वाराणसी — काशी में मानसून का दौर लगातार सक्रिय बना हुआ है। शहर के डीएलडब्ल्यू सेंट्रल मार्केट और चेतगंज जैसे प्रमुख इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन थम सा गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले छह दिनों तक मानसूनी गतिविधियां इसी तरह बनी रहेंगी। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते आम लोगों को सड़क पर निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह जलभराव की स्थिति ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है।
खराब मौसम और घने बादलों के कारण हवाई यात्रा पर भी गहरा असर पड़ा है। वाराणसी आने वाली तीन उड़ानों को लैंडिंग में दिक्कत के कारण सीधे लखनऊ एयरपोर्ट की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों को इस बदलाव की सूचना समय पर दे दी थी। अचानक बदले मौसम के इस मिजाज ने विमान यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और उन्हें घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा।
रेलवे और परिवहन व्यवस्था पर कड़ा पहरा
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे ने मॉनिटरिंग और मेंटेनेंस का काम बहुत तेज कर दिया है। पटरियों पर पानी भरने और तकनीकी खराबी की आशंका को टालने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है। ट्रेन संचालन को सुरक्षित रखने के लिए रेलवे के अधिकारी हर स्टेशन पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच ट्रेनों की रफ्तार धीमी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
सड़क मार्ग से लेकर रेल और हवाई यातायात तक, हर तरफ प्रशासन की चौकसी बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नगर निगम की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंपों का इस्तेमाल कर रही हैं। बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए राहत और बचाव दल को पूरी तरह तैयार रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
गंगा का जलस्तर घटने से राहत की सांस
राहत भरी खबर यह है कि अब काशी में गंगा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है। पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहे पानी के बाद अब गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि, बाढ़ के कारण कई छोटे मंदिर अभी भी पानी में डूबे हुए हैं और घाटों का संपर्क मुख्य मार्ग से कटा हुआ है। पुरोहितों और नाविकों को अभी भी एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई हादसा न हो।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस बार मानसून ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लगातार बारिश से भले ही उमस से राहत मिली हो, लेकिन कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दुकानदारों का कारोबार मंदा पड़ गया है क्योंकि बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बहुत कम हो गई है। लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं और केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।
अगले छह दिनों तक कैसा रहेगा मौसम का हाल
मौसम विभाग का साफ कहना है कि अगले छह दिनों तक राहत मिलने के आसार कम ही हैं। मानसूनी हवाएं अभी भी उत्तर प्रदेश के इस हिस्से पर पूरी तरह मेहरबान हैं। गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें लगातार जारी रह सकती हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना वजह घरों से बाहर न निकलें और मौसम विभाग की चेतावनी पर लगातार नजर बनाए रखें।






