नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमतों को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले कुछ दिनों से लगातार आसमान छू रहे सोने के दामों में आज दोपहर के बाद अचानक से गिरावट दर्ज की गई। बाजार के जानकारों का मानना है कि इसके पीछे मुख्य वजह रुपये की स्थिति में सुधार और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बने हालात हैं। आम आदमी जो इन दिनों शादियों और त्योहारों के सीजन के चलते सोना खरीदने की सोच रहा था, उसके लिए यह दिन एक राहत भरी खबर लेकर आया है। बाजार में सुबह के वक्त कीमतें काफी ऊंची खुली थीं लेकिन दोपहर ढलते-ढलते बिकवाली हावी हो गई और दाम नीचे आ गए।
इस पूरे घटनाक्रम पर हमारी टीम ने जब दिल्ली और मुंबई के बड़े सर्राफा कारोबारियों से बात की, तो उन्होंने बताया कि पिछले चौबीस घंटों में विदेशी बाजारों से भी मिले-जुले संकेत मिल रहे थे। ब्याज दरों में बदलाव की संभावनाओं के कारण निवेशक सोने में पैसा लगाने से पहले थोड़ा सोच-विचार कर रहे हैं। इसका सीधा असर यह हुआ कि घरेलू बाजार में खरीदार भी अब संभलकर कदम रख रहे हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति में जो थोड़ा सुधार हुआ है, उसने विदेश से आने वाले सोने की लागत को कुछ हद तक काबू में रखा है। यही वजह है कि अचानक से कीमतों में जो बड़ा उछाल आने की आशंका थी, वह टल गई।
रुपये की मजबूती ने कैसे रोकी आसमान छूती कीमतें?
विदेशी मुद्रा बाजार में आज रुपये ने अपनी स्थिति को थोड़ा मजबूत किया जिसका सीधा फायदा आयात होने वाली धातुओं पर पड़ा। जब हमारा रुपया मजबूत होता है, तो हमें बाहर से सामान खरीदने में कम पैसे चुकाने पड़ते हैं। सोना भी हमारे देश में बड़े पैमाने पर बाहर से ही मंगाया जाता है। यही कारण है कि रुपये की इस छोटी सी तेजी ने सोने के दाम को और अधिक बढ़ने से रोक लिया। अगर रुपया आज कमजोर रहता, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव में सोने की कीमतें रिकॉर्ड तोड़ ऊंचाई पर पहुंच सकती थीं। लेकिन समय रहते भारतीय मुद्रा के संभलने से घरेलू बाजार में ग्राहकों को बड़ी राहत मिल गई और कीमतें काबू में आ गईं।
बाजार के एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि आने वाले दिनों में ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंकों के फैसले बहुत अहम होंगे। रिजर्व बैंक और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले कदमों पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। जब भी ब्याज दरें बढ़ती हैं, लोग सोने के मुकाबले बैंकों या अन्य सुरक्षित जगहों पर पैसा लगाना पसंद करते हैं। इसके विपरीत, जब ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो लोग सोने की तरफ भागते हैं। फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है क्योंकि दुनिया भर के अर्थशास्त्री इस बात पर बहस कर रहे हैं कि केंद्रीय बैंक आगे क्या नीति अपनाएंगे। इसी उथल-पुथल के बीच भारतीय बाजार में आज सोने के खरीदार सतर्क नजर आए और उन्होंने बहुत सोच-समझकर ही खरीदारी की।
सर्राफा बाजारों में ग्राहकों की क्या है प्रतिक्रिया?
चांदनी चौक और जोहरी बाजार जैसे प्रमुख सर्राफा बाजारों में आज सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही सामान्य दिनों से थोड़ी ज्यादा थी। लोग अपने पुराने गहनों को बदलने या नई खरीदारी के लिए भाव पूछते नजर आए। दोपहर बाद जैसे ही कीमतें गिरने की खबर फैली, कुछ दुकानों पर खरीदारों की भीड़ में हल्का इजाफा भी देखा गया। हालांकि, ज्यादातर लोग अभी भी यह मानकर चल रहे हैं कि आने वाले हफ्तों में शादियों का सीजन होने के कारण दामों में फिर से उतार-चढ़ाव आ सकता है। इसलिए हर कोई एक बार में भारी खरीदारी करने से बच रहा है और टुकड़ों में सोना खरीद रहा है ताकि जोखिम को कम किया जा सके।
छोटे दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों का रुझान इस बात पर ज्यादा है कि वे बाजार के हर छोटे बदलाव पर नजर रखें। इंटरनेट और मोबाइल ऐप्स के जरिए लोग पल-पल के भाव खुद जांच रहे हैं और उसके बाद ही दुकान का रुख कर रहे हैं। पहले की तरह अब कोई भी ग्राहक बिना सोचे-समझे बड़ी रकम का सोना नहीं खरीद रहा है। डिजिटल माध्यमों के आने से पारदर्शिता जरूर बढ़ी है, लेकिन वैश्विक बाजारों की उथल-पुथल ने छोटे निवेशकों की चिंता को थोड़ा बढ़ा दिया है। वे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि क्या यह समय सोना खरीदने का सबसे सही समय है या उन्हें थोड़ा और इंतजार करना चाहिए।
खरीदारी से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
अगर आप भी आने वाले दिनों में सोना या उससे बने आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले तो किसी भी दुकान से सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता यानी हॉलमार्क के निशान को जरूर जांच लें। इसके अलावा, सोने के मूल भाव के साथ-साथ दुकानदारों द्वारा लिया जाने वाला मेकिंग चार्ज यानी गढ़ाई शुल्क भी अलग-अलग जगहों पर अलग होता है। इसलिए दो-तीन जगह पता करने के बाद ही अपना सौदा पक्का करें। बाजार के जानकारों की सलाह है कि इस अस्थिर माहौल में एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय किस्तों में या एसआईपी के जरिए सोने में निवेश करना ज्यादा समझदारी भरा कदम साबित हो सकता है।





