नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अपना दबदबा साबित किया है। आखिरी मुकाबले में भारत ने मेहमान टीम को नौ विकेट के बड़े अंतर से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने तीन मैचों की सीरीज तीन-शून्य से अपने नाम कर ली है। मैदान पर उतरे भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही अपनी आक्रामक शैली से गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। इस मुकाबले में बने रिकॉर्ड्स ने देश भर के क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
मैच का मुख्य आकर्षण युवा सलामी बल्लेबाजों का शानदार खेल रहा। शुभमन गिल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे लंबी पारियां खेलने के माहिर खिलाड़ी हैं। गिल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक जड़ा और कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किए। उनके इस प्रदर्शन के बाद क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या वे आने वाले समय में रोहित शर्मा के बड़े स्कोर और दोहरे शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे। खेल के जानकारों का मानना है कि गिल की तकनीक और उनका संयम उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में पूरी मदद कर रहा है।
यशस्वी जायसवाल का शतक और रोहित की पारी
शुभमन गिल के अलावा युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भी अपने बल्ले का कमाल दिखाया। जायसवाल ने अफगानिस्तान के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए बेहतरीन शतक जड़ा। उनकी इस पारी ने यह साफ कर दिया कि भारतीय टीम का अगला बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है। कप्तान रोहित शर्मा ने भी टीम को मजबूत शुरुआत दी और एक उपयोगी अर्धशतक लगाया। दोनों छोर से लगातार आ रहे रनों के कारण अफगानिस्तान के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए और मैदान पर विकेट के लिए तरसते दिखे।
भारतीय बल्लेबाजों के इस आक्रामक प्रदर्शन ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। मैदान पर मौजूद फैंस ने हर चौके और छक्के पर जमकर तालियां बजाईं। कोच और चयनकर्ताओं के लिए भी यह प्रदर्शन राहत भरा रहा क्योंकि टीम का शीर्ष क्रम पूरी तरह लय में लौट आया है। मैदान की पिच से शुरुआत में थोड़ी मदद मिलने की उम्मीद थी, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने अपनी शानदार तकनीक से उसे पूरी तरह अपने पक्ष में मोड़ लिया।
प्रसिद्ध कृष्णा की गेंदबाजी और ऐतिहासिक रिकॉर्ड
केवल बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी भारत का पलड़ा भारी रहा। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने अपनी शानदार गेंदबाजी का जलवा बिखेरते हुए पांच विकेट झटके। कृष्णा की गेंदे बल्लेबाजों को चकमा देने में पूरी तरह कामयाब रहीं और उन्होंने विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। अफगानिस्तान की पूरी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और कम स्कोर पर ही सिमट गई। इस जीत से भारतीय टीम का आत्मविश्वास आने वाले अंतरराष्ट्रीय दौरों के लिए काफी बढ़ गया है।
मैच के बाद क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि इस सीरीज के जरिए भारत ने अपनी बेंच स्ट्रेंथ को भी परखा है। युवा खिलाड़ियों का इस तरह दबाव में शतक लगाना टीम के उज्जवल भविष्य की गवाही देता है। देश के खेल प्रेमियों में इस जीत को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। द फ्रीलान्स की ग्राउंड टीम इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन और खेल के मैदान पर बने नए समीकरणों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भविष्य के मुकाबले और टीम इंडिया की रणनीति
इस शानदार जीत के बाद अब भारतीय टीम का अगला ध्यान आगामी बड़ी सीरीज और टूर्नामेंट्स पर है। चयनकर्ता और टीम प्रबंधन इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि किस खिलाड़ी को आराम दिया जाए और किसे मौका मिले। शतकों की इस आंधी ने भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा को और अधिक बढ़ा दिया है। आने वाले समय में फैंस को और भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे, जहां ये युवा खिलाड़ी अपनी चमक बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं।




