नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता टॉम क्रूज़ की नई फिल्म 'डिगर' इन दिनों वैश्विक सिनेमाघरों में चर्चा का विषय बनी हुई है। यूके और आयरलैंड के बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म चौथे स्थान पर खुली है, जबकि शीर्ष स्थान पर दूसरी फिल्मों ने कब्जा जमाया है। जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर आधारित होने के कारण इस फिल्म को सिनेमा जगत में एक अलग प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। फिल्म की रिलीज के बाद से ही दर्शकों और फिल्म समीक्षकों के बीच इसकी कहानी और निर्देशन को लेकर बहस छिड़ गई है।
इस फिल्म की रिलीज के साथ ही टॉम क्रूज़ के अब तक के शानदार फिल्मी सफर में इसे एक अलग मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। दुनिया भर के कई फिल्म जानकारों का मानना है कि मास एंटरटेनर फिल्में करने वाले अभिनेता ने इस बार एक सामाजिक संदेश देने वाली कहानी को चुना है। हालांकि बॉक्स ऑफिस के शुरुआती आंकड़े उम्मीद से थोड़े कम रहे हैं, लेकिन फिल्म के विषय ने पर्यावरण प्रेमियों और गंभीर सिनेमा देखने वालों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सिनेमाघरों में टिकट खिड़की पर इसकी टक्कर पहले से मौजूद अन्य बड़ी फिल्मों से हो रही है।
फिल्म की कहानी और पर्यावरण का गंभीर मुद्दा
टॉम क्रूज़ की यह फिल्म सीधे तौर पर पर्यावरण संकट और जलवायु परिवर्तन से जुड़े खतरों पर रोशनी डालती है। फिल्म की पटकथा में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि इंसानी गतिविधियों की वजह से प्रकृति को कितना नुकसान पहुंच रहा है। अभिनेता ने अपने अभिनय के जरिए इस संदेश को बहुत ही प्रभावी ढंग से पर्दे पर उतारने का प्रयास किया है। कई जाने-माने भारतीय कलाकारों ने भी टॉम क्रूज़ के इस अभिनय को सच्ची सिनेमाई कला करार दिया है और कहा है कि मुख्यधारा के बड़े अभिनेताओं को ऐसे गंभीर विषयों पर फिल्में बनानी चाहिए।
फिल्म के निर्माण से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को शूट करना आसान नहीं था क्योंकि इसके लिए कई वास्तविक और कठिन लोकेशन का इस्तेमाल किया गया है। जलवायु परिवर्तन के दृश्यों को प्रामाणिक दिखाने के लिए वीएफएक्स के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के वास्तविक प्रभावों को कैमरे में कैद किया गया है। यही वजह है कि फिल्म देखने वाले दर्शक इसके दृश्यों की भव्यता और गंभीरता की तारीफ कर रहे हैं, भले ही व्यावसायिक गणित के लिहाज से शुरुआती कमाई बहुत बड़ी नहीं रही हो।
सिनेमाई अनुशासन और कलाकारों की प्रतिक्रिया
हाल ही में इस फिल्म और हॉलीवुड की कार्यशैली को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में एक नई बहस भी शुरू हो गई है। कई कलाकारों ने हॉलीवुड के काम करने के तरीके की सराहना की है जहां समय की पाबंदी और अनुशासन को सबसे ऊपर रखा जाता है। एक मिनट की देरी पर भी वहां कड़े सवाल पूछे जाते हैं, जो अंततः एक बेहतर और अनुशासित फिल्म बनाने में मदद करते हैं। टॉम क्रूज़ अपनी कड़ी मेहनत और परफेक्शन के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं और 'डिगर' में उनका वही पुराना अनुशासन साफ नजर आता है।
आम दर्शकों के बीच भी इस फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। कुछ लोगों को फिल्म की धीमी गति थोड़ी निराश करती है, तो वहीं एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो इसे एक जरूरी और आंखें खोलने वाली cinematic प्रस्तुति मान रहा है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत कर पाती है या नहीं। टॉम क्रूज़ के फैंस को उम्मीद है कि वर्ड-ऑफ-माउथ पब्लिसिटी के बाद सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या में इजाफा होगा।
भविष्य का असर और बॉक्स ऑफिस की आगे की राह
किसी भी बड़े स्टार की फिल्म के लिए बॉक्स ऑफिस के शुरुआती आंकड़े बहुत मायने रखते हैं, लेकिन सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों की असली परीक्षा लंबी अवधि में होती है। 'डिगर' के निर्माताओं को उम्मीद है कि पर्यावरण जैसे ज्वलंत मुद्दे पर बनी होने के कारण स्कूल, कॉलेज और पर्यावरण संगठनों से जुड़े लोग इसे देखने के लिए आगे आएंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ओटीटी राइट्स के मोर्चे पर भी इस फिल्म को लेकर स्टूडियोज के बीच बातचीत का दौर शुरू हो चुका है, जिससे इसकी लागत निकालने में आसानी होगी।



