नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — खेल के मैदान से इस वक्त की बड़ी खबरें लगातार सामने आ रही हैं। भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक नया मुकाम हासिल कर लिया है। अर्शदीप ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में न्यूजीलैंड के दिग्गज गेंदबाज टिम साउदी का पुराना कीर्तिमान पीछे छोड़ दिया है। इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही अर्शदीप ने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के बीच अपनी एक अलग पहचान पुख्ता कर ली है। उनकी धारदार गेंदबाजी और शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने की काबिलियत ने भारतीय टीम को कई मौकों पर मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है। खेल जानकारों का मानना है कि अर्शदीप का यह रिकॉर्ड भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को भविष्य में और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
दूसरी ओर, भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही टी20 सीरीज में मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज की टीम ने शानदार वापसी करते हुए भारत को मात दे दी। इस जीत के साथ ही कैरेबियन टीम ने पांच मैचों की इस सीरीज में 2-2 से बराबरी हासिल कर ली है। मुकाबले में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा करने के प्रयास में थी, लेकिन वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने सही समय पर कसी हुई गेंदबाजी करके भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया। हालांकि भारत की तरफ से शुरुआती ओवरों में रनों की गति तेज रही और बल्लेबाजों ने मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट लगाए, लेकिन टीम निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब नहीं हो पाई।
संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी शैली
मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया हुआ था। पारी के शुरुआती तीन ओवरों में ही भारतीय टीम के स्कोरबोर्ड पर पचास रन टंग गए थे, जिससे मैदान पर मौजूद दर्शक काफी उत्साहित नजर आए। युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने हालांकि इस मैच में सिर्फ एक रन बनाया, लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने पिच पर आते ही कैरेबियन गेंदबाजों की जमकर खबर ली। संजू सैमसन के बल्ले से चौके और छक्कों की ऐसी बौछार देखने को मिली जिसने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि वैभव और अभिषेक जैसे निडर युवा खिलाड़ी इन दिनों क्रिकेट का पुराना व्याकरण पूरी तरह बदल रहे हैं। इन खिलाड़ियों का बिना किसी दबाव के खुलकर खेलना आधुनिक टी20 क्रिकेट की नई पहचान बन चुका है, जहां क्रीज पर उतरते ही बड़े शॉट खेलने की रणनीति साफ दिखाई देती है।
इन तमाम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के सामने कुछ नई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। आगामी न्यूजीलैंड दौरे के लिए वनडे स्क्वाड के चयन को लेकर माथापच्ची जारी है। टीम प्रबंधन के सामने कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका हालिया प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए सिरदर्द बना हुआ है। चयन समिति को यह तय करना है कि किस खिलाड़ी को आराम दिया जाए और किसे अंतिम ग्यारह में मौका मिले। घरेलू सर्किट में शानदार प्रदर्शन कर रहे युवा खिलाड़ियों की दावेदारी ने भी चयन प्रक्रिया को और अधिक पेचीदा बना दिया है। टीम इंडिया के पास प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही संयोजन तैयार करना मुख्य कोच और चयनकर्ताओं के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
सीरीज का निर्णायक मुकाबला और भविष्य की रणनीतियां
वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही मौजूदा टी20 सीरीज अब अपने सबसे रोमांचक और अंतिम पड़ाव पर आ चुकी है। दोनों टीमें सीरीज पर कब्जा जमाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं। भारतीय कप्तान और कोच इस हार से सबक लेते हुए अपनी रणनीतियों में कुछ जरूरी बदलाव करने पर विचार कर रहे हैं। विशेषकर मध्यक्रम की बल्लेबाजी और डेथ ओवरों की गेंदबाजी में सुधार करने की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। मैदान पर खिलाड़ियों की फिटनेस और उनका मानसिक संतुलन भी इस बात तय करेगा कि सीरीज का आखिरी मुकाबला किसके पाले में जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब पूरी तरह से इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारतीय युवा ब्रिगेड वापसी करके श्रृंखला अपने नाम कर पाएगी या वेस्टइंडीज की टीम कोई नया उलटफेर करने में कामयाब होगी।









