नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — खेल के मैदान से इस वक्त एक बहुत बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आ रही है। क्रिकेट जगत में इन दिनों शतकों की गूंज हर तरफ सुनाई दे रही है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच चल रही सीरीज में बल्लेबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया है। इस सीरीज में शतकों की ऐसी झड़ी लगी है कि पिछले दस साल का सूखा खत्म हो गया है। आंकड़े बताते हैं कि जब भी दोनों टीमें आमने-सामने होती हैं, रन खूब बनते हैं लेकिन इस बार तो रिकॉर्ड्स की किताब ही पलट गई है। मैदान पर उतरते ही खिलाड़ी गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी नजर आ रहे हैं।
इस सीरीज में श्रेयस अय्यर का नाम सबसे आगे चल रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते हुए श्रेयस अय्यर ने शानदार शतक जड़ा और कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने मुश्किल समय में मैदान पर टिककर बल्लेबाजी की और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी इस पारी के बाद उनका नाम रोहित शर्मा जैसी खास खिलाड़ियों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है। कप्तान और चयनकर्ताओं का भरोसा भी उन पर और ज्यादा मजबूत हो गया है। एक छोटे टारगेट का पीछा करते हुए उन्होंने जिस तरह से पारी को संभाला, उसकी चर्चा हर खेल प्रेमी की जुबान पर है।
मैदान पर शतकों का नया इतिहास और पुराने रिकॉर्ड
क्रिकेट के इतिहास पर नजर डालें तो एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक जड़ने के मामले में कई पुराने रिकॉर्ड आज भी कायम हैं। करीब 78 साल पुराना एक ऐसा विश्व कीर्तिमान है जिसे आज तक कोई बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है। खेल के जानकारों का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में लगातार रन बनाना और हर मैच में शतक जड़ना आसान नहीं होता है। इसके लिए तकनीक के साथ-साथ मजबूत मानसिक ताकत की जरूरत होती है। वर्तमान दौर के खिलाड़ी भी इन पुराने रिकॉर्ड्स को तोड़ने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया प्रदर्शन ने एक बार फिर से इस बहस को जिंदा कर दिया है कि आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाजी का स्तर कितना ऊंचा हो गया है।
हालांकि, हर खिलाड़ी का सफर एक जैसा नहीं रहता है। खेल के मैदान में कुछ ऐसे भी सितारे रहे हैं जिन्होंने अपने पहले ही मैच यानी डेब्यू पर शतक जड़कर इतिहास रच दिया था। उस वक्त मीडिया और फैंस ने उन्हें सिर आंखों पर बिठा लिया था। लेकिन समय का पहिया ऐसा घूमा कि आज वही खिलाड़ी टीम इंडिया से कोसों दूर चल रहे हैं। खराब फॉर्म या फिटनेस की समस्याओं के कारण उन्हें टीम में जगह नहीं मिल पा रही है। यह इस खेल की कड़वी सच्चाई है जहां कल का चमकता सितारा आज गुमनामी के अंधेरे में भी जा सकता है।
युवा खिलाड़ियों के बड़े लक्ष्य और भविष्य की तैयारी
दूसरी तरफ, देश के युवा खिलाड़ी अब बहुत कम उम्र में ही बड़े सपने देखने लगे हैं। अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए चर्चा में आए युवा वैभव सूर्यवंशी ने अपने जीवन के छह बड़े लक्ष्यों का खुलासा किया है। उन्होंने एक ही ओवर में छह छक्के लगाने से लेकर सबसे तेज शतक जड़ने तक का सपना देखा है। इन युवा खिलाड़ियों की सोच यह दिखाती है कि आने वाले समय में खेल का स्तर और ज्यादा आक्रामक होने वाला है। वे केवल घरेलू स्तर पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
खेल प्रेमियों के लिए यह दौर किसी त्योहार से कम नहीं है। एक तरफ जहां सीनियर खिलाड़ी अपने शतकों से नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ युवा खिलाड़ी अपनी मेहनत से भविष्य की इबारत लिख रहे हैं। द फ्रीलान्स की टीम लगातार इन सभी गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा नया खिलाड़ी इन उम्मीदों पर खरा उतरता है और मैदान पर नया इतिहास रचता है। क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह इस समय सातवें आसमान पर है और हर कोई अगले मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।




