नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर में मानसून के आते ही सांप के काटने यानी पामुकातो की घटनाओं में अचानक भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से गूगल ट्रेंड्स पर भी इस विषय को लेकर लोगों की जिज्ञासा और चिंता साफ देखी जा रही है। गांवों से लेकर छोटे कस्बों तक में खेतों और घरों के आसपास सांपों के निकलने की खबरें आम हो गई हैं। बारिश के दिनों में जमीन के अंदर पानी भर जाने के कारण सांप अपने सुरक्षित ठिकानों की तलाश में बाहर आ जाते हैं। इस वजह से उनका सामना अनजाने में इंसानों से हो जाता है और हादसे बढ़ जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, देश के ग्रामीण इलाकों में आज भी कई लोग सांप के काटने पर अस्पताल जाने के बजाय स्थानीय ओझा या वैद्यों के पास चले जाते हैं। यह लापरवाही कई बार मरीज की जान पर भारी पड़ जाती है। सही समय पर एंटी-वेनेम यानी जहर को काटने वाली दवा न मिलने की वजह से कई अनमोल जानें चली जाती हैं। हमारे रिपोर्टर ने जब स्थानीय अस्पतालों का दौरा किया, तो डॉक्टरों ने बताया कि बारिश के मौसम में हर दिन ऐसे कई मरीज इमरजेंसी वार्ड में पहुंच रहे हैं। समय पर इलाज मिलने पर मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं, बशर्ते समय रहते झाड़-फूंक का खेल छोड़ दिया जाए।
बरसात के दिनों में क्यों घरों के पास आते हैं सांप?
जंगलों और खेतों में जलभराव होना सांपों के बाहर निकलने की सबसे बड़ी वजह माना जाता है। जब उनके बिलों में पानी भर जाता है, तो वे सूखी जगहों की तलाश में इंसानी बस्तियों का रुख करते हैं। कई बार लोग रात के समय बिना टॉर्च के खेतों या रास्तों पर निकलते हैं, जिससे उनका पैर गलती से सांप पर पड़ जाता है। अंधेरा होने के कारण सांप बचाव में हमला कर देता है। इसके अलावा घरों के आसपास जमा कचरा और घास-फूस भी सांपों को छिपने के लिए सुरक्षित जगह देते हैं। इसलिए अपने आसपास सफाई रखना इस मौसम में सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है।
गांवों के अलावा अब अर्ध-शहरी इलाकों और नई कॉलोनियों से भी सांप निकलने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। जमीन की खुदाई और पेड़ों की कटाई के कारण प्राकृतिक आवास उजड़ने से भी सांप रिहायशी इलाकों में शरण ले रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीमें भी ऐसे मामलों में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करती हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि प्रशासनिक मदद पहुंचने से पहले ही लोगों को खुद कुछ बुनियादी सावधानियां बरतनी होंगी। जरा सी सतर्कता बड़े हादसे को टाल सकती है और किसी की जान बचा सकती है।
सांप काट ले तो तुरंत क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो सबसे पहले घबराने से बचना चाहिए। मरीज को शांत रखना बहुत जरूरी है क्योंकि डरने से दिल की धड़कन तेज होती है और खून के जरिए जहर पूरे शरीर में तेजी से फैलने लगता है। काटे गए हिस्से पर कसकर कपड़ा बांधने या चीरा लगाने की पुरानी और गलत प्रथा से पूरी तरह बचना चाहिए। इसके बजाय घाव को साफ पानी से धोकर तुरंत किसी नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए जहां सांप के जहर की दवा उपलब्ध हो। समय पर अस्पताल पहुंचना ही मरीज के बचने की सबसे बड़ी गारंटी है।
हमारे देश में हर साल हज़ारों लोग सांप के काटने का शिकार होते हैं, जिनमें से अधिकांश मामलों में सही जानकारी का अभाव मुख्य कारण बनता है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक करें। पारंपरिक अंधविश्वासों से बाहर निकलकर वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है। द फ्रीलान्स की टीम लगातार जमीनी हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचाई जा सके।
सांपों से बचाव के लिए कौन सी जरूरी सावधानियां अपनाएं?
अपने घर और आसपास के हिस्से को हमेशा साफ और सूखा रखना चाहिए ताकि सांपों को छिपने की जगह न मिले। रात के वक्त बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च का इस्तेमाल करें और जूते-चप्पल जरूर पहनें। खेतों में काम करने वाले किसानों को विशेष रूप से लंबे जूते और दस्ताने पहनने की सलाह दी जाती है। अगर घर के अंदर या आसपास कोई सांप दिखाई दे, तो उसे खुद पकड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें। तुरंत किसी पेशेवर सर्पमित्र या वन विभाग के अधिकारियों को फोन करके इसकी सूचना दें ताकि सुरक्षित तरीके से उसे पकड़ा जा सके।






