हरारे के मैदान पर महिलाओं के क्रिकेट में एक नया इतिहास लिखा गया है। ज़िम्बाब्वे और वेस्टइंडीज महिला टीम के बीच चल रही सीरीज के दूसरे टी20 मैच में वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज ने बल्ले से तबाही मचा दी। उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए 182 रनों की नाबाद और रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली। इस बड़ी पारी के दम पर वेस्टइंडीज की टीम ने स्कोरबोर्ड पर बहुत बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। ज़िम्बाब्वे के गेंदबाजों के पास हेली मैथ्यूज के आक्रामक खेल का कोई जवाब नहीं था।
हेली मैथ्यूज ने अपनी इस पारी में वेस्टइंडीज क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने अपनी पारी के दौरान कई बेहतरीन चौके और छक्के जड़े। क्रिकेट इतिहास में महिला टी20 मुकाबलों में यह सबसे बड़ी पारियों में से एक बन गई है। मैदान पर मौजूद दर्शक और विरोधी टीम के खिलाड़ी भी उनकी इस शानदार बल्लेबाजी को देखते रह गए। इस पारी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
17 साल की बल्लेबाज का मैदान पर जलवा
इस मुकाबले में सिर्फ कप्तान हेली मैथ्यूज ने ही नहीं बल्कि वेस्टइंडीज की युवा खिलाड़ियों ने भी कमाल का खेल दिखाया। टीम की तरफ से खेल रही सिर्फ 17 साल की एक युवा बल्लेबाज ने मैदान पर उतरते ही अपने तेवर दिखा दिए। उन्होंने केवल 20 गेंदों का सामना करते हुए अपना तूफानी अर्धशतक पूरा कर लिया। इस युवा खिलाड़ी ने अपनी पारी में विरोधी टीम के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। इतनी कम उम्र में ऐसा रिकॉर्ड बनाना भविष्य के लिए अच्छे संकेत देता है।
युवा बल्लेबाज और कप्तान हेली मैथ्यूज के बीच हुई साझेदारी ने ज़िम्बाब्वे की टीम को मैच से पूरी तरह बाहर कर दिया। दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में रन बटोरे। ज़िम्बाब्वे की टीम के कप्तान ने विकेट लेने के लिए कई बदलाव किए लेकिन कोई भी रणनीति काम नहीं आई। वेस्टइंडीज की टीम ने निर्धारित ओवरों में विशाल स्कोर बनाकर मैच पर पूरी तरह शिकंजा कस लिया। मैदान पर रनों की बारिश देखकर फैंस भी बेहद खुश नजर आए।
सीरीज पर वेस्टइंडीज का शानदार कब्जा
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी ज़िम्बाब्वे की महिला टीम की शुरुआत बिल्कुल अच्छी नहीं रही। वेस्टइंडीज की तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही ज़िम्बाब्वे के अहम विकेट गिरा दिए। ज़िम्बाब्वे की बल्लेबाज मैदान पर टिकने के लिए संघर्ष करती नजर आईं। टीम के शुरुआती झटकों से उबरने का मौका ही नहीं मिला और पूरी टीम दबाव में बिखर गई। वेस्टइंडीज की कसी हुई गेंदबाजी के आगे ज़िम्बाब्वे के बल्लेबाज ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं सके।
इस शानदार जीत के साथ ही वेस्टइंडीज की महिला टीम ने सीरीज पर भी कब्जा कर लिया है। सीरीज के शुरुआती मैचों से ही वेस्टइंडीज की टीम ने बेहतरीन फॉर्म दिखाई है। कप्तान हेली मैथ्यूज की अगुवाई में टीम का हर खिलाड़ी मैदान पर पूरी ऊर्जा के साथ उतरा। मैच जीतने के बाद वेस्टइंडीज के खेमे में जश्न का माहौल है। इस सीरीज जीत से टीम का आत्मविश्वास आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए काफी बढ़ जाएगा। ज़िम्बाब्वे की टीम को इस सीरीज से अपनी कमियों पर काम करने का बड़ा मौका मिला है।



