नई दिल्ली से हमारे फील्ड रिपोर्टर की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में आज होने वाली एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कुछ प्रदर्शनकारी अचानक हॉल के अंदर आ गए। यह बैठक CJP द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें मंच पर वक्ता के रूप में अभिजीत दीपके और नेहा बोरा मौजूद थे। जैसे ही दोनों नेताओं ने बोलना शुरू किया, सामने बैठे कुछ लोगों ने 'बंद करो, दफा हो जाओ' के नारे लगाने शुरू कर दिए।
हंगामे की यह स्थिति कुछ ही मिनटों में इतनी बढ़ गई कि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और आयोजकों को बीच-बचाव करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मंच पर बैठे नेताओं की नीतियां और उनकी रणनीति जनविरोधी हैं। हालांकि, आयोजकों ने तुरंत ही विरोध कर रहे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
अभिजीत दीपके और नेहा बोरा की रणनीति पर सवाल
इस पूरी घटना के बाद राजनीतिक विश्लेषक अभिजीत दीपके और नेहा बोरा की कार्यशैली और रणनीति के फर्क पर चर्चा कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि दोनों नेताओं के काम करने के तरीके में कुछ बुनियादी अंतर हैं, जिसे लेकर उनके अपने समर्थकों और विरोधियों दोनों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रहती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ यह विरोध उसी असंतोष का एक सार्वजनिक रूप माना जा रहा है।
घटनास्थल पर मौजूद पत्रकारों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नारेबाजी कर रहे लोग पहले से ही पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने हाथों में तख्तियां नहीं ली थीं, लेकिन उनकी आवाज इतनी तेज थी कि प्रेस कॉन्फ्रेंस की कार्यवाही कुछ देर के लिए पूरी तरह ठप हो गई। अभिजीत दीपके और नेहा बोरा ने कुछ पलों के लिए अपना भाषण रोक दिया और स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया।
16 अक्टूबर को दिल्ली में बड़े ऐलान की तैयारी
इस हंगामे के बीच अभिजीत दीपके ने आगामी 16 अक्टूबर को दिल्ली में एक बड़ा ऐलान करने की बात कही है। उन्होंने संकेत दिया है कि विरोध और नारेबाजी से उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता और वे अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत जनता के बीच अपनी बात रखेंगे। इस घोषणा के बाद से सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन ने भी अपनी नजरें इस पर टिका दी हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में और तेज हो सकते हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों और समूहों की प्रतिक्रियाएं भी इस पर आनी शुरू हो गई हैं। 'द फ्रीलान्स' की टीम इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और आगामी 16 अक्टूबर के कार्यक्रम से जुड़े हर अपडेट को आप तक सबसे पहले पहुंचाएगी।
प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा चूक को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। जब देश की राजधानी में इस तरह के आयोजनों में अनजान लोग अंदर आकर हंगामा कर सकते हैं, तो आयोजकों और स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने नारेबाजी की थी और हॉल के अंदर इस तरह का व्यवधान पैदा किया था।









