नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के भीतर इन दिनों बड़े प्रशासनिक बदलावों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। खेल गलियारों से आ रही ताजा खबरों के अनुसार, पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और वर्तमान में नेशनल क्रिकेट एकेडमी प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को एक नया और बड़ा पद सौंपा जा सकता है। यह बदलाव भारतीय क्रिकेट की दिशा और दशा तय करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। बोर्ड के भीतर इस बात पर मंथन चल रहा है कि लक्ष्मण को टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ या चयन समिति से भी ऊपर एक स्वतंत्र और बड़ी भूमिका दी जाए।
बीसीसीआई के इस संभावित नए प्लान के तहत वीवीएस लक्ष्मण को 'डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट' या इसके समकक्ष किसी बेहद ऊंचे पद पर बैठाया जा सकता है। इसका मतलब यह होगा कि उनका रुतबा मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर से भी ऊंचा होगा। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि लक्ष्मण का यह नया रोल भारतीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट यानी टेस्ट, वनडे और टी-20 के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए तैयार किया जा रहा है। इससे पहले भी जब कभी मुख्य कोच उपलब्ध नहीं रहे हैं, तब लक्ष्मण ने अंतरिम कोच की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।
वीवीएस लक्ष्मण के कंधों पर होगी बोर्ड की बड़ी जिम्मेदारी
राष्ट्रीय राजधानी और मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय के सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि इस पूरी डील को अंतिम रूप देने में पूर्व सचिव जय शाह की अहम भूमिका रही थी। हालांकि अब पदाधिकारी बदल रहे हैं, लेकिन बोर्ड की इस सोची-समझी रणनीति पर काम जारी है। लक्ष्मण का ट्रैक रिकॉर्ड नेशनल क्रिकेट एकेडमी में युवाओं के साथ शानदार रहा है। उन्होंने शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों को तैयार करने में अहम योगदान दिया है। यही वजह है कि बोर्ड उन पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्हें एक नीतिगत और निर्णायक पद पर लाना चाहता है।
इस नए बदलाव के बाद वीवीएस लक्ष्मण के पास भारतीय क्रिकेट के भविष्य का खाका खींचने की पूरी ताकत होगी। घरेलू क्रिकेट से लेकर नेशनल एकेडमी और सीनियर टीम तक, हर स्तर पर खिलाड़ियों के विकास की देखरेख वही करेंगे। गौतम गंभीर जहां सीधे तौर पर ड्रेसिंग रूम और मैच की रणनीति संभालेंगे, वहीं लक्ष्मण भारतीय क्रिकेट के दीर्घकालिक लक्ष्यों पर काम करेंगे। अगरकर की चयन समिति भी इस नई व्यवस्था के तहत क्रिकेट निदेशक के दायरे में समन्वय के साथ काम कर सकती है।
गंभीर और अगरकर के साथ कैसे बैठेगा नया समीकरण
खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों के मन में यह सवाल जरूर आ रहा है कि इस नए पद के आने से मौजूदा कोचिंग और चयन तंत्र पर क्या असर पड़ेगा। लेकिन बोर्ड से जुड़े सूत्रों का साफ कहना है कि यह पद किसी के अधिकार क्षेत्र में दखل देने के लिए नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए है। वीवीएस लक्ष्मण अपने शांत स्वभाव और शानदार सूझबूझ के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में गंभीर की आक्रामक शैली और लक्ष्मण की शांत रणनीति का मेल भारतीय टीम के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
जमीनी स्तर पर खेल प्रशंसक और पूर्व क्रिकेटर इस संभावित फैसले का स्वागत कर रहे हैं। उनका मानना है कि आधुनिक क्रिकेट की मांगों को पूरा करने के लिए बोर्ड को ऐसे ही दूरदर्शी फैसलों की जरूरत है। आने वाले कुछ हफ्तों में बीसीसीआई इस पर आधिकारिक मुहर लगा सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वीवीएस लक्ष्मण इस नई चुनौती को किस रूप में स्वीकार करते हैं और भारतीय क्रिकेट को किस ऊंचाई पर ले जाते हैं।
भारतीय क्रिकेट के भविष्य पर पड़ेगा इसका गहरा असर
द फ्रीलान्स की पड़ताल बताती है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड लगातार वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने और खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेज करने के लिए नई व्यवस्था बना रहा है। खिलाड़ियों के चोटिल होने की समस्या से निपटने के लिए एनसीए और सीनियर टीम के बीच मजबूत कड़ी होना बहुत जरूरी है। वीवीएस लक्ष्मण इस काम के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा माने जा रहे हैं।
आगामी दौर के मुकाबलों और बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए यह प्रशासनिक फेरबदल काफी मायने रखता है। भारतीय टीम को आने वाले समय में कई कड़े दौरे और सीरीज खेलनी हैं, जिसके लिए मजबूत प्लानिंग की जरूरत है। बोर्ड की यह तैयारी इस बात का संकेत है कि भारतीय क्रिकेट अब सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि बोर्ड रूम में भी पेशेवर और आधुनिक तरीकों से चलाया जाएगा।









