पीछे छोड़कर अगले मैच में मजबूत वापसी करना चाहेगी। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम इस मुकाबले से मिले आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी। कीमो पॉल का यह प्रदर्शन मेहमान टीम के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है, और वे अपनी इस लय को आखिरी मैच तक बनाए रखना चाहेंगे।
मैदान पर खिलाड़ियों के इस कड़े संघर्ष ने साबित कर दिया है कि टी-20 फॉर्मेट में कोई भी टीम कमजोर नहीं होती है। वेस्टइंडीज ने मुश्किल समय में धैर्य दिखाया और सही रणनीतिक फैसले लिए, जिसका उन्हें पूरा फायदा मिला। भारत को अपनी फील्डिंग और गेंदबाजी के डेथ ओवर्स में सुधार करने की सख्त जरूरत है। द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, क्रिकेट फैंस अब निर्णायक मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। देखना यह होगा कि आखिरी मैच में कौन सी टीम बेहतर प्रदर्शन कर पाती है और सीरीज अपने नाम करती है।


