नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — सोशल मीडिया पर इन दिनों फेक न्यूज का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर से जुड़ा है। इंटरनेट पर अचानक यह झूठी खबर फैल गई कि अभिनेता का निधन हो गया है। इस सनसनीखेज और पूरी तरह निराधार खबर ने उनके करोड़ों फैंस को गहरी चिंता में डाल दिया। द फ्रीलान्स की टीम ने तुरंत इस वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए पड़ताल शुरू की।
पड़ताल के दौरान यह साफ हुआ कि यह खबर किसी अधिकृत स्रोत से नहीं बल्कि सोशल मीडिया के कुछ रैंडम प्लेटफॉर्म्स से उठी थी। इस तरह की अफवाहें अक्सर किसी भी बड़े सेलिब्रिटी के नाम पर व्यूज पाने या सनसनी फैलाने के लिए फैलाई जाती हैं। जैसे ही यह खबर इंटरनेट पर तैरने लगी, फैंस ने सोशल मीडिया पर उनके हालचाल पूछने शुरू कर दिए। कई लोगों ने इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकतों पर गहरी नाराजगी जताई है।
परिवार और करीबी सूत्रों का आया आधिकारिक बयान
खबर के तूल पकड़ते ही अभिनेता के परिवार और करीबी प्रबंधकों ने तुरंत सामने आकर स्थिति साफ की। उन्होंने इन सभी खबरों को कोरी अफवाह बताया और कहा कि नाना पाटेकर पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। वे इस समय अपने घर पर हैं और अपनी आगामी फिल्मों की पटकथाओं पर काम कर रहे हैं। परिवार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अनधिकृत और झूठी खबरों पर बिल्कुल भरोसा न करें।
सोशल मीडिया पर इस तरह की फेक खबरों के वायरल होने से कई बार कलाकारों और उनके परिजनों को भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। पुलिस और साइबर सेल भी ऐसी वारदातों पर लगातार नजर रखती है जो बिना पुष्टि के किसी की मौत या बीमारी की झूठी अफवाह फैलाते हैं। इस मामले में भी साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह की शरारत करने वाले अकाउंट्स की पहचान की जानी चाहिए ताकि आगे से ऐसा न हो।
तमिलनाडु उपचुनाव और मीडिया कवरेज का भ्रम
दिलचस्प बात यह है कि इस फेक न्यूज के साथ ही इंटरनेट पर तमिलनाडु उपचुनाव की मतगणना और राजनीतिक चर्चाओं के वीडियो भी ट्रेंडिंग लिस्ट में थे। कई बार ट्रेंडिंग एल्गोरिदम अलग-अलग खबरों को आपस में जोड़कर एक भ्रामक माहौल बना देते हैं। इससे आम पाठकों और दर्शकों के बीच यह भ्रम पैदा हो जाता है कि आखिर असलियत क्या है। इसलिए किसी भी बड़ी खबर को पढ़ने से पहले उसकी प्रमाणिकता जांचना बेहद जरूरी हो जाता है।
सिनेमा जगत में इस तरह की झूठी खबरों का दौर कोई नया नहीं है। इससे पहले भी कई जाने-माने कलाकारों के बारे में ऐसी अफवाहें उड़ाई जा चुकी हैं। फैंस के लिए यह जरूरी है कि वे केवल भरोसेमंद मीडिया संस्थानों और आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया के इस दौर में वायरल होने वाली हर बात सच हो, यह बिल्कुल जरूरी नहीं है।
फर्जी खबरों से निपटने के लिए सावधानी जरूरी
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि नाना पाटेकर के निधन से जुड़ी खबर पूरी तरह फर्जी है। अभिनेता बिल्कुल ठीक हैं और अपने काम में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। इंटरनेट पर बिना सोचे-समझे किसी भी सनसनीखेज खबर को आगे शेयर करने से बचना चाहिए। ऐसी अफवाहें समाज में अनावश्यक डर और भ्रम पैदा करती हैं। मीडिया और दर्शकों दोनों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसी फेक खबरों का डटकर विरोध करें।







