रियाद/द फ्रीलान्स ग्राउंड ब्यूरो — मध्य पूर्व के प्रमुख देश से इस समय कई बड़े और अहम फैसले सामने आ रहे हैं। विदेशी यात्रियों और वहां काम करने वाले लोगों के लिए सरकार ने कई नए नियम लागू किए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उमरा करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वीजा की मियाद अब बढ़ा दी गई है। पहले यह वीजा केवल एक महीने के लिए वैध होता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर सीधे तीन महीने कर दिया गया है। इस फैसले से दुनिया भर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना किसी जल्दबाजी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकेंगे।
दूसरी ओर, देश के भीतर रोजगार बाजार को लेकर भी एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया गया है। सऊदी अरब सरकार ने अपनी नीतियों में सख्ती दिखाते हुए निजी क्षेत्र की 69 अलग-अलग नौकरियों में सौ प्रतिशत स्थानीय नागरिकों को ही रखने का अनिवार्य नियम बना दिया है। इसे स्थानीय भाषा में सौदीकरण प्रक्रिया का विस्तार कहा जा रहा है। इस कदम का मकसद देश के अपने युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर देना है। हालांकि, इस बदलाव से वहां लंबे समय से काम कर रहे विदेशी कामगारों और प्रवासियों की चिंताएं थोड़ी बढ़ सकती हैं, क्योंकि उनके लिए नौकरियों का दायरा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।
उमरा वीजा तीन महीने होने से श्रद्धालुओं को क्या फायदा मिलेगा?
सऊदी प्रशासन के इस नए फैसले से उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो दूर-दराज के देशों से लंबी यात्रा करके वहां पहुंचते हैं। पहले एक महीने की समय सीमा होने के कारण यात्रियों को धार्मिक अनुष्ठान पूरा करने के बाद तुरंत वापस लौटना पड़ता था। अब तीन महीने का समय मिलने से लोग सुकून के साथ मक्का और मदीना में रुक सकेंगे। वे अपने इस सफर के दौरान धार्मिक स्थलों के पास अधिक समय बिता पाएंगे। पर्यटन विभाग का मानना है कि इस कदम से देश में धार्मिक पर्यटन को भी काफी बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विदेशी मीडिया में इन दिनों सुरक्षा से जुड़े कुछ अन्य दावे भी सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब की रक्षा प्रणालियों ने ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा दागे गए ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम करने का दावा किया है। इन रिपोर्ट्स के बाद क्षेत्रीय राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। हालांकि, सऊदी प्रशासन ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान के खिलाफ सैन्य हमले के लिए दबाव डालने वाले सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार की ओर से साफ किया गया है कि देश हमेशा क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के पक्ष में खड़ा रहा है और ऐसे निराधार दावों में कोई सच्चाई नहीं है।
प्राइवेट सेक्टर में स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियां आरक्षित
रोजगार के मोर्चे पर लागू किए गए नए नियमों ने बाजार में एक नई चर्चा छेड़ दी है। सरकार चाहती है कि देश के निजी संस्थानों में स्थानीय लोगों की भागीदारी तेजी से बढ़े। इसके तहत 69 खास श्रेणियों की नौकरियों की पहचान की गई है जहां सिर्फ सऊदी नागरिकों को ही काम पर रखना कंपनियों के लिए जरूरी कर दिया गया है। जानकारों का कहना है कि यह नीति देश की युवा आबादी को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार पिछले कई सालों से विदेशी श्रम पर अपनी निर्भरता को कम करने की योजना पर लगातार काम कर रही है।
इसके अलावा, डिजिटल भुगतान और बैंकिंग सेवाओं को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही कुछ अफवाहों ने भी लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। विशेष तौर पर 'एसटीसी पे' ऐप के खाते फ्रीज होने को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह के वीडियो और संदेश वायरल हो रहे हैं। इन वायरल संदेशों से वहां रह रहे प्रवासियों में डर का माहौल बन गया है कि क्या उनका मेहनत का पैसा डूब जाएगा या हमेशा के लिए ब्लॉक हो जाएगा। डिजिटल वित्तीय जानकारों और आधिकारिक सूत्रों ने साफ किया है कि सुरक्षा और नियमों के पालन के लिए कुछ खातों की जांच जरूर की जा रही है, लेकिन डरने की कोई बात नहीं है। सही दस्तावेज जमा करके लोग अपने खातों को आसानी से चालू करवा सकते हैं।
सुरक्षा और डिजिटल भुगतान को लेकर ताजा स्थिति क्या है?
मैदान से मिल रही जानकारी के मुताबिक, आम नागरिकों और प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकारी और वित्तीय संस्थानों के नियमों का सही से पालन करने पर किसी का भी पैसा नहीं डूबेगा। चाहे वह बैंक खाता हो या कोई डिजिटल वॉलेट, सभी की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। प्रवासियों को चाहिए कि वे केवल आधिकारिक चैनलों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें।
कुल मिलाकर, में इस समय कई मोर्चों पर एक साथ बड़े बदलाव हो रहे हैं। एक तरफ जहां धार्मिक यात्राओं को सुगम बनाने के लिए वीजा नियमों में ढील दी गई है, वहीं दूसरी तरफ रोजगार और आंतरिक सुरक्षा के नियमों को और अधिक कड़ा किया गया है। इन सभी फैसलों का असर आने वाले दिनों में वहां की अर्थव्यवस्था और विदेशी प्रवासियों के जीवन पर साफ दिखाई देगा। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी।







