नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर इन दिनों सोशल मीडिया और खेल समाचारों में छाए हुए हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के चयन मामलों को लेकर गूगल ट्रेंड्स पर अचानक उनका नाम तेजी से ऊपर आया है। देश भर के क्रिकेट प्रेमी और खेल विशेषज्ञ यह जानने को बेताब हैं कि आने वाले समय में टीम का ढांचा कैसा होगा। अजीत आगरकर और उनकी चयन समिति के सामने इस समय कई बड़े टूर्नामेंट्स और सीरीज के लिए सही खिलाड़ियों को चुनने की कड़ी चुनौती है। मैदान पर टीम के प्रदर्शन के बाद अब चयन कक्ष में होने वाली बैठकों पर हर किसी की निगाहें टिकी हुई हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में भारतीय टीम के कई सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य और युवाओं को मौका देने को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। चयन समिति के मुखिया के तौर पर अजीत आगरकर को कई कड़े और बड़े फैसले लेने पड़ रहे हैं। खेल जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में भारतीय क्रिकेट में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। टीम इंडिया के अगले दौरों के लिए खिलाड़ियों के नाम तय करने की प्रक्रिया इस समय अपने अंतिम चरण में है। इसी वजह से सर्च इंजन पर उनके नाम को लेकर लोगों की उत्सुकता बहुत ज्यादा बढ़ गई है और लगातार नए सवाल पूछे जा रहे हैं।
चयन समिति के सामने खिलाड़ियों के चयन की बड़ी चुनौतियां
भारतीय टीम का घरेलू और अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल इस साल बहुत व्यस्त रहने वाला है। अजीत आगरकर के नेतृत्व वाली चयन समिति को यह तय करना है कि किस खिलाड़ी को आराम दिया जाए और किसे लगातार मौके मिलें। टेस्ट, वनडे और टी-20 फॉर्मेट के लिए अलग-अलग खिलाड़ियों को तैयार करने की रणनीति पर काम चल रहा है। पिछले कुछ मुकाबलों में कुछ नए खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में शानदार खेल दिखाया है। इन युवाओं को राष्ट्रीय टीम में जगह दिलाने के लिए चयनकर्ताओं पर लगातार दबाव बना हुआ है। चयन समिति की यह कोशिश है कि अनुभव और युवा जोश के बीच सही तालमेल बिठाया जाए ताकि टीम हर मोर्चे पर मजबूत बनी रहे।
खिलाड़ियों की फिटनेस और लगातार हो रही चोटें भी चयनकर्ताओं के लिए एक बड़ी सिरदर्द साबित हो रही हैं। कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं जिनकी वापसी पर संशय बना हुआ है। अजीत आगरकर खुद एक तेज गेंदबाज रह चुके हैं इसलिए वे खिलाड़ियों के शरीर की थकान और चोट के दर्द को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के डॉक्टरों और ट्रेनर्स के साथ मिलकर चयन समिति लगातार खिलाड़ियों के फिटनेस रिपोर्ट की समीक्षा कर रही है। जिन खिलाड़ियों की फिटनेस पूरी तरह ठीक नहीं है, उन्हें जल्दबाजी में टीम में शामिल करने से बचा जा रहा है।
आगामी दौरों और टूर्नामेंट्स के लिए क्या बनेगी नई रणनीति?
आने वाले महीनों में भारतीय टीम को कई कठिन विदेशी दौरों और घरेलू सीरीज में हिस्सा लेना है। इन महत्वपूर्ण दौरों के लिए टीम के चयन को लेकर पर्दा जल्द ही उठने वाला है। क्रिकेट प्रेमियों और खेल पंडितों के बीच इस बात की लंबी बहस छिड़ी है कि क्या कुछ सीनियर खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। अजीत आगरकर और कोच गौतम गंभीर की जोड़ी मिलकर टीम के भविष्य का खाका तैयार कर रही है। दोनों दिग्गजों की यह कोशिश है कि आने वाले विश्व कप और बड़ी सीरीज के लिए एक अजेय और संतुलित टीम तैयार की जाए।
मैदान के बाहर भी चयनकर्ताओं के इन फैसलों पर बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों की पैनी नजर बनी हुई है। बोर्ड की यह साफ मंशा है कि भारतीय टीम हर प्रारूप में दुनिया की नंबर एक टीम बनी रहे। इसके लिए अनुशासन और शानदार प्रदर्शन को ही चयन का मुख्य आधार बनाया गया है। द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि आने वाले दिनों में चयन समिति कुछ चौंकाने वाले और कड़े फैसले ले सकती है। यही वजह है कि अजीत आगरकर का नाम इस समय खेल जगत की हर बड़ी बहस के केंद्र में बना हुआ है और हर कोई उनके अगले कदम का इंतजार कर रहा है।





