कोलकाता और नई दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों दिग्गज अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के नेता मिथुन चक्रवर्ती का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। पिछले कुछ दिनों में उनके कई तीखे बयान सामने आए हैं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति का पारा अचानक बढ़ा दिया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बहुत ही बेबाकी से अपनी बात रखी और कहा कि वे पूरे एक 'कोबरा' की तरह हैं जो अपनी जंग से कभी पीछे नहीं हटते हैं। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में बहस और तेज हो गई है।
अपने इस ताजा इंटरव्यू में मिथुन चक्रवर्ती ने खुलकर कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर पश्चिम बंगाल को दूसरा बांग्लादेश नहीं बनने देंगे। उनका यह बयान चुनावी और वैचारिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। भाजपा में शामिल होने के बाद से ही वे लगातार ममता बनर्जी की सरकार पर हमलावर रहे हैं। उनका यह नया बयान सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की खबरों में छाया हुआ है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
स्वास्थ्य से जुड़ी खबरें और अस्पताल का वह दौर
राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच मिथुन चक्रवर्ती के स्वास्थ्य को लेकर भी हाल ही में काफी चिंता जताई गई थी। कुछ समय पहले उन्हें अस्पताल के बेड पर बेहोशी की हालत में देखा गया था, जिसके बाद उनके परिवार और प्रशंसकों की सांसें अटक गई थीं। उनके बेटे ने आगे आकर मीडिया को उनकी सेहत की सही जानकारी दी थी और बताया था कि वे अब खतरे से बाहर हैं। उनकी सर्जरी के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ने भी अस्पताल जाकर उनका हालचाल जाना था, जो राजनीतिक सरगर्मी के बीच एक बड़ी खबर बनी थी।
स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से उबरने के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने फिर से अपनी राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारियां संभाल ली हैं। वे जनता के बीच जाकर अपनी बात रख रहे हैं और पार्टी के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनके इस जज्बे को देखकर उनके समर्थक उनकी तारीफ कर रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह के बावजूद उनका इस तरह से चुनावी मैदान और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहना लोगों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।
कोलकाता मर्डर केस पर फूटा अभिनेता का गुस्सा
सिर्फ राजनीति और सेहत ही नहीं, बल्कि कोलकाता के बहुचर्चित ट्रेनी डॉक्टर मर्डर केस पर भी मिथुन चक्रवर्ती का कड़ा रिएक्शन सामने आया था। उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा था कि इस भयानक कांड के बाद वे खुद को इतना असहाय महसूस करते हैं कि सिर उठाकर नहीं चल पा रहे हैं। उनके इस बयान ने आम जनता के दर्द को बयां किया और न्याय की मांग को और मजबूत किया। इसी बीच मशहूर अभिनेता और नेता शत्रुघन सिन्हा ने भी इस मामले में डॉक्टरों से अपील की थी कि वे अपना आंदोलन समाप्त करें।
इन तमाम घटनाओं के बीच मिथुन चक्रवर्ती की मौजूदगी बंगाल की राजनीति में एक बड़ा फैक्टर बन चुकी है। उनके तीखे बोल और जमीनी तेवर यह साफ करते हैं कि आने वाले दिनों में राजनीतिक संघर्ष और ज्यादा तीखा होने वाला है। 'द फ्रीलान्स' की टीम ने जब इस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की तो यह सामने आया कि उनके बयानों से राज्य का सियासी तापमान लगातार बढ़ रहा है। आम लोग भी उनके इन बयानों को लेकर काफी उत्सुक हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इसके क्या राजनीतिक परिणाम सामने आते हैं।





