नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग का नाम आज भी खेल जगत में पूरी शान के साथ लिया जाता है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में सहवाग जब भी कोई नई बात कहते हैं, वह तुरंत देश भर में चर्चा का विषय बन जाती है। उनके फैंस आज भी उनके पुराने छक्कों और मैदान पर दिखाए गए दबदबे को बहुत याद करते हैं। क्रिकेट के मैदान पर गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा करने वाले सहवाग ने खेल छोड़ने के बाद भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
ऑनलाइन सर्च प्लेटफॉर्म्स पर सहवाग से जुड़े आंकड़े और उनके पुराने प्रोफाइल आज भी करोड़ों लोग देखते हैं। क्रिकइन्फो जैसे बड़े खेल मंचों पर उनके रिकॉर्ड्स की सूची आज भी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी मिसाल है। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम दो तिहरे शतक दर्ज हैं, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। सहवाग ने हमेशा अपनी बल्लेबाजी में आक्रामक रवैया अपनाया और पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था।
मैदान पर बिना डरे खेलने का उनका पुराना अंदाज
सहवाग का बल्ला जब भी गरजता था, विरोधी टीम के कप्तान अपनी रणनीति बदलने को मजबूर हो जाते थे। वह ऐसे खिलाड़ी थे जो स्कोर की परवाह किए बिना अपनी स्वाभाविक शैली में शॉट खेलते थे। टेस्ट मैच के पहले दिन के पहले ओवर में चौका या छक्का जड़ना सिर्फ सहवाग के ही बस की बात मानी जाती थी। उनके इस अनोखे खेल ने भारत को कई ऐतिहासिक मैच जिताए और विदेशों में भी टीम को जीत दिलाई। खेल प्रेमियों के दिलों में उनकी यह छवि आज भी उतनी ही ताजा और मजबूत बनी हुई है।
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी सहवाग खेल के प्रति अपनी राय बहुत खुलकर रखते हैं। टीवी स्टूडियोज में विशेषज्ञ के तौर पर उनकी तीखी और सीधी टिप्पणियां दर्शकों को बहुत पसंद आती हैं। वह किसी भी मुद्दे पर घुमा-फिराकर बात करने के बजाय सीधी और दो टूक बात करना पसंद करते हैं। उनके इस स्वभाव की वजह से सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स की संख्या लगातार तेजी से बढ़ती जा रही है।
युवा खिलाड़ियों के लिए क्यों एक बड़ी प्रेरणा हैं सहवाग
आज के दौर में जब युवा खिलाड़ी टी-20 क्रिकेट की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं, तब सहवाग का करियर उन्हें सही दिशा दिखाता है। उन्होंने सिखाया कि कैसे बिना किसी दबाव के अपने प्राकृतिक खेल पर भरोसा रखा जाना चाहिए। घरेलू क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का उनका सफर हर उस शख्स के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहर से आकर बड़ा नाम कमाना चाहता है। उनकी यह सादगी और बेबाकी ही है जो उन्हें आज भी देश का सबसे चहेता खिलाड़ी बनाए रखती है।
डिजिटल दुनिया में उनके पुराने सांख्यिकीय रिकॉर्ड्स और उनके बयानों के वीडियो आज भी खूब शेयर किए जाते हैं। जब भी खेल से जुड़ी कोई बड़ी बहस छिड़ती है, सहवाग का नाम उसमें बहुत सम्मान के साथ लिया जाता है। फैंस के बीच उनकी लोकप्रियता का यह आलम यह साबित करता है कि सच्चे खेल प्रेमियों के दिलों से उनका नाम कभी नहीं मिट सकता।
आने वाले दिनों में खेल जगत से जुड़ी उनकी नई भूमिकाएं
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सहवाग क्रिकेट प्रशासन या किसी बड़ी कोचिंग भूमिका में भी नजर आ सकते हैं। युवा बल्लेबाजों को उनके जैसे आक्रामक तेवर सिखाने की आज के समय में बहुत जरूरत महसूस की जाती है। द फ्रीलान्स की इस खास पड़ताल से साफ है कि वीरेंद्र सहवाग का प्रभाव भारतीय क्रिकेट पर हमेशा गहरा बना रहेगा। चाहे वह पुराने रिकॉर्ड हों या नए जमाने के उनके विचार, खेल प्रेमियों के लिए वह हमेशा खास बने रहेंगे।









