विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/राजनीति/जर्मनी में भारतीय पासपोर्ट के साथ कैसे रह रहे हैं ध्रुव राठी? जानें वहां के कड़े नियम और वीजा की पूरी सच्चाई
राजनीतिपढ़ने में समय: 5 मिनट

जर्मनी में भारतीय पासपोर्ट के साथ कैसे रह रहे हैं ध्रुव राठी? जानें वहां के कड़े नियम और वीजा की पूरी सच्चाई

लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी के जर्मनी में रहने को लेकर सोशल मीडिया पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। लोग जानना चाहते हैं कि भारतीय नागरिक होने के बावजूद वे इतने लंबे समय से विदेश में कैसे रह रहे हैं। हमारी ग्राउंड पड़ताल में सामने आया है कि वे वैध वर्क वीजा और नियमों के तहत वहां निवास कर रहे हैं।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•12 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•45
🌐Read in English →
शेयर करें:
जर्मनी में भारतीय पासपोर्ट के साथ कैसे रह रहे हैं ध्रुव राठी? जानें वहां के कड़े नियम और वीजा की पूरी सच्चाई
📷 जर्मनी में भारतीय पासपोर्ट के साथ कैसे रह रहे हैं ध्रुव राठी? जानें वहां के कड़े नियम और वीजा की पूरी सच्चाई — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी के जर्मनी में रहने को लेकर सोशल मीडिया पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। लोग जानना चाहते हैं कि भारतीय नागरिक होने के बावजूद वे इतने लंबे समय से विदेश में कैसे रह रहे हैं। हमारी ग्राउंड पड़ताल में सामने आया है कि वे वैध वर्क वीजा और नियमों के तहत वहां निवास कर रहे हैं।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/बर्लिन — मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया विश्लेषक ध्रुव राठी इन दिनों अपनी वीडियो के साथ-साथ अपनी नागरिकता को लेकर भी चर्चा में बने हुए हैं। भारत में जब भी वे कोई तीखा राजनीतिक वीडियो बनाते हैं, तो सोशल मीडिया पर एक बड़ा सवाल बार-बार सामने आता है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर ध्रुव राठी किस हैसियत से जर्मनी में लंबे समय से रह रहे हैं। क्या उन्होंने जर्मनी की नागरिकता ले ली है या फिर वे अभी भी भारत के नागरिक हैं। इन सभी सवालों के बीच कई तरह के दावे और अफवाहें लगातार तैरती रहती हैं, जिनकी असलियत जानना बेहद जरूरी हो जाता है।

हमारी टीम ने जब इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की तो कई अहम और साफ बातें सामने आईं। ध्रुव राठी ने खुद कई बार सार्वजनिक मंचों पर और अपने दस्तावेजों के जरिए यह स्पष्ट किया है कि उनके पास अभी भी भारत का पासपोर्ट ही है। उन्होंने जर्मनी की नागरिकता नहीं ली है। विदेशी धरती पर रहकर भी भारतीय पासपोर्ट अपने पास रखना यह साफ करता है कि वे देश के प्रति अपनी कानूनी पहचान बनाए हुए हैं। लेकिन इसके साथ ही यह सवाल भी खड़ा होता है कि कोई विदेशी नागरिक बिना वहां की नागरिकता के इतने लंबे समय तक यूरोप के किसी देश में कैसे टिक सकता है।

जर्मनी में लंबे समय तक रहने के क्या हैं कानूनी नियम?

जर्मनी के आव्रजन कानून दुनिया के सबसे कड़े नियमों में गिने जाते हैं। वहां बिना नागरिकता के रहने के लिए सरकार को कई तरह के कड़े प्रमाण देने होते हैं। जर्मनी का कानून यह अनुमति देता है कि यदि कोई विदेशी नागरिक वहां वैध नौकरी करता है, कोई बड़ा व्यवसाय चलाता है या फिर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा है, तो उसे तय समयावधि के लिए वीजा या वर्क परमिट दिया जाता है। ध्रुव राठी के मामले में भी यही कानूनी प्रक्रिया लागू होती है। वे वहां अपनी पेशेवर गतिविधियों और वैध डिजिटल मीडिया कार्यों के आधार पर लंबे समय का निवास वीजा हासिल करके रह रहे हैं।

जर्मनी में विदेशी नागरिकों के लिए रेजिडेंट परमिट यानी निवास अनुमति हासिल करने के कई चरण होते हैं। शुरुआत में पढ़ाई या नौकरी के आधार पर छोटा वीजा मिलता है। इसके बाद समय के साथ आपके टैक्स रिकॉर्ड, आय के साधन और आचरण की जांच करके इस परमिट को आगे बढ़ाया जाता है। ध्रुव राठी पेशेवर रूप से एक कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल मीडिया कंसलटेंट के तौर पर काम करते हैं। जर्मनी के टैक्स और लेबर कानूनों के तहत वे वहां वैध रूप से कर चुकाते हैं और सभी स्थानीय नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करते हैं, जिसके कारण उन्हें कानूनी रूप से रहने की अनुमति मिलती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

पासपोर्ट और दोहरी नागरिकता को लेकर क्या कहता है भारतीय कानून?

भारत का संविधान और नागरिकता अधिनियम दोहरी नागरिकता की अनुमति बिल्कुल नहीं देता है। इसका सीधा मतलब यह है कि यदि कोई भारतीय नागरिक किसी दूसरे देश की नागरिकता स्वीकार कर लेता है, तो उसका भारतीय पासपोर्ट तुरंत रद्द हो जाता है और भारत की नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है। ध्रुव राठी ने हाल ही में अपने वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स के माध्यम से अपना भारतीय पासपोर्ट भी दिखाया है। इससे यह बात बिल्कुल पुख्ता हो जाती है कि उन्होंने जर्मनी की नागरिकता नहीं अपनाई है, क्योंकि यदि वे ऐसा करते तो उनका भारतीय पासपोर्ट वैध नहीं रह सकता था।

विदेशों में रहने वाले कई भारतीय पेशेवर इसी तरह वर्क वीजा या परमानेंट रेजीडेंसी यानी पीआर के जरिए विदेशों में निवास करते हैं। पीआर मिलने के बाद भी व्यक्ति का मूल देश और उसका पासपोर्ट वही रहता है। जर्मनी में भी परमानेंट रेजीडेंसी का नियम है, जिसके तहत विदेशी नागरिकों को बिना नागरिकता बदले वहां अनिश्चितकाल तक रहने की छूट मिल जाती है, बशर्ते वे वहां के कानूनों का उल्लंघन न करें। ध्रुव राठी के मामले में भी यही व्यवस्था काम कर रही है, जहां वे भारतीय नागरिक बने रहते हुए भी जर्मनी में वैध तरीके से अपना काम कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर उठने वाले सवालों और बहसों की सच्चाई

इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी हस्ती को लेकर अफवाहें फैलना बहुत आम बात बन गई है। राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने के कारण ध्रुव राठी अक्सर विरोधी धड़े के निशाने पर रहते हैं। कई बार बिना पूरी जानकारी के यह दुष्प्रचार किया जाता है कि वे भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं या फिर उन्होंने चुपचाप विदेशी नागरिकता ले ली है। लेकिन जब प्रशासनिक दस्तावेजों और उनके द्वारा पेश किए गए सबूतों को देखा जाता है, तो ये सारे दावे पूरी तरह निराधार साबित होते हैं।

हमारी स्वतंत्र पड़ताल यह स्पष्ट करती है कि ध्रुव राठी का जर्मनी में रहना पूरी तरह से वैध और पारदर्शी है। वे वहां किसी गैरकानूनी तरीके से नहीं, बल्कि जर्मनी के आव्रजन विभाग के नियमों के तहत ही निवास कर रहे हैं। भारतीय कानून के दायरे में रहते हुए विदेश में काम करना पूरी तरह वैध है और लाखों भारतीय दुनिया भर के देशों में इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत रह रहे हैं। इसलिए, नागरिकता को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और बिना तथ्यों के चल रहे दावों का कोई कानूनी आधार नहीं है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

दिल्ली की अदालत ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी को भेजा नया समन

दिल्ली की अदालत ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी को भेजा नया समन

भारत आए ध्रुव राठी को झटका, साकेत कोर्ट ने जारी किया समन; 2 दिन में भरनी होगी प्रोसेस फीस

भारत आए ध्रुव राठी को झटका, साकेत कोर्ट ने जारी किया समन; 2 दिन में भरनी होगी प्रोसेस फीस

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को नया समन, छह साल पुराने मानहानि केस में बढ़ी मुश्किलें

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को नया समन, छह साल पुराने मानहानि केस में बढ़ी मुश्किलें

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को नया समन, छह साल पुराने मानहानि केस में फिर उलझे

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को नया समन, छह साल पुराने मानहानि केस में फिर उलझे

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के पुराने मानहानि मामले में नया समन जारी

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के पुराने मानहानि मामले में नया समन जारी

दिल्ली कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के मानहानि मामले में नया समन जारी

दिल्ली कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के मानहानि मामले में नया समन जारी

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के मानहानि मामले में जारी हुआ नया समन

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के मानहानि मामले में जारी हुआ नया समन

दिल्ली कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी को जारी किया नया समन

दिल्ली कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी को जारी किया नया समन

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘ध्रुव राठी’ व राजनीति से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

दिल्ली की अदालत ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी को भेजा नया समनPOLITICS

दिल्ली की अदालत ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी को भेजा नया समन

15 अक्टू॰28
भारत आए ध्रुव राठी को झटका, साकेत कोर्ट ने जारी किया समन; 2 दिन में भरनी होगी प्रोसेस फीसPOLITICS

भारत आए ध्रुव राठी को झटका, साकेत कोर्ट ने जारी किया समन; 2 दिन में भरनी होगी प्रोसेस फीस

15 अक्टू॰50
साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को नया समन, छह साल पुराने मानहानि केस में बढ़ी मुश्किलेंPOLITICS

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को नया समन, छह साल पुराने मानहानि केस में बढ़ी मुश्किलें

15 अक्टू॰24
साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को नया समन, छह साल पुराने मानहानि केस में फिर उलझेPOLITICS

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को नया समन, छह साल पुराने मानहानि केस में फिर उलझे

15 अक्टू॰51
साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के पुराने मानहानि मामले में नया समन जारीPOLITICS

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के पुराने मानहानि मामले में नया समन जारी

15 अक्टू॰34
दिल्ली कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के मानहानि मामले में नया समन जारीPOLITICS

दिल्ली कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के मानहानि मामले में नया समन जारी

15 अक्टू॰39
साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के मानहानि मामले में जारी हुआ नया समनPOLITICS

साकेत कोर्ट का यूट्यूबर ध्रुव राठी को बड़ा झटका, 2018 के मानहानि मामले में जारी हुआ नया समन

15 अक्टू॰35
दिल्ली कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी को जारी किया नया समनPOLITICS

दिल्ली कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी को जारी किया नया समन

14 अक्टू॰50
विज्ञापन • ADVERTISEMENT