नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — आसमान में होने वाली खगोलीय हलचलों ने इस समय देश भर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। गूगल ट्रेंड्स पर 'ग्रह' विषय सबसे आगे चल रहा है। एक तरफ जहाँ धार्मिक और ज्योतिषीय नजरिए से शारदीय नवरात्रि और दिवाली के त्योहारों पर शुभ संयोग बनने की चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ विज्ञान की दुनिया में भी अंतरिक्ष के रहस्यों को लेकर बड़े खुलासे हो रहे हैं। आम लोग यह जानना चाहते हैं कि इन बदलावों का उनकी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा।
ज्योतिषीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल शारदीय नवरात्रि पर बहुत ही अच्छे योग बन रहे हैं। ज्योतिषियों का मानना है कि इससे तीन खास राशियों के लिए गोल्डन टाइम शुरू होने वाला है। उनके करियर में तरक्की होगी और धन लाभ के नए रास्ते खुलेंगे। इसके अलावा, इस बार दिवाली पर भी ऐसा ही अद्भुत संयोग बन रहा है। तीन साल बाद बिना किसी तिथि विवाद के लोग चैन से त्योहार मनाएंगे। इस दिन सुबह से लेकर रात तक अमावस्या रहेगी, जिसे पूजा-पाठ के लिए सबसे उत्तम माना जा रहा है।
अक्टूबर में वक्री होने वाले ग्रहों का असर
धार्मिक और ज्योतिषीय पन्नों से हटकर बात करें तो आने वाले अक्टूबर महीने में आसमान में बड़ी हलचल होने वाली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर में एक साथ दो बड़े ग्रह वक्री यानी उल्टी चाल चलने वाले हैं। ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का कहना है कि इन दो बड़े ग्रहों की चाल बदलने से पांच राशियों के लोगों को संभलकर रहना होगा। इस दौरान उनके जीवन में कुछ मुश्किलें आ सकती हैं, इसलिए उन्हें पहले से ही सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
दूसरी तरफ, वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर क्रांतिकारी काम हो रहा है। हाल ही में खगोल वैज्ञानिकों ने एक बेहद रोमांचक खोज की है। उन्होंने एक मर चुके तारे की राख से पैदा हुए दूसरी पीढ़ी के नए ग्रह का पता लगाया है। अंतरिक्ष की यह खोज इस बात का सबूत है कि ब्रह्मांड में जीवन और ग्रहों का चक्र लगातार चलता रहता है। वैज्ञानिक इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि पुराने तारों के अवशेषों से नए ग्रह कैसे आकार लेते हैं।
मंगल ग्रह पर घर बनाने की अनोखी तैयारी
सिर्फ अंतरिक्ष के ग्रह ही नहीं, बल्कि इंसानी बस्तियों को बसाने की तकनीक पर भी तेजी से काम चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वैज्ञानिक अब मंगल ग्रह पर घर बनाने के लिए 'जिंदा ईंट' का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं। यह कोई आम ईंट नहीं है, बल्कि एक ऐसी खास तकनीक है जो भविष्य में लाल ग्रह पर इंसानों के रहने के लिए मकान तैयार करने में मदद करेगी। वैज्ञानिक लगातार ऐसे प्रयोग कर रहे हैं ताकि अंतरिक्ष यात्रा और दूसरे ग्रहों पर रहना आसान हो सके।
द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल से साफ है कि ग्रहों और अंतरिक्ष को लेकर लोगों की जिज्ञासा लगातार बढ़ रही है। चाहे वह जमीन पर त्योहारों के दौरान ग्रहों के शुभ संयोग की बात हो, या फिर अंतरिक्ष में वैज्ञानिकों द्वारा नए ग्रहों की खोज और मंगल ग्रह पर घर बनाने की तैयारी हो, हर खबर लोगों को अपनी ओर खींच रही है। आने वाले दिनों में खगोलीय घटनाओं से जुड़ी ये चर्चाएं और भी ज्यादा तेज होने की पूरी उम्मीद है।





