नई दिल्ली/रियाद — दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शुमार सऊदी अरामको का हेडक्वार्टर अचानक जोरदार धमाकों से दहल उठा। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन की ओर से दागी गई कई मिसाइलों ने सीधे तौर पर सऊदी अरब के इस सबसे अहम तेल ठिकाने को निशाना बनाया। इस हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है और आसमान में काले धुएं के गुबार साफ देखे गए। सऊदी प्रशासन और सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए इलाके को घेर लिया है।
यमन के सक्रिय हूती विद्रोहियों ने इस हमले की पूरी जिम्मेदारी ली है। हूती संगठन के प्रवक्ताओं का कहना है कि यह हमला उनकी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा है और जब तक क्षेत्रीय संघर्ष थमता नहीं, तब तक ऐसे कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे। इस घटना के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उथल-पुथल की आशंका बढ़ गई है क्योंकि अरामको दुनिया को सबसे ज्यादा तेल सप्लाई करने वाली कंपनियों में मुख्य नाम है।
सऊदी अरब में भारतीयों के लिए नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी
इस खतरनाक हमले के बाद सऊदी अरब की राजधानी रियाद और अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा एजेंसियों को सबसे हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए भारतीय दूतावास ने भी तुरंत हरकत दिखाते हुए स्थानीय भारतीयों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि कोई भी नागरिक किसी भी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड न करे। इसके अलावा, सभी भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों के अंदर रहें और बहुत जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलें।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकारों का मानना है कि इस हमले के पीछे पर्दे के पीछे का बड़ा खेल चल रहा है। कई खुफिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस पूरे रणनीतिक हमले के तार ईरान से जुड़े हो सकते हैं। ईरान पर हूतियों को हथियार और मिसाइलें मुहैया कराने के पुराने आरोप लगते रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी नेतृत्व और इजराइल के बीच भी इस खतरे से निपटने को लेकर लगातार गुप्त बैठकें चल रही हैं ताकि खाड़ी देशों में तेल आपूर्ति के रास्तों को सुरक्षित रखा जा सके।
वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर मंडराया बड़ा खतरा
अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में इस हमले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अमेरिकी नेताओं का कहना है कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय शांति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं। इस हमले के बाद से मध्य पूर्व में एक बार फिर से बड़े युद्ध जैसे हालात बनते दिख रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है।
जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और सऊदी रक्षा प्रणाली लगातार सतर्कता बरत रही है। स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही आधिकारिक पुष्टि होगी, सबसे पहले अपडेट आप तक पहुंचाए जाएंगे।
सुरक्षा बलों की तैनाती और आगे की रणनीतिक तैयारियां
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को हवा में ही नाकाम कर दिया, लेकिन कुछ हिस्से अहम ठिकानों के पास गिरे हैं। इसके बाद से सैन्य गश्त बढ़ा दी गई है और हर आने-जाने वाले वाहन की कड़ी जांच की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे मामले में संयम बरतने की अपील कर रहा है ताकि आने वाले दिनों में स्थिति और ज्यादा न बिगड़े।








