नई दिल्ली/खेल ब्यूरो — भारतीय क्रिकेट मैदानों इन दिनों रनों और शतकों का ऐसा तूफान आया है जिसने पिछले दस सालों के सभी पुराने समीकरण बदल कर रख दिए हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही ताजा सीरीज में बल्लेबाजों ने जमकर रन बनाए हैं और मैदान के चारों तरफ चौकों-छक्कों की बरसात कर दी है। खेल प्रेमियों के लिए यह सीरीज बेहद रोमांचक साबित हो रही है क्योंकि हर मुकाबले में कोई नया रिकॉर्ड बन रहा है या फिर पुराना रिकॉर्ड टूट रहा है। मैदान पर उतरने वाला हर भारतीय बल्लेबाज अपनी बेहतरीन फॉर्म का प्रदर्शन कर रहा है और विरोधी टीम के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दे रहा है।
इस सीरीज का सबसे बड़ा आकर्षण मध्य क्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर रहे जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ मैदान पर उतरते ही शतकों की झड़ी लगा दी। श्रेयस अय्यर ने 172 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहद शांत और सधे हुए अंदाज में बल्लेबाजी की और अपनी टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। इस शानदार शतक के साथ ही उन्होंने कप्तान रोहित शर्मा की उस खास और कुलीन सूची में अपना नाम दर्ज करवा लिया है, जिसमें दुनिया के चुनिंदा दिग्गज बल्लेबाज ही शामिल हैं। अय्यर की यह पारी दिखाती है कि भारतीय टीम का मध्य क्रम कितना मजबूत है और जरूरत पड़ने पर युवा खिलाड़ी टीम की कमान संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
दस साल बाद दोहराया गया शतकों का यह पुराना इतिहास
भारत और वेस्टइंडीज के मुकाबलों में वैसे तो हमेशा से कड़ा मुकाबला देखने को मिलता रहा है, लेकिन पिछले दस वर्षों में ऐसा नजारा कभी देखने को नहीं मिला था। इस बार के मैचों में दोनों टीमों के बीच खेल का स्तर इतना ऊंचा रहा कि स्कोरबोर्ड पर लगातार बड़े रन टंगते गए। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि पिच का मिजाज और बल्लेबाजों की तकनीक इस शतकों की सुनामी के पीछे सबसे बड़ी वजह रही है। वेस्टइंडीज के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के सामने पूरी तरह लाचार नजर आए और मैदान की छोटी सीमाओं का फायदा उठाकर बल्लेबाजों ने आसानी से अपने शतक पूरे किए। दर्शकों के लिए यह किसी बड़े त्योहार से कम नहीं था जो स्टेडियम में बैठकर इस ऐतिहासिक पलों का गवाह बन रहे थे।
दूसरी तरफ, भारतीय क्रिकेट के गलियारों में कुछ ऐसे खिलाड़ियों की भी चर्चा हो रही है जो कभी अपने डेब्यू मैच में शतक जड़कर रातों-रात सुपरस्टार बन गए थे। आज वही खिलाड़ी टीम इंडिया से काफी दूर चल रहे हैं और अपनी वापसी की राह देख रहे हैं। यह खेल का कड़वा सच है जहां एक शानदार पारी आपको आसमान पर बैठा देती है तो वहीं थोड़ी सी खराब फॉर्म आपको टीम से बाहर का रास्ता दिखा देती है। ऐसे खिलाड़ियों का संघर्ष यह बताता है कि केवल एक अच्छी पारी काफी नहीं होती, बल्कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करना ही टीम में टिके रहने की एकमात्र शर्त है। चयनकर्ताओं की नजरें ऐसे हर खिलाड़ी पर टिकी रहती हैं जो घरेलू क्रिकेट में रन बना रहा हो।
युवा ब्रिगेड की नई उड़ान और आने वाले कल के बड़े लक्ष्य
मैदान पर केवल सीनियर खिलाड़ी ही कमाल नहीं दिखा रहे हैं, बल्कि देश के कोने-कोने से निकल रहे युवा खिलाड़ी भी अब बड़े सपने देख रहे हैं। कम उम्र में ही अपनी धाक जमाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने खेल से सबको हैरान कर दिया है। एक ओवर में छह छक्के लगाने से लेकर सबसे तेज शतक जड़ने तक, वैभव ने अपने जीवन के छह सबसे बड़े लक्ष्य तय कर लिए हैं। वे आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा चेहरा बनना चाहते हैं और इसके लिए वे कड़ी मेहनत भी कर रहे हैं। इन युवा खिलाड़ियों का जोश देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत हाथों में है।
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास पर नजर डालें तो एक ही टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक जड़ने का रिकॉर्ड आज भी दिग्गजों के नाम दर्ज है। कई साल बीत जाने के बाद भी वे पुराने विश्व कीर्तिमान आज भी अटूट बने हुए हैं और उन्हें तोड़ना किसी भी आधुनिक बल्लेबाज के लिए लोहे के चने चबाने जैसा है। वर्तमान सीरीज के दौरान इन पुराने रिकॉर्ड्स की भी खूब चर्चा हो रही है क्योंकि आज के बल्लेबाज पुरानी पीढ़ी के उन दिग्गजों के नक्शेकदम पर चलना चाहते हैं। खेल के जानकारों का मानना है कि जिस रफ्तार से आज के युवा खिलाड़ी खेल रहे हैं, आने वाले कुछ सालों में कई और बड़े रिकॉर्ड टूट सकते हैं।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल और खेल का बदलता स्वरूप
हमारी ऑन-द-ग्राउंड पड़ताल बताती है कि भारतीय क्रिकेट में इन दिनों शतकों की संस्कृति तेजी से पैर पसार रही है। घरेलू अकादमियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक, हर बल्लेबाज का मुख्य फोकस केवल बड़े स्कोर बनाने और अपनी टीम को जीत दिलाने पर रहता है। फिटनेस और आक्रामक खेल शैली ने क्रिकेट के खेल को पूरी तरह बदल दिया है जहाँ अब रक्षात्मक खेल की जगह ताबड़तोड़ बल्लेबाजी को तरजीह दी जाती है। आने वाले महीनों में कई और बड़ी सीरीज खेली जानी हैं, जहाँ इन युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के सामने खुद को साबित करने के नए मौके होंगे। दर्शक भी यही उम्मीद कर रहे हैं कि मैदान पर रनों का यह सिलसिला आगे भी इसी तरह जारी रहे।




