नई दिल्ली/गोवा ग्राउंड ब्यूरो — फिल्म जगत के जाने-माने और दमदार अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वह गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर अचानक बेहोश पाए गए थे। घर के लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने का फैसला किया और उन्हें मणिपाल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन वह बच नहीं सके। इस दुखद खबर के सामने आते ही उनके चाहने वालों और फैंस में शोक की लहर दौड़ गई है।
नाना पाटेकर के निधन की खबर मिलते ही उनके घर और अस्पताल के बाहर फैंस की भारी भीड़ जमा हो गई। कई लोग अपने चहेते अभिनेता को खोने के गम में बिलख-बिलख कर रोते हुए नजर आए। देश के प्रधानमंत्री समेत कई राजनीतिक हस्तियों और फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि नाना पाटेकर ने अपनी कला के साथ-साथ देश की भी सेवा की है और उनका जाना कला जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।
पुणे के 27 एकड़ के फार्महाउस में होगा अंतिम संस्कार
अभिनेता नाना पाटेकर अपनी सादगी भरी जिंदगी के लिए जाने जाते थे। उनका पुणे में 27 एकड़ में फैला एक फार्महाउस है, जहां किसी भी तरह की फैंसी सजावट या लग्जरी नहीं दिखती है। उनकी आखिरी इच्छा के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार इसी सादे फार्महाउस पर किया जाएगा। परिवार और करीबियों ने बताया कि उनकी अंतिम विदाई भी उनकी ही तरह बेहद साधारण और जमीन से जुड़ी होगी, जिसमें उनके करीबी रिश्तेदार और कुछ चुनिंदा लोग शामिल होंगे।
नाना पाटेकर ने अपने जीवन में हमेशा सादगी को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने एक बार खुद कहा था कि उनके पास कोई बड़ी प्रॉपर्टी नहीं है और उनकी कुल संपत्ति केवल 12 मन सूखी लकड़ी है, जिस पर उन्हें जलाया जाए। उन्होंने यह भी इच्छा जताई थी कि उनके मरने के बाद उनकी कोई तस्वीर न लगाई जाए। उनके परिवार और प्रशासन के लोग अब उनकी इन्हीं आखिरी इच्छाओं को पूरी तरह से निभाने की तैयारी में जुटे हुए हैं ताकि उनकी कही हर बात का सम्मान किया जा सके।
क्रांतिवीर से लेकर देश सेवा तक का सफर
नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई ऐसी बेहतरीन फिल्में दी हैं जिन्हें दर्शक कभी नहीं भूल सकते। फिल्म 'क्रान्तिवीर' में उनके द्वारा निभाया गया प्रताप का किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। उन्होंने अपने अभिनय के दम पर हिंदी सिनेमा में एक खास जगह बनाई थी। फिल्मों के अलावा वह सामाजिक कार्यों और किसानों की मदद के लिए भी हमेशा आगे रहते थे। वह अक्सर सूखे से पीड़ित इलाकों में जाकर किसानों की सुध लेते थे और उनकी आर्थिक मदद करते थे।
गोवा से उनका पार्थिव शरीर अब उनके पुणे वाले फार्महाउस पर ले जाया जा रहा है, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम क्रियाएं पूरी की जाएंगी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी पूरी व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं ताकि फैंस और श्रद्धांजलि देने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। नाना पाटेकर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, उनके बेबाक अंदाज और समाज के लिए किए गए उनके काम हमेशा लोगों की यादों में जिंदा रहेंगे।







